एजेंसी, बाड़मेर। Barmer Protest : राजस्थान के बाड़मेर जिले में गिरल माइंस के मजदूरों के आंदोलन ने मंगलवार को उस समय नाटकीय मोड़ ले लिया, जब शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। इस घटना से मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हड़कंप मच गया। हालांकि आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत स्थिति संभाल ली और बड़ा हादसा टल गया। गिरल माइंस में कार्यरत स्थानीय मजदूर पिछले 38 दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। मजदूरों का आरोप है कि लंबे समय से शांतिपूर्ण धरना देने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। इसी के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में मजदूर, ग्रामीण और समर्थक विधायक रविंद्र सिंह भाटी के नेतृत्व में बाड़मेर कलेक्ट्रेट पहुंचे।
बाड़मेर में गिरल लिग्नाइट माइंस मजदूर धरना प्रदर्शन में कलेक्ट्रेट के सामने शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया @RavindraBhati__ pic.twitter.com/OWmCC3507M
— Hemant Kumar (@hemantkumarnews) May 19, 2026
सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ पहुंचे प्रदर्शनकारी
मंगलवार सुबह गिरल गांव से प्रदर्शनकारियों का विशाल काफिला रवाना हुआ। सैकड़ों गाड़ियों के साथ बड़ी संख्या में मजदूर और ग्रामीण बाड़मेर पहुंचे। लोगों के हाथों में बैनर और तख्तियां थीं, जिन पर मजदूरों की मांगों से जुड़े नारे लिखे हुए थे। पूरे रास्ते प्रदर्शनकारी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचने के बाद माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने अचानक खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया, जिससे वहां अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस और समर्थकों ने तुरंत उन्हें रोका और हालात काबू में किए।
प्रशासन पर गंभीर आरोप
विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने प्रशासन पर मजदूरों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मजदूर लंबे समय से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे। भाटी ने कहा कि वह खुद पिछले 14 दिनों से मजदूरों के समर्थन में धरने पर बैठे हैं, इसके बावजूद समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता बताते हुए कहा कि जब जनप्रतिनिधि, श्रमिक और ग्रामीण लगातार अपनी बात रख रहे हों और फिर भी सुनवाई न हो, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
जनसभा में जुटे विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि
प्रदर्शन से पहले गिरल गांव में एक बड़ी जनसभा का आयोजन भी किया गया। इसमें प्रदेशभर से मजदूर संगठनों, किसान संगठनों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने मजदूरों के अधिकारों और स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग उठाई। सभा में यह भी कहा गया कि यदि जल्द ही मजदूरों की मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
विधायक रविंद्र सिंह भाटी के प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पहले से ही सतर्क नजर आया। शहर के कई प्रमुख चौराहों और मार्गों पर बैरिकेड लगाए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। बाड़मेर पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट पूरे घटनाक्रम की निगरानी करते रहे। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस टीमों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया था।
आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
मजदूर संगठनों ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं और अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे। बाड़मेर में हुए इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति और प्रशासन दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।


