एजेंसी, नई दिल्ली। CBSE Portal Cyber Attack : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए एक बहुत ही भयानक और सुनियोजित साइबर हमले की खबर सामने आई है। बोर्ड द्वारा शुरू किए गए छात्रों की कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन या री-इवैल्यूएशन पोर्टल को पूरी तरह से ठप करने के इरादे से कुछ अज्ञात और शातिर साइबर अपराधियों ने एक बड़ी साजिश रची थी। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह एक बेहद गंभीर किस्म का डिनायल ऑफ सर्विस यानी डॉस अटैक था। इस बड़े साइबर हमले का मुख्य लक्ष्य किसी भी तरह से बोर्ड के मुख्य सर्वर को क्रैश करना और ऑनलाइन सेवाओं को पूरी तरह से बाधित करना था ताकि लाखों छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़े। हैकर्स की मंशा थी कि पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया रुक जाए, लेकिन बोर्ड की मुस्तैदी और मजबूत तकनीकी सुरक्षा के कारण अपराधियों की यह खौफनाक साजिश पूरी तरह से विफल हो गई और सिस्टम सुरक्षित रहा।
#𝐂𝐁𝐒𝐄 𝐩𝐨𝐬𝐭𝐬 𝐮𝐩𝐝𝐚𝐭𝐞 𝐟𝐫𝐨𝐦 𝐂𝐲𝐛𝐞𝐫𝐬𝐞𝐜𝐮𝐫𝐢𝐭𝐲 𝐭𝐞𝐚𝐦𝐬:
The revaluation portal is successfully supporting 8,000+ concurrent users, with over 16,000 students completing submissions by 3 PM today.
Despite malicious cyberattack attempts, including a 1.5… https://t.co/ic7DcNPgHs
— All India Radio News (@airnewsalerts) June 2, 2026
दो मिनट में पंद्रह लाख हिट्स का जबरदस्त हमला
इस साइबर हमले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शातिर हमलावरों ने बेहद सुनियोजित और तकनीकी तरीके से मात्र एक सौ बीस सेकंड यानी दो मिनट के बहुत ही छोटे से समय के भीतर पोर्टल पर पंद्रह लाख से भी अधिक कृत्रिम हिट्स भेज दिए। इतनी बड़ी संख्या में अचानक आए ट्रैफिक का एकमात्र उद्देश्य वेबसाइट के सर्वर पर भारी दबाव डालना और उसे क्रैश करना था। इसके अलावा, सिस्टम के सुरक्षा कवच को तोड़ने और अवैध रूप से बोर्ड की बेहद गोपनीय और महत्वपूर्ण फाइलों तक एक्सेस बनाने के लिए भी एक लाख से अधिक बार प्रयास किए गए। अपराधियों की यह पूरी कोशिश इस बात पर केंद्रित थी कि सर्वर बैठ जाए और जो भी छात्र अपने अंकों से असंतुष्ट होकर पुनर्मूल्यांकन के लिए अपना फॉर्म जमा करना चाहते हैं, वे ऐसा न कर सकें और उन्हें भारी मानसिक तनाव से गुजरना पड़े।
सीबीएसई का मजबूत सुरक्षा तंत्र और नाकाम साजिश
इतने बड़े और सुनियोजित हैकिंग के प्रयास के बावजूद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का डिजिटल सुरक्षा तंत्र बेहद मजबूत और अभेद्य साबित हुआ। हैकर्स की वेबसाइट को डाउन करने की हर संभव कोशिश धरी की धरी रह गई। बोर्ड के तकनीकी अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में भी इस महत्वपूर्ण पोर्टल पर एक ही समय में आठ हजार से ज्यादा यूजर्स यानी छात्र बिना किसी रुकावट के एक्टिव हैं और अपना काम कर रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, हमले वाले दिन दोपहर तीन बजे तक पूरे देश से सोलह हजार से अधिक छात्र बिना किसी तकनीकी परेशानी या सर्वर एरर के सफलतापूर्वक अपने पुनर्मूल्यांकन के आवेदन सबमिट कर चुके थे। इससे यह साफ हो जाता है कि सीबीएसई की आईटी टीम ने किस तरह से संकट के समय में मोर्चा संभाला और लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस अहम वेबसाइट को सुरक्षित रखा।
छात्रों की सुविधा के लिए किए गए कई अहम बदलाव
इस घटना के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने छात्रों की किसी भी तरह की घबराहट को दूर करने और उनकी सहूलियत के लिए कई बड़े और अहम कदम उठाए हैं। छात्रों द्वारा दिए गए फीडबैक को बेहद गंभीरता से लेते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। फॉर्म भरने की पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया को पहले से और अधिक आसान, सुगम और बाधारहित बनाने के लिए सेशन टाइम लिमिट को काफी बढ़ा दिया गया है ताकि छात्रों को फॉर्म भरते समय पेज के एक्सपायर होने जैसी समस्या का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही, बोर्ड ने देश भर के सभी छात्रों और उनके अभिभावकों को पूरी तरह से आश्वस्त किया है कि उनकी विशेषज्ञ तकनीकी टीमें चौबीसों घंटे लगातार सर्वर की निगरानी कर रही हैं और पूरी तरह सतर्क हैं। भविष्य में भी किसी भी तरह की आपात तकनीकी स्थिति या साइबर खतरे से तुरंत निपटने के लिए बोर्ड का पूरा सिस्टम हर पल मुस्तैद और तैयार है।
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