एजेंसी, वडोदरा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को वडोदरा के ‘आदिवासी अधिकार संवाद’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी पूरी तरह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नियंत्रण में हैं और इसी दबाव के कारण वे लोकसभा में अपने भाषण के दौरान अमेरिका के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोल पाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका में अडाणी पर चल रहा कानूनी मामला असल में प्रधानमंत्री को डराने का एक जरिया है।
नरेंद्र मोदी ने अभी 25 मिनट का भाषण दिया, लेकिन अमेरिका के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला।
नरेंद्र मोदी 100% ट्रंप के कंट्रोल में हैं।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi pic.twitter.com/JrsgC66uoe
— Congress (@INCIndia) March 23, 2026
राहुल गांधी ने अपनी स्पीच में 6 प्रमुख मुद्दों पर बात रखी:
– ट्रम्प और मोदी का संबंध: राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने ट्रम्प को आश्वासन दिया है कि भारत बिना अमेरिकी अनुमति के किसी अन्य देश से तेल या गैस नहीं खरीदेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रम्प बार-बार भारत की सेना का अपमान करते हुए युद्ध रुकवाने का दावा करते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री इस पर चुप्पी साधे हुए हैं।
– अडाणी का प्रभाव: राहुल के अनुसार, देश का पूरा वित्तीय ढांचा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे जैसे बंदरगाह और हवाई अड्डे अडाणी को सौंप दिए गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बड़े कॉरपोरेट्स और निजी संस्थानों के प्रबंधन में आदिवासियों की भागीदारी शून्य क्यों है।
– कृषि और व्यापार समझौता: राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि नई व्यापार संधि के जरिए भारतीय कृषि क्षेत्र को अमेरिका के लिए खोला जा रहा है। इससे भारत के छोटे किसानों को अमेरिका के बड़े और मशीनीकृत फार्मों से मुकाबला करना पड़ेगा, जिससे कपास, सोयाबीन और फलों की खेती करने वाले किसानों को भारी नुकसान हो सकता है।
– आदिवासियों के अधिकार: राहुल ने कहा कि भाजपा ‘वनवासी’ शब्द का प्रयोग कर आदिवासियों को उनके जल-जंगल-जमीन के मालिकाना हक से वंचित करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर आदिवासियों की जमीनें छीनी जा रही हैं और उन्हें उचित मुआवजा भी नहीं मिल रहा है।
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– बिरसा मुंडा और संविधान: राहुल ने कहा कि भाजपा एक तरफ बिरसा मुंडा की प्रतिमा के सामने झुकती है और दूसरी तरफ उन्हीं के आदर्शों और संविधान पर हमला करती है। उन्होंने मनरेगा जैसी योजनाओं को कमजोर करने का भी आरोप लगाया।
– जातिगत जनगणना और निजीकरण: कांग्रेस नेता ने दोहराया कि जातिगत जनगणना की मांग करने पर उन पर हमले किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थाओं के निजीकरण से दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का आरक्षण खत्म हो रहा है और सारा लाभ कुछ चुनिंदा लोगों को मिल रहा है।
गौरतलब है कि गुजरात में जल्द ही स्थानीय निकाय और जिला पंचायत चुनावों की घोषणा होने की संभावना है, जिसे देखते हुए राहुल गांधी का यह दौरा राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


