एजेंसी, नई दिल्ली। नीतीश कुमार राज्यसभा शपथ : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा के सदस्य के तौर पर शपथ ग्रहण की। इस शपथ के साथ ही बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव तय हो गया है और राज्य में नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त हो गया है। राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने अपने कक्ष में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम के दौरान उन्हें शपथ दिलाई। सभापति ने नीतीश कुमार को उच्च सदन का हिस्सा बनने और संसद में वापसी पर अपनी शुभकामनाएं दीं। नीतीश कुमार ने यह शपथ हिंदी भाषा में ली।
नीतीश कुमार जी देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं। सुशासन को लेकर उनकी प्रतिबद्धता की हर तरफ सराहना हुई है। उन्होंने बिहार के विकास में अमिट योगदान दिया है। उन्हें एक बार फिर संसद में देखना बहुत सुखद होगा। सांसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उन्होंने कई वर्षों तक अपनी…
— Narendra Modi (@narendramodi) April 10, 2026
प्रधानमंत्री ने नीतीश कुमार के राजनीतिक कद को सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीतीश कुमार को राज्यसभा सदस्य बनने पर बधाई देते हुए उन्हें देश के सबसे कद्दावर और अनुभवी नेताओं में से एक बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सुशासन के प्रति नीतीश कुमार की निष्ठा की हर जगह प्रशंसा हुई है और उनके लंबे राजनैतिक जीवन से संसद की गरिमा और बढ़ेगी। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बिहार के विकास में उनका योगदान अमूल्य है और उन्हें संसद में फिर से देखना सुखद है। उन्होंने भरोसा जताया कि सांसद और केंद्रीय मंत्री के रूप में उनका पिछला अनुभव देश के काम आएगा।
समारोह में जुटे दिग्गज राजनेता
इस शपथ ग्रहण के दौरान केंद्र सरकार के कई महत्वपूर्ण मंत्री उपस्थित रहे, जिनमें जे. पी. नड्डा, निर्मला सीतारमण, राजीव रंजन सिंह और अर्जुन राम मेघवाल शामिल थे। इनके अलावा बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और भाजपा व कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी वहां मौजूद थे। उपराष्ट्रपति कार्यालय ने इस कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए जानकारी दी कि सभापति ने नीतीश कुमार को विधिवत शपथ दिलाई है।
बिहार में दो दशक पुराने नेतृत्व का बदलाव
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के साथ ही बिहार में उनके लगभग बीस साल लंबे शासन का समापन होने जा रहा है। वह जल्द ही मुख्यमंत्री के पद से त्यागपत्र देंगे। ऐसी संभावना है कि एनडीए गठबंधन 14 अप्रैल को बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम का फैसला कर लेगा। नीतीश कुमार इससे पहले ही बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं।
संसद की पुरानी यादें
शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार ने नए संसद भवन से बाहर आकर मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने उन दिनों को याद किया जब वह लोकसभा के सदस्य के रूप में पुराने संसद भवन में बैठते थे। उन्होंने नए और पुराने सदन के अपने अनुभवों को साझा किया।
हरिवंश ने भी दोबारा ली शपथ
इसी कार्यक्रम में राज्यसभा के निवर्तमान उपसभापति हरिवंश ने भी सदन के सदस्य के रूप में शपथ ली। उन्हें राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने हरिवंश को भी बधाई दी और पत्रकारिता व सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके विचारों से सदन की कार्यवाही और बेहतर होगी। हरिवंश का पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हुआ था, जिसके बाद उन्हें फिर से सदन में भेजा गया है।
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