एजेंसी, चंदौली। Chandauli temple dome collapse : उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सड़क निर्माण और अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान एक अत्यंत दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है। मुगलसराय-वाराणसी मार्ग को चौड़ा करने के उद्देश्य से सड़क के ठीक मध्य में बने एक प्राचीन मंदिर को हटाने के लिए बुलडोजर से की जा रही कार्रवाई के दौरान मंदिर का विशाल गुंबद अचानक भरभराकर गिर गया। इस भयानक हादसे की चपेट में आने से वहां तैनात एक वरिष्ठ मजदूर की मलबे के नीचे दबकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में हाहाकार और अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कराया और निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी।
Chandauli, Uttar Pradesh: A contract worker employed by a private company engaged in a road-widening project died after being trapped under debris during the demolition of a nearly 150-year-old Kali Mata temple near Mughalsarai railway station. The worker, identified as Baldev, a… pic.twitter.com/m8rt3XANyu
— IANS (@ians_india) July 11, 2026
गंतव्य मार्ग के बीचोंबीच स्थित था ऐतिहासिक मंदिर, 10 फीट दूर खड़े श्रमिकों पर काल बनकर गिरा मलबा
स्थानीय प्रशासन और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक घटना मुगलसराय क्षेत्र में शुक्रवार रात लगभग 11 बजे घटित हुई। लगभग 200 वर्ष पुराना यह ऐतिहासिक काली माता मंदिर मुख्य मार्ग के बिल्कुल बीचोंबीच स्थित था, जिसे यातायात सुगम बनाने और मार्ग के चौड़ीकरण के लिए हटाया जा रहा था। जिस समय भारी मशीनरी द्वारा मंदिर के ऊपरी ढांचे को ढहाया जा रहा था, उस समय दो मजदूर सुरक्षा के लिहाज से करीब 10 फीट की दूरी पर सुरक्षा रस्सी थामकर खड़े थे। तभी अचानक विशाल गुंबद पूरी तरह से टूटकर नीचे गिरने लगा और बुलडोजर के अगले हिस्से से टकराकर अप्रत्याशित रूप से अपनी दिशा बदलते हुए सीधे उन दोनों मजदूरों की तरफ मुड़ गया। मलबे को अपनी ओर आता देख दोनों श्रमिकों ने वहां से भागने का भरसक प्रयास किया, लेकिन गुंबद इतनी तीव्र गति से गिरा कि उसने लोहे की सुरक्षा बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए दोनों को अपने नीचे दबा लिया।
स्थानीय निवासियों और पुलिसकर्मियों ने मलबे से निकाला बाहर, चिकित्सकों ने 1 को घोषित किया मृत
इस भयावह हादसे को देखकर वहां उपस्थित लोगों और पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। आसपास मौजूद नागरिकों और गश्त कर रहे पुलिस बल ने बिना एक पल गंवाए मलबे को हटाने का काम शुरू किया और भारी पत्थरों के नीचे दबे दोनों घायलों को किसी तरह बाहर निकाला। दोनों को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां तैनात चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद 58 वर्षीय मजदूर बलदेव यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दूसरे घायल मजदूर की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां वर्तमान में उसका गहन उपचार जारी है। इस पूरी घटना का एक अत्यंत विचलित करने वाला दृश्य भी सामने आया है, जिसमें सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी साफ दिखाई दे रही है।
पीड़ित परिवार ने लगाया सूचना छिपाने का बड़ा आरोप, 50 लाख मुआवजे और सरकारी नौकरी की उठी मांग
हासदे में अपनी जान गंवाने वाले मृतक बलदेव यादव झुमरी इलाके के निवासी थे। उनके भाई नथनी यादव ने प्रशासन और संबंधित निर्माण कंपनी पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके भाई की मृत्यु के करीब 1 घंटे बाद तक परिवार को इस दुखद घटना की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि जब वे बदहवास हालत में घटना स्थल पर पहुंचे, तब भी वहां मौजूद कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति सही स्थिति बताने को तैयार नहीं था और काफी मिन्नतें करने के बाद एक पुलिसकर्मी ने उन्हें बलदेव का मोबाइल फोन सौंपा। पीड़ित परिवार ने सरकार से मांग की है कि मृतक के आश्रितों को तुरंत 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी जाए और बलदेव के बेटे को योग्यता के अनुसार सरकारी सेवा में नियुक्त किया जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों ने दिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश, निजी कंपनी पर कार्रवाई की तैयारी
इस संवेदनशील मामले पर चंदौली के उप जिला अधिकारी राजीव मोहन सक्सेना ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ पूरी संवेदना रखता है और उन्हें हर संभव वैधानिक तथा आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य एक निजी निर्माण कंपनी को आवंटित किया गया था और मृतक बलदेव पिछले 3 वर्षों से निरंतर उसी कंपनी के अधीन अपनी सेवाएं दे रहे थे। उप जिला अधिकारी ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की लापरवाही का मामला प्रतीत हो रहा है, जिसकी बारीकी से जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि निजी कंपनी की ओर से भी पीड़ित परिवार को पूरा हर्जाना दिलाया जाएगा और यदि जांच में कंपनी की लापरवाही पूर्ण रूप से सिद्ध होती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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