एजेंसी, अमरावती। PM Modi Amravati Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के अमरावती और कर्नाटक के मैसूरु दौरे के दौरान देश के बुनियादी ढांचे के विकास और सांस्कृतिक विरासत को लेकर कई बड़े ऐलान किए। अमरावती में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में पहले सभी प्रमुख एयरपोर्ट के नाम सिर्फ एक ही परिवार के नाम पर रखने की परिपाटी थी, लेकिन उनकी सरकार ने इस पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह से बदल दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब देश के हवाई अड्डों और प्रमुख संस्थानों का नामकरण देश के महान संतों, स्वतंत्रता सेनानियों और जननायकों के सम्मान में किया जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने अमरावती में भोगपुरम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट समेत 18000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
Delighted to inaugurate the Alluri Sitarama Raju International Airport at Bhogapuram. This is a landmark project that will strengthen connectivity and accelerate Andhra Pradesh’s growth.
This airport brings together advanced infrastructure and cutting-edge technologies to ensure… pic.twitter.com/9FkHVVh7ua
— Narendra Modi (@narendramodi) August 1, 2026
एयरपोर्ट्स के नामकरण पर परंपरा बदलने का दिया संदेश
अमरावती में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने नामकरण की राजनीति पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने देश के महान व्यक्तित्वों को उचित सम्मान देने की शुरुआत की है। अयोध्या के हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है, जबकि पंजाब के हवाई अड्डे को संत रविदासजी का नाम दिया गया है। इसी कड़ी में अब आंध्र प्रदेश के नए हवाई अड्डे का नाम महान क्रांतिकारी और आदिवासी नायक श्री अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर समर्पित किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अल्लूरी सीताराम राजू ने आदिवासी समुदाय के अधिकारों और स्वाभिमान के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था, इसलिए उनके नाम पर यह एयरपोर्ट उत्तर आंध्र के विकास के लिए एक नया रनवे साबित होगा।
18000 करोड़ रुपये के विकास प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और भव्य सांस्कृतिक स्वागत
आंध्र प्रदेश के इस महत्वपूर्ण दौरे पर प्रधानमंत्री ने करीब 18000 करोड़ रुपये लागत की सड़क, रेलवे, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण के नेतृत्व में राज्य में एनडीए की सरकार डबल स्पीड से काम कर रही है। वर्तमान में आंध्र प्रदेश में लगभग 100000 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। जनसभा स्थल पर पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री का स्वागत 13500 से अधिक आदिवासी महिलाओं और छात्राओं ने पारम्परिक ढिमसा (धीमसा) नृत्य पेश करके किया, जिसने एक नया सांस्कृतिक रिकॉर्ड दर्ज किया।
स्थानीय वास्तुकला और समुद्री विरासत की झलक प्रस्तुत करता भोगपुरम एयरपोर्ट
नवनिर्मित भोगपुरम एयरपोर्ट टर्मिनल की वास्तुकला और डिज़ाइन बेहद खास है। इसे आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की प्रसिद्ध पारंपरिक ‘चुट्टिलू कॉटेज’, अराकू घाटी के सौंदर्य और उड़ती हुई मछली (फ्लाइंग फिश) के डिजाइन से प्रेरित होकर तैयार किया गया है। चुट्टिलू वास्तव में गोल आकार के पारंपरिक घर होते हैं, जिनकी बनावट तेज चक्रवाती तूफानों से सुरक्षा प्रदान करती है। एयरपोर्ट टर्मिनल की दीवारों पर बंगाल की खाड़ी की समृद्ध समुद्री विरासत को दर्शाने वाली कलाकृतियां बनाई गई हैं, जबकि छत पर पारंपरिक रंगोली के मनमोहक डिजाइन उकेरे गए हैं।
मैसूरु में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र का भव्य उद्घाटन
अमरावती के कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री कर्नाटक के मैसूरु पहुंचे, जहां उन्होंने निरंजन मठ में 81000 वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र में बने स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र ‘विवेक स्मारक’ का भव्य उद्घाटन किया। यह स्मारक स्वामी विवेकानंद की 1892 की मैसूरु यात्रा की याद में बनाया गया है। इसी ऐतिहासिक स्थान पर रहने के दौरान स्वामीजी को मैसूरु के महाराजा चामराजेन्द्र वाडियार का संरक्षण मिला था, जिनकी सहायता से वे 1893 में शिकागो के विश्व धर्म संसद में भाग लेने जा सके थे। इस अत्याधुनिक स्मारक में 4D एक्सपीरियंस सेंटर, प्रदर्शनी हॉल, 700 लोगों की क्षमता वाला एम्फीथिएटर, लाइब्रेरी, योग हॉल और छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
भारतीय युवाओं की ताकत से दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बना भारत
मैसूरु में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ पौधरोपण करने के बाद प्रधानमंत्री ने युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 130 साल पहले स्वामी विवेकानंद मैसूरु आए थे और आज का युवा भारत उन्हीं की प्रेरणा से आगे बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत का युवा, जो कभी जंजीरों और पुरानी व्यवस्थाओं में बंधा था, आज अपनी प्रतिभा के बल पर देश को दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बना चुका है। एआई, सेमीकंडक्टर और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारतीय युवाओं का योगदान अद्भुत है। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण मिशन से उनका व्यक्तिगत और आत्मिक लगाव रहा है, जिसने उनके जीवन को सही दिशा देने में बड़ी भूमिका निभाई है।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: प्रधानमंत्री ने किस राज्य में 18000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया?
उत्तर: प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश के अमरावती में इन विशाल विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
प्रश्न 2: अमरावती में किस नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया गया?
उत्तर: अमरावती में अत्याधुनिक सुविधाओं वाले नए भोगपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया गया।
प्रश्न 3: इस नए हवाई अड्डे का नाम किस महान व्यक्तित्व के नाम पर रखा गया है?
उत्तर: इस हवाई अड्डे का नाम महान आदिवासी नायक और क्रांतिकारी श्री अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर रखा गया है।
प्रश्न 4: प्रधानमंत्री ने मैसूरु में युवाओं को समर्पित किस स्मारक का उद्घाटन किया?
उत्तर: प्रधानमंत्री ने मैसूरु में स्वामी विवेकानंद की स्मृति में बने विवेक स्मारक का उद्घाटन किया।
प्रश्न 5: अमरावती पहुंचने पर प्रधानमंत्री का स्वागत किस पारंपरिक नृत्य के साथ किया गया?
उत्तर: उनका स्वागत 13500 से अधिक आदिवासी महिलाओं द्वारा पारंपरिक ढिमसा लोकनृत्य के साथ किया गया।
ये भी पढ़े : जुलाई में 15.4 परसेंट की रिकॉर्ड बढ़त के साथ 2.11 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा जीएसटी कलेक्शन
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


