एजेंसी, नई दिल्ली। AAP MP Resigns Today : आम आदमी पार्टी को एक बहुत बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने शुक्रवार की शाम को भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय पहुंचकर भगवा दल की सदस्यता ले ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने इन सभी सांसदों का पार्टी में विधिवत स्वागत किया और उन्हें सदस्यता दिलाई। इससे कुछ समय पहले ही इन नेताओं ने आम आदमी पार्टी से अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। राघव चड्ढा ने जानकारी दी कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने भाजपा में विलय करने का निर्णय लिया है और इस संबंध में सात सांसदों के हस्ताक्षरित दस्तावेज राज्यसभा अध्यक्ष को सौंप दिए गए हैं।
Today, exercising the provisions of the Constitution of India, more than two-thirds of the AAP MPs in the Rajya Sabha have merged with the BJP.
Seven MPs have signed the document, which was submitted to the Hon’ble Chairman of the Rajya Sabha.
I, along with two other MPs,…
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 24, 2026
आम आदमी पार्टी ने लगाया गंभीर आरोप
इस बड़ी टूट पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी ने इसे भाजपा का षड्यंत्र बताया है। पार्टी का कहना है कि यह ‘ऑपरेशन लोटस’ का हिस्सा है, जिसके तहत केंद्रीय जांच एजेंसियों का डर दिखाकर उनके नेताओं को तोड़ा गया है। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा पंजाब की चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इन सात सांसदों को पंजाब की जनता कभी माफ नहीं करेगी, क्योंकि जिस पार्टी ने उन्हें जमीन से उठाकर संसद तक पहुंचाया, उन्होंने उसी के साथ विश्वासघात किया है।
स्वाति मालीवाल के तीखे प्रहार
इधर राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने भी पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर कड़े आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन अब अपने मूल सिद्धांतों से पूरी तरह भटक चुका है। मालीवाल ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आवास पर उनके साथ बदसलूकी की गई और दोषियों को सजा देने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया गया। उन्होंने पार्टी में बढ़ते भ्रष्टाचार और महिलाओं के प्रति हो रहे दुर्व्यवहार को इस्तीफा देने का मुख्य कारण बताया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की कड़ी प्रतिक्रिया
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस दलबदल पर अत्यंत कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं को ‘देशद्रोही’ करार देते हुए कहा कि भाजपा ने पंजाब के साथ धोखा किया है। मान ने राघव चड्ढा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी ने उन्हें इतना सम्मान दिया, उनके साथ ऐसा व्यवहार शोभनीय नहीं है। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि पंजाब की जनता उनके साथ है और किसी भी नेता के जाने से पार्टी कमजोर नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें खरीदने वाली कोई मुद्रा अब तक नहीं बनी है और वे पंजाब के हितों की रक्षा के लिए लड़ते रहेंगे।
राजनीतिक गलियारों में मची हलचल
पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं और प्रवक्ताओं ने भी इस घटनाक्रम को लोकतंत्र की हत्या बताया है। उनका आरोप है कि राघव चड्ढा को एक मोहरे की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि आम आदमी पार्टी की बढ़ती ताकत को रोका जा सके। भाजपा द्वारा विपक्षी दलों को तोड़ने की इस प्रक्रिया की तुलना उन्होंने पूर्व में अन्य राज्यों में हुई राजनीतिक उथल-पुथल से की। फिलहाल, इस घटनाक्रम ने पंजाब और दिल्ली की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
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