Bathinda Bomb Blast

बठिंडा पेट्रोल बम धमाका : मुख्यमंत्री भगवंत मान के दौरे के दौरान आरएसएस दफ्तर के सामने भाजपा नेता के क्लिनिक पर हमला, सीसीटीवी में कैद हुए आरोपी

देश/प्रदेश पंजाब

एजेंसी, बठिंडा। Bathinda Bomb Blast : पंजाब के सीमावर्ती जिले बठिंडा से एक बेहद ही सनसनीखेज और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। सूबे के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बठिंडा के वीवीआईपी दौरे के बीच सोमवार की रात को शहर की सुरक्षा व्यवस्था के कड़े दावों की उस समय पूरी तरह से पोल खुल गई, जब मेला राम रोड पर स्थित एक होम्योपैथिक क्लिनिक के प्रांगण में अज्ञात हमलावरों द्वारा पेट्रोल बम से एक के बाद एक कई जोरदार हमले किए गए। इस अचानक हुए अग्नि बम के हमले के कारण पूरे इलाके में भारी दहशत और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस भयंकर घटना के दौरान कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ और एक बहुत बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल गया। जिस जगह पर इस वारदात को अंजाम दिया गया है, वह स्थान हाल ही में खोले गए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के मुख्य जिला कार्यालय के ठीक सामने स्थित है, जिसके चलते पूरे शहर में सांप्रदायिक और राजनीतिक स्थिति बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण बनी हुई है।

हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुआ था पीड़ित डॉक्टर का परिवार

यह विवादित और लक्षित हमला जिस क्लिनिक पर हुआ है, उसे स्थानीय वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. तरसेम गर्ग द्वारा उनके निजी आवास के बाहरी हिस्से में ही संचालित किया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों से मिली सांगठनिक जानकारी के मुताबिक, डॉ. गर्ग का पूरा परिवार पिछले लंबे समय से राजनीति में सक्रिय है और उन्होंने कुछ ही दिनों पहले प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी यानी आम आदमी पार्टी का दामन छोड़कर देश की मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। सोमवार की रात को बाइक सवार नकाबपोश हमलावरों द्वारा फेंका गया ज्वलनशील पेट्रोल बम सीधे क्लिनिक की एक मुख्य खिड़की से जाकर टकराया, जिससे भयंकर लपटें उठीं और वहां कंक्रीट पर जलने के गहरे काले निशान पड़ गए। इस अचानक हुए धमाके के कारण प्रांगण के भीतर खड़ी एक स्कूटी और वहां रखे कई कीमती पौधे भी बुरी तरह से झुलस कर नष्ट हो गए हैं।

क्लिनिक के दो जांबाज कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाकर आग पर पाया काबू, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

जिस समय हमलावरों ने इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया, उस वक्त क्लिनिक के केबिन के भीतर दो स्थानीय कर्मचारी अपना रूटीन काम कर रहे थे। धमाके की तेज आवाज सुनते ही दोनों कर्मचारियों ने अद्वितीय साहस और मुस्तैदी का परिचय दिया। उन्होंने बिना एक पल गंवाए भीतर रखे अग्निशामक सिलेंडरों और पानी की मदद से खिड़की पर धधक रही आग को आगे बढ़ने से रोक दिया और तुरंत इस पूरी भयावह घटना की लाइव सूचना डॉ. तरसेम गर्ग और स्थानीय पुलिस थाने को दी। मुख्यमंत्री के शहर में मौजूद होने के कारण आरएसएस दफ्तर के सामने हुए इस बम धमाके की खबर मिलते ही पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में भारी पुलिस बल को मौके के लिए रवाना किया गया।

सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए दो संदिग्ध नकाबपोश हमलावर, सीआईए और फोरेंसिक टीमों ने शुरू की जांच

पीड़ित भाजपा नेता डॉ. तरसेम गर्ग के मुताबिक, घटना के तुरंत बाद जब उन्होंने अपने घर और क्लिनिक के बाहर लगे हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला, तो उसमें दो अज्ञात संदिग्ध युवक क्लिनिक की दीवार की तरफ दौड़ते हुए और हाथ में जलता हुआ पेट्रोल बम लेकर खिड़की पर दे मारते हुए साफ तौर पर दिखाई दिए। वारदात की गंभीरता को देखते हुए रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह और बठिंडा की एसएसपी ज्योति यादव समेत कई अन्य वरिष्ठ पुलिस कप्तान रात में ही भारी सुरक्षा घेरे के साथ घटना स्थल पर पहुंच गए। एसपी सिटी नरिंदर सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने पूरे मेला राम रोड और आसपास के संवेदनशील इलाकों को चारों तरफ से सील कर दिया है और अपराधियों को दबोचने के लिए एक बहुत बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। पुलिस के हाथ कुछ बेहद महत्वपूर्ण और डिजिटल सुराग लगे हैं, लेकिन मुख्य जांच प्रभावित न हो, इसके मद्देनजर अभी उन गुप्त जानकारियों का सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया जा सकता। एसएसपी ज्योति यादव ने बताया कि सीआईए यानी क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी और स्टेट फोरेंसिक साइंस की टीमों ने मौके से बारूद और पेट्रोल के अवशेष सहित कई आवश्यक भौतिक साक्ष्य जुटा लिए हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की बठिंडा में मौजूदगी के बीच सुरक्षा में हुई इस बड़ी चूक से खड़े हुए गंभीर सवाल

इस पूरी आपराधिक घटना ने पंजाब की कानून व्यवस्था और वीवीआईपी सुरक्षा प्रबंधों पर एक बहुत बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। गौरतलब है कि सूबे के मुख्यमंत्री भगवंत मान मंगलवार को बठिंडा जिले में प्रस्तावित अपने तीन बड़े और महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रमों के सिलसिले में सोमवार की रात को ही बठिंडा शहर के सरकारी सर्किट हाउस में पहुंच चुके थे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पूरे जिले की पुलिस को पहले से ही हाई अलर्ट पर रखा गया था और शहर के कोने-कोने में कड़े नाके लगाए गए थे। ऐसे अति-सुरक्षित और वीवीआईपी पहरे वाले संवेदनशील क्षेत्र में आरएसएस के दफ्तर और एक विपक्षी भाजपा नेता के घर को निशाना बनाकर किए गए इस पेट्रोल बम हमले ने पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली और खुफिया तंत्र यानी इंटेलिजेंस की विफलता को पूरी तरह से उजागर कर दिया है, जिससे स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों के भीतर अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंताएं सताने लगी हैं।

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