एजेंसी, पटना। Bihar MLC Election : बिहार की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां बिहार विधान परिषद के होने वाले द्विवार्षिक चुनाव और एक खाली सीट पर होने वाले उपचुनाव के नतीजे पूरी तरह साफ हो गए हैं। इस चुनावी प्रक्रिया में भोजपुरी सिनेमा जगत के बेहद लोकप्रिय गायक और अभिनेता पवन सिंह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले निशांत कुमार के साथ-साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए के सभी नौ उम्मीदवारों और मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल के एक उम्मीदवार ने बिना किसी विरोध के शानदार जीत हासिल कर ली है। गुरुवार को चुनाव अधिकारियों द्वारा नामांकन वापस लेने की तय समय सीमा समाप्त होने के बाद, चुनावी मैदान में बचे सभी दस प्रत्याशियों को आधिकारिक रूप से विजेता घोषित कर दिया गया। इस बार का यह चुनाव इसलिए भी बेहद दिलचस्प रहा क्योंकि विधानसभा कोटे की नौ सीटों के लिए नौ उम्मीदवारों ने पर्चा भरा था, जबकि सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा खाली की गई एक महत्वपूर्ण सीट पर उपचुनाव होना था, जिसके लिए केवल एक ही प्रत्याशी ने अपना नामांकन दाखिल किया था। बीते सोमवार को इन सभी दस सीटों के लिए कुल दस लोगों ने ही अपने पर्चे भरे थे, जिसके बाद से ही यह माना जा रहा था कि इस बार वोटिंग की नौबत नहीं आएगी और सभी लोग निर्विरोध चुन लिए जाएंगे।
बिहार विधान परिषद् के लिए एनडीए समर्थित नवनिर्वाचित सभी माननीय सदस्यों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
आशा है कि आप सभी लोकतांत्रिक मूल्यों एवं जन आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करते हुए बिहार के विकास, सुशासन एवं सामाजिक प्रगति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान… pic.twitter.com/9wcBfrZr60
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) June 11, 2026
राष्ट्रीय लोक मोर्चा को बड़ा झटका और मंत्री पद पर संकट
इस पूरे चुनावी घटनाक्रम के बीच बिहार के राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल राष्ट्रीय लोक मोर्चा को लेकर हो रही है। इस चुनाव में इस सहयोगी दल को एक भी सीट नहीं दी गई, जिसके कारण पार्टी के भीतर और बाहर कई तरह के सवाल खड़े होने लगे हैं। इस फैसले का सबसे बड़ा नुकसान राष्ट्रीय लोक मोर्चा के कद्दावर नेता दीपक प्रकाश को उठाना पड़ सकता है, जो वर्तमान समय में बिहार सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। दरअसल, दीपक प्रकाश इस समय बिहार विधानसभा या विधान परिषद, दोनों में से किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। देश के संवैधानिक नियमों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति बिना किसी सदन का सदस्य बने मंत्री पद की शपथ लेता है, तो उसे छह महीने के भीतर किसी न किसी सदन की सदस्यता प्राप्त करनी अनिवार्य होती है। अब चूंकि विधान परिषद का यह मौका हाथ से निकल चुका है, इसलिए दीपक प्रकाश की कुर्सी पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं और आने वाले दिनों में उन्हें अपने मंत्री पद से हाथ भी धोना पड़ सकता है।
नए चुने गए विधान परिषद सदस्यों की पूरी सूची
इस चुनाव के बाद अब बिहार विधान परिषद को दस नए सदस्य मिल चुके हैं, जिनमें सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के नेता शामिल हैं। जनता दल यूनाइटेड की तरफ से इस बार निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद ने जीत का परचम लहराया है। वहीं देश की सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के कोटे से भोजपुरी फिल्म उद्योग के दिग्गज कलाकार पवन सिंह, संजय प्रकाश, मयूख, अनिल ठाकुर और शीला पंडित ने उच्च सदन में अपनी जगह पक्की कर ली है। इनके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास की ओर से अशरफ अंसारी और विपक्षी खेमे से राष्ट्रीय जनता दल के नेता सुनील सिंह भी नए सदस्य के रूप में चुनकर सामने आए हैं। इन सभी नए सदस्यों के आने से अब सदन के भीतर राजनीतिक समीकरणों में भी बदलाव देखने को मिलेगा।
राष्ट्रीय जनता दल के भीतर मचा भारी घमासान
भले ही राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी सुनील सिंह इस चुनाव में निर्विरोध जीतकर विधान परिषद पहुंच गए हों, लेकिन उनकी उम्मीदवारी को लेकर पार्टी के अंदर ही एक बहुत बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सुनील सिंह को दोबारा सदन भेजने के लालू प्रसाद यादव के फैसले से पार्टी के कई बड़े नेता बेहद नाराज नजर आ रहे हैं। इस नाराजगी की गूंज लालू परिवार के भीतर भी साफ तौर पर सुनी जा सकती है, जहां लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और उनकी बेटी रोहिणी आचार्या ने खुलेआम पार्टी के इस फैसले का विरोध किया है और इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस आंतरिक कलह का असर इतना ज्यादा बढ़ गया कि राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री शिवचन्द्र राम ने गुस्से में आकर पार्टी के सभी प्रमुख पदों से अपना इस्तीफा दे दिया। हालांकि, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने डैमेज कंट्रोल करते हुए फिलहाल उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को पूरी तरह से उजागर कर दिया है।
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


