CM Mohan Yadav

सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान : पीएम मोदी की अगुवाई में अंग्रेजों के जमाने के कानूनों का हो रहा कायाकल्प

इंदौर प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, इंदौर। CM Mohan Yadav Colonial Laws : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में देश में अंग्रेजों के शासनकाल से चले आ रहे पुराने कानूनों और न्याय व्यवस्था में व्यापक व क्रांतिकारी बदलाव लाए जा रहे हैं। उन्होंने भारतीय न्याय प्रणाली की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारे देश में अदालतों को महज एक इमारत नहीं, बल्कि ‘न्याय का मंदिर’ माना जाता है। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में ‘न्याय तक पहुंच बढ़ाने’ विषय पर आयोजित वेस्ट ज़ोन क्षेत्रीय कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे-छोटे विवादों को मध्यस्थता के जरिए सुलझाकर अदालतों में मुकदमों के बढ़ते बोझ और पेंडेंसी को तेजी से कम किया जा रहा है।

प्राचीन पंच परमेश्वर की न्याय परंपरा से प्रेरित है भारतीय संविधान

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत की मूल पहचान संवाद और आपसी सहमति पर आधारित पंच परमेश्वर की समृद्ध न्याय परंपरा रही है। हमारे संविधान में हजारों वर्षों की इसी महान भारतीय न्याय चेतना का समावेश है, जिसके कारण आम जनता न्यायालय की चौखट पर न्याय की अटूट उम्मीद लेकर आती है। उन्होंने आगे कहा कि समय के साथ बदलते परिवेश में ई-केस फाइलिंग, वर्चुअल सुनवाई, डिजिटल रिकॉर्ड संग्रह और आधुनिक डेटा प्रबंधन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाकर न्याय प्रणाली का पूरी तरह से कायाकल्प किया जा चुका है।

जन-विश्वास अधिनियम और औपनिवेशिक कानूनों की समाप्ति से मिली राहत

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने औपनिवेशिक काल के कई गैर-जरूरी कानूनों को निरस्त कर कानूनी प्रक्रिया को काफी सरल और पारदर्शी बनाया है। जन-विश्वास अधिनियम के लागू होने से छोटे-मोटे तकनीकी उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है, जिससे आम नागरिकों को बहुत बड़ी राहत मिली है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मध्य प्रदेश सरकार भी इसी नागरिक-हितैषी नीति पर आगे बढ़ रही है।

यूसीसी विधेयक पारित कर मध्य प्रदेश ने रचा इतिहास

राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से संबंधित ऐतिहासिक विधेयक पारित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करना और सर्वधर्म सद्भाव की भावना को मजबूत करना है। राज्य सरकार हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा करने और प्रदेश में सुशासन स्थापित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :

प्रश्न 1: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर सम्मेलन में औपनिवेशिक कानूनों को लेकर क्या कहा?

उत्तर: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश से अंग्रेजों के शासनकाल के पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त कर आधुनिक न्याय प्रणाली लागू की जा रही है।

प्रश्न 2: मुकदमों के बढ़ते बोझ (केस पेंडेंसी) को घटाने के लिए किस प्रक्रिया पर विशेष बल दिया जा रहा है?

उत्तर: छोटे-छोटे विवादों और मामलों का निपटारा करने के लिए मध्यस्थता यानी प्री-लिटिगेशन मीडिएशन और आपसी संवाद की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

प्रश्न 3: भारतीय अदालतों के प्रति आम जनता के दृष्टिकोण को मुख्यमंत्री ने किस रूप में परिभाषित किया?

उत्तर: उन्होंने कहा कि भारत में अदालतों को केवल एक भवन नहीं बल्कि ‘न्याय का मंदिर’ माना जाता है, जहां आम नागरिक अटूट श्रद्धा और आस के साथ न्याय मांगने आता है।

प्रश्न 4: जन-विश्वास अधिनियम के माध्यम से आम नागरिकों को क्या राहत दी गई है?

उत्तर: जन-विश्वास अधिनियम के अंतर्गत कई छोटे-मोटे तकनीकी उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है, जिससे अदालती जटिलताएं कम हुई हैं और कानून नागरिक-हितैषी बने हैं।

प्रश्न 5: सर्वधर्म सद्भाव और समान अधिकार सुनिश्चित करने के लिए मध्य प्रदेश विधानसभा ने क्या ऐतिहासिक कदम उठाया है?

उत्तर: राज्य सरकार ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) से संबंधित विधेयक पारित किया है, ताकि प्रदेश के सभी नागरिकों के लिए समान न्याय व्यवस्था लागू की जा सके।

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