एजेंसी, भोपाल। CM Mohan Yadav : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। राज्य सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए ‘शेल्टर होम’ यानी आश्रय स्थल निर्माण के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इन आश्रय स्थलों में परिजनों को बहुत ही कम खर्च पर रहने और खाने की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुविधा वर्तमान के साथ-साथ भविष्य में बनने वाले सभी मेडिकल कॉलेजों में भी प्रदान की जाएगी।
आज कैबिनेट बैठक में “कृषि वर्ष 2026” के अंतर्गत किसान भाइयों के हित में बड़ा निर्णय किया।
अब ग्रामीण क्षेत्र की कृषि भूमि के अर्जन पर अन्नदाताओं को बाजार दर का 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा। पहले यह दो गुना था।#CabinetMP pic.twitter.com/NvJ10o8NMw
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) April 22, 2026
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए आगामी 5 वर्षों में सभी मेडिकल कॉलेजों में ऑर्गन ट्रांसप्लांट और कैथ लैब जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिस पर लगभग 2 हजार करोड़ रुपए व्यय होंगे। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 33 हजार करोड़ रुपए के बजट को स्वीकृति दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों के लिए भी एक बड़ा फैसला लेते हुए डॉ. मोहन यादव की सरकार ने ‘फैक्टर-2’ लागू किया है, जिससे जमीन अधिग्रहण की स्थिति में किसानों को अब चार गुना तक मुआवजा मिल सकेगा।
सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से बनेंगे परिजनों के लिए बसेरे
मध्य प्रदेश में यह पहली बार है जब मरीजों के साथ आने वाले सेवादारों की सुविधा के लिए विशेष शेल्टर होम बनाए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अक्सर दूर-दराज से आने वाले लोगों को अस्पतालों में रुकने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सरकार इन केंद्रों के लिए केवल भूमि प्रदान करेगी, जबकि निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी सामाजिक संस्थाएं संभालेंगी।
इन आश्रय स्थलों में ठहरने और भोजन का शुल्क एक विशेष समिति द्वारा निर्धारित किया जाएगा, जो बेहद किफायती होगा। इस पहल का उद्देश्य लाभ कमाना नहीं बल्कि समाजसेवा के भाव से लोगों की मदद करना है। प्रथम चरण में प्रदेश के 20 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में यह व्यवस्था शुरू करने के लिए संस्थाओं से आवेदन मांगे जाएंगे।
उज्जैन सिंचाई परियोजना और विद्यार्थियों को बड़ी सौगात
कैबिनेट ने उज्जैन क्षेत्र के लिए 157 करोड़ रुपए की लागत वाली सिंचाई योजना को मंजूरी दी है, जिससे करीब 35 गांवों के किसानों को सीधा लाभ पहुँचेगा। वहीं, छिंदवाड़ा जिले के लिए पुनर्वास कार्यों हेतु 128 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा निवेश करने का फैसला किया है। अगले 5 वर्षों में कक्षा 6वीं और 9वीं के छात्रों को निशुल्क साइकिल वितरण के लिए 990 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही, शिक्षकों के प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक बनाने के लिए 1200 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री केयर योजना और महिला सशक्तिकरण पर जोर
प्रदेश सरकार ने ‘सीएम केयर योजना 2026’ को आगामी 5 वर्षों तक जारी रखने का निर्णय लिया है, जिस पर कुल 3628 करोड़ रुपए खर्च होंगे। सरकार के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि ‘नारी शक्ति वंदन’ अभियान के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए विधानसभा का एक विशेष सत्र भी आयोजित किया जाएगा।
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