एजेंसी, जम्मू। Amarnath Yatra Stopped : देश के अधिकांश राज्यों में लगातार जारी मूसलाधार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और लैंडस्लाइड के गंभीर खतरे को देखते हुए शनिवार को जम्मू बेस कैंप से अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। वहीं देश की राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में हुई भारी बारिश के बाद प्रमुख सड़कों पर गंभीर जलभराव देखने को मिला, जिससे कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में भी नदियां उफान पर हैं और स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है।
Shri Amarnathji Yatra 2026
57-day Holy pilgrimage commenced on 3rd July
Chadi Mubarak to mark the culmination on 28th August
In view of track restoration works, Yatra to remain suspended from 9th August
Srinagar, August 8, 2026: The 57-day long Shri Amarnath Ji Yatra commenced…— Divisional Commissioner Kashmir (@DivComKash) August 8, 2026
अमरनाथ यात्रा रोकी गई, मौसम विभाग ने जारी की भारी चेतावनी
जम्मू-कश्मीर में प्रतिकूल मौसम और आगामी दिनों में अत्यधिक बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए शनिवार को भगवती नगर आधार शिविर से श्रद्धालुओं के नए जत्थे को कश्मीर के लिए रवाना नहीं किया गया। प्रशासन जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। मौसम विभाग ने जम्मू संभाग में 11 अगस्त तक कई इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ अचानक बाढ़ और लैंडस्लाइड की गंभीर चेतावनी जारी की है। हालांकि प्राकृतिक बाधाओं के बावजूद इस वर्ष अब तक 4.75 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन कर चुके हैं।
दिल्ली-एनसीआर में 2011 के बाद रिकॉर्ड बारिश, सड़कों पर भरा पानी
दिल्ली और आसपास के इलाकों में शुक्रवार को हुई भारी बारिश के बाद जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया। दिल्ली-गुरुग्राम हाईवे समेत कई प्रमुख चौराहों और रास्तों पर लगभग 4 फीट तक पानी भर गया, जिसके चलते दर्जनों वाहन पानी में बंद हो गए। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजधानी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। आंकड़ों के मुताबिक अगस्त महीने के पहले सप्ताह में ही दिल्ली में 127 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो वर्ष 2011 के बाद इस समयावधि में दर्ज की गई सर्वाधिक बारिश है।
बिहार में गंडक का तांडव, 300 से अधिक मकान जलमग्न
पड़ोसी देश नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश का सीधा असर बिहार की नदियों पर पड़ रहा है। मुजफ्फरपुर जिले में बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, वहीं बगहा क्षेत्र में गंडक नदी का पानी बस्तियों में प्रवेश कर गया है। गंडक नदी की बाढ़ से करीब 300 घर पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य चलाकर प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाने में जुटा हुआ है।
उत्तर प्रदेश में गंगा-सरयू उफान पर, हिमाचल में 162 सड़कें अवरुद्ध
उत्तर प्रदेश में पिछले 25 दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वाराणसी में गंगा नदी के उफान से सभी 84 घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है और तटवर्ती मंदिर जलमग्न हो चुके हैं। फर्रुखाबाद और बलिया जिलों में नदी के तेज कटान के कारण दर्जनों मकान नदी में समा गए हैं। उधर हिमाचल प्रदेश में ब्यास नदी के रौद्र रूप के कारण चंडीगढ़-मनाली और मंडी-पठानकोट हाईवे समेत कुल 162 मुख्य सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गई हैं। राजस्थान के 30 जिलों में भी भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: जम्मू से अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से क्यों रोका गया है?
उत्तर: जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश, भूस्खलन के खतरे और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों के चलते अमरनाथ यात्रा को भगवती नगर बेस कैंप से रोका गया है।
प्रश्न 2: दिल्ली-एनसीआर में बारिश को लेकर मौसम विभाग ने क्या आंकड़े और चेतावनी जारी की है?
उत्तर: दिल्ली में अगस्त के पहले सप्ताह में 127 मिमी बारिश हुई जो 2011 के बाद सर्वाधिक है, तथा मौसम विभाग ने भारी जलभराव के बीच शहर में रेड अलर्ट जारी किया है।
प्रश्न 3: बिहार में नेपाल की बारिश के कारण कौन से क्षेत्र और नदियां सबसे अधिक प्रभावित हैं?
उत्तर: मुजफ्फरपुर में बागमती नदी उफान पर है और बगहा में गंडक नदी का पानी 300 से अधिक घरों में घुस गया है, जिससे सैकड़ों परिवार विस्थापित हुए हैं।
प्रश्न 4: उत्तर प्रदेश में नदियों के उफान से किन प्रमुख शहरों में नुकसान हुआ है?
उत्तर: वाराणसी में गंगा के उफान से 84 घाटों का संपर्क टूट गया है, जबकि फर्रुखाबाद और बलिया में सरयू व गंगा नदी के कटान से दर्जनों घर नदी में समा गए हैं।
प्रश्न 5: हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में भारी बारिश का यातायात और जनजीवन पर क्या असर पड़ा है?
उत्तर: हिमाचल प्रदेश में ब्यास नदी के उफान से चंडीगढ़-मनाली हाईवे समेत 162 सड़कें बंद हैं, वहीं राजस्थान के 30 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
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