नरोत्तम मिश्रा

दतिया उपचुनाव में आशुतोष तिवारी को टिकट मिलने पर मचा भारी बवाल, नरोत्तम मिश्रा के नाराज समर्थकों ने दी भाजपा की हार की खुली चेतावनी

दतिया प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, दतिया। Datia bypoll Ashutosh Tiwari : मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा क्षेत्र में होने वाले आगामी उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा आशुतोष तिवारी को अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद से शुरू हुआ राजनीतिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। टिकट वितरण से असंतुष्ट और पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नाराज समर्थकों को शांत करने की प्रदेश संगठन की तमाम कोशिशें पूरी तरह विफल साबित हो रही हैं। शनिवार दोपहर को स्थिति को नियंत्रित करने और असंतुष्ट गुट को समझाने के उद्देश्य से भाजपा के प्रदेश प्रभारी अभयप्रताप सिंह स्वयं दतिया स्थित जिला भाजपा कार्यालय पहुंचे। हालांकि, नाराज कार्यकर्ताओं ने प्रदेश प्रभारी की एक न सुनी और उल्टा उन्हें ही तीखे तेवरों में आड़े हाथों ले लिया, जिसके कारण प्रदेश प्रभारी को कुछ ही देर में कार्यालय से बैरंग वापस लौटना पड़ा।

टिकट न बदलने पर पराजय की चेतावनी और पदाधिकारियों के सामूहिक इस्तीफे

जिला कार्यालय में एकत्र हुए नरोत्तम मिश्रा के कट्टर समर्थकों ने प्रदेश प्रभारी अभयप्रताप सिंह के सामने अपनी गंभीर आपत्ति दर्ज कराते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि शीर्ष नेतृत्व ने दतिया से चुनावी प्रत्याशी को नहीं बदला, तो आगामी उपचुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। दतिया में असंतोष की आग इस कदर भड़क चुकी है कि शुक्रवार रात को ही भाजपा के जिला अध्यक्ष रघुवीर सरण सहित तमाम जिला पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से अपने पदों से त्यागपत्र दे दिया था। इतना ही नहीं, दतिया नगर पालिका के सभी भाजपा पार्षदों और सैकड़ों सक्रिय कार्यकर्ताओं ने भी अपने इस्तीफे पार्टी संगठन को भेजकर केंद्रीय नेतृत्व के फैसले के खिलाफ खुला विद्रोह कर दिया है।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर उग्र प्रदर्शन, वाहनों में तोड़फोड़ और पुलिस पर पथराव

नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार न बनाए जाने से आक्रोशित समर्थकों का उग्र प्रदर्शन शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा और स्थिति बेहद हिंसक हो गई। सुबह से ही हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर पहुंचकर आवागमन को पूरी तरह ठप कर दिया, जिससे सड़क पर 15 किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया। इस दौरान उग्र भीड़ ने कई वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की और कुछ गाड़ियों को सड़क पर ही पलट दिया। जब पुलिस बल ने जाम खुलवाने का प्रयास किया, तो उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया, जिसमें दतिया के पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल और कई अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जैसे-तैसे राजमार्ग को बहाल कराया।

दतिया शहर में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए लागू की गई धारा 163

दतिया के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लगभग 3000 से अधिक उपद्रवियों ने शहर की शांति व्यवस्था को पूरी तरह से भंग करने का प्रयास किया है। इन तत्वों ने पहले जबरन मुख्य बाजारों को बंद कराने की कोशिश की और फिर राष्ट्रीय राजमार्ग को अवरुद्ध कर बैठ गए। शहर के भीतर बिगड़ती कानून व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निषेधाज्ञा आदेश आगामी कड़े फैसले तक पूरी तरह से प्रभावी रहेगा और किसी भी प्रकार के सार्वजनिक एकत्रीकरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा की कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की भावुक अपील

इस भारी हंगामे और हिंसा के बीच पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा स्वयं दतिया भाजपा कार्यालय पहुंचे और उन्होंने संचार माध्यमों के सामने आकर अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने बेहद सधे हुए शब्दों में कहा कि वे पहले भी कह चुके हैं और आज भी दोहरा रहे हैं कि टिकट का निर्धारण पूरी तरह से पार्टी का आंतरिक निर्णय है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि जो लोग पेट्रोल और डीजल डालकर आत्मदाह करने जैसी आत्मघाती कोशिशें कर रहे हैं या मार्ग अवरुद्ध कर रहे हैं, वे ऐसा कोई भी गैर-कानूनी कार्य न करें। नरोत्तम मिश्रा ने समझाया कि लोकतंत्र में पार्टी के मंच पर अपनी बात रखने के स्थापित तरीके होते हैं, और इस तरह हिंसात्मक रूप से विरोध दर्ज कराना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

30 जुलाई को होगा मतदान और 3 अगस्त को घोषित होंगे चुनावी नतीजे

दतिया उपचुनाव के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई समयसारिणी के अनुसार, नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इसके ठीक अगले दिन 14 जुलाई 2026 को जमा किए गए सभी नामांकन पत्रों की संवीक्षा यानी जांच की जाएगी। चुनाव से पीछे हटने वाले प्रत्याशी 16 जुलाई 2026 तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। इस बहुचर्चित सीट पर मतदान की प्रक्रिया 30 जुलाई 2026 को संपन्न होगी, जबकि सभी मतों की गणना 3 अगस्त 2026 को की जाएगी। प्रशासन ने दावा किया है कि पूरी निर्वाचन प्रक्रिया को 4 अगस्त 2026 तक हर हाल में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करा लिया जाएगा।

ये भी पढ़े : दतिया उपचुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका : पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की 3 साल की सजा दिल्ली हाईकोर्ट में बरकरार, विधानसभा सदस्यता समाप्त

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply