एजेंसी, इंदौर। CM Mohan Yadav : मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में जल संरक्षण और पर्यावरण को बचाने के लिए एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। राज्यभर में पानी को बचाने के लिए चलाए जा रहे विशेष ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बृहस्पतिवार को इंदौर के मशहूर लिंबोदी तालाब पहुंचकर खुद अपने हाथों से मिट्टी उठाकर श्रमदान किया। इस बड़े अवसर पर मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद हजारों आम नागरिकों, युवाओं और महिलाओं को जीवन में पानी की एक-एक बूंद को बचाने और अपने आस-पास के पुराने जल स्रोतों को सुरक्षित रखने के लिए एक पवित्र शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सरकारी अभियान की सबसे बड़ी ताकत जनता का श्रमदान ही होता है। जब देश का आम नागरिक खुद अपनी मर्जी से पानी के स्रोतों को साफ और सुरक्षित रखने के लिए आगे आता है, तभी कोई सरकारी योजना एक सच्चे जनआंदोलन का रूप ले पाती है।
‘जल संरक्षण’ आने वाले कल को सुरक्षित करने का सामूहिक संकल्प है…
आज इंदौर में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत लिंबोदी तालाब में जारी जल संरक्षण एवं गहरीकरण कार्यों का अवलोकन कर श्रमदान किया। इस अवसर पर उपस्थित नागरिकों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री… pic.twitter.com/JDzCifwMvR
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 18, 2026
तालाबों के जीर्णोद्धार का निरीक्षण और भविष्य का संकल्प
इंदौर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लिंबोदी तालाब को और ज्यादा गहरा करने तथा उसके किनारों को मजबूत बनाने के लिए चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। वहां मौजूद अधिकारियों और जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने एक बेहद महत्वपूर्ण बात कही कि पानी को बचाना दरअसल हमारे आने वाले कल यानी हमारी भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित करने का एक सामूहिक संकल्प है। मुख्यमंत्री ने साफ लफ्जों में चेताया कि आने वाले समय में पानी के बड़े संकट से निपटने के लिए केवल सरकार के भरोसे बैठना या सिर्फ सरकारी योजनाओं को लागू करना काफी नहीं होगा, बल्कि इसके लिए पूरे समाज को अपनी मर्जी से सक्रिय रूप से अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने शहर के सभी सामाजिक संगठनों, नौजवानों, छात्र-छात्राओं और गैर-सरकारी संस्थाओं से अपील की कि वे इस पुनीत कार्य में अपनी पूरी ताकत से जुट जाएं।
प्रधानमंत्री के बड़े विजन को जमीन पर उतार रहा है मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संरक्षण के महान विजन की तारीफ करते हुए कहा कि राज्य सरकार उनके इस संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री के इसी सपने को साकार करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश में गुड़ी पड़वा के पावन त्योहार से इस ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की शुरुआत की गई थी। इस अभियान के तहत अब तक पूरे प्रदेश में दो लाख से भी अधिक जल संरक्षण और संवर्धन के बड़े काम सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। इन ऐतिहासिक कार्यों में प्रदेश के पुराने तालाबों को गहरा करना, सूखती जा रही नदियों की अच्छे से सफाई करना, पुरानी जल संरचनाओं को नया जीवन देना, उपेक्षित पड़े कुओं और बावड़ियों की मरम्मत करना तथा बरसात के पानी को जमीन के भीतर उतारने यानी वर्षा जल संचयन (वॉटर हार्वेस्टिंग) से जुड़े तमाम बड़े काम शामिल हैं।
जल संरक्षण के क्षेत्र में इंदौर ने पेश की अनोखी मिसाल
मुख्यमंत्री ने देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की तारीफ करते हुए कहा कि यह शहर केवल स्वच्छता में ही नहीं, बल्कि अब पानी बचाने के मामले में भी पूरे देश के सामने एक नया उदाहरण पेश कर रहा है। इंदौर शहर के भीतर अब तक दस से ज्यादा बड़े ऐतिहासिक तालाबों और दो सौ पचास से अधिक पुराने कुओं और बावड़ियों के जीर्णोद्धार का काम रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है। इस बड़े कदम से न केवल शहर में पानी को रोकने की क्षमता में भारी बढ़ोतरी होगी, बल्कि जमीन के नीचे का जल स्तर (ग्राउंड वॉटर लेवल) भी बहुत तेजी से ऊपर आएगा। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि केंद्र सरकार की ‘अमृत २.० योजना’ के अंतर्गत इंदौर के प्रसिद्ध बिलावली तालाब, लिंबोदी तालाब और छोटा सिरपुर तालाब के संरक्षण, जीर्णोद्धार और उन्हें सुंदर बनाने का काम बहुत तेज गति से किया जा रहा है। इन सभी बड़ी परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य पुराने जल स्रोतों को दोबारा जीवित करने के साथ-साथ उन्हें प्रकृति और पर्यटन के लिहाज से भी एक खूबसूरत केंद्र के रूप में विकसित करना है।
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