एजेंसी, वाराणसी। Rahul Gandhi FIR Varanasi : देश की संसद के परिसर में विपक्ष द्वारा किए गए हालिया विरोध प्रदर्शन को लेकर धर्मनगरी वाराणसी में एक नया राजनीतिक और धार्मिक विवाद खड़ा हो गया है। साधु-संतों की लिखित शिकायत के आधार पर वाराणसी के कोतवाली थाने की पुलिस ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी, सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ औपचारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर ली है। धार्मिक गुरुओं का आरोप है कि विपक्ष के नेताओं ने संसद परिसर के भीतर अपने राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान संत परंपरा और सनातन धर्म से जुड़े पवित्र प्रतीकों का अनुचित रूप से उपयोग किया, जिससे देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं। पुलिस ने शिकायत स्वीकार करते हुए मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है।
STORY | FIR in Varanasi against Rahul Gandhi, Pappu Yadav over skit; BJP leaders file complaint in Delhi
An FIR was registered on Saturday in Varanasi against Leader of Opposition Rahul Gandhi and MPs Pappu Yadav and Awadhesh Prasad for allegedly hurting religious sentiments… pic.twitter.com/je3vSaE8DE
— Press Trust of India (@PTI_News) August 1, 2026
पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर के नेतृत्व में पुलिस थाने पहुंचे साधु-संत
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक देवाचार्य के नेतृत्व में वाराणसी के वरिष्ठ साधु-संतों का एक प्रतिनिधिमंडल कोतवाली पुलिस थाने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर एक लिखित तहरीर सौंपी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (काशी जोन) गौरव बंसवाल ने बताया कि साधु-संतों से मिली शिकायत के आधार पर राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की हर पहलू से निष्पक्ष जांच की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
भगवा वस्त्र और राम मंदिर के दान को लेकर जताई कड़ी आपत्ति
साधु-संतों ने विपक्ष के इस विरोध प्रदर्शन के तरीके पर तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। जगद्गुरु बालक देवाचार्य ने अपने वक्तव्य में आरोप लगाया कि संसद भवन में प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने भगवा वस्त्र धारण किए और खुद को हिंदू संत परंपरा के स्वरूप में पेश किया। इसके अतिरिक्त, अयोध्या में निर्मित भगवान श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए पवित्र दान को भी राजनीतिक प्रदर्शन में प्रतीकात्मक रूप से दिखाया गया। संत समाज ने इसे करोड़ों राम भक्तों की आस्था का अनादर बताया है। उनका कहना है कि पवित्र भगवा वस्त्र और राम मंदिर का दान करोड़ों लोगों की अटूट श्रद्धा से जुड़ा विषय है और इसे तुच्छ राजनीतिक हित के लिए भुनाना बेहद निंदनीय है।
वाराणसी कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं का विरोध और कानून की स्थिति
साधु-संतों के आक्रोश के साथ-साथ इस मुद्दे पर वाराणसी के कानूनी समुदाय में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। घटना के विरोध में वाराणसी कचहरी परिसर के अधिवक्ताओं ने एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपित नेताओं के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाने की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना है कि किसी भी राजनीतिक दल को अपने एजेंडे के लिए धार्मिक आस्थाओं से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। पुलिस प्रशासन का कहना है कि दर्ज प्राथमिकी के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और निष्पक्ष जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद कानूनी मानकों के तहत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: संसद परिसर में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को लेकर किन प्रमुख राजनेताओं के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है?
उत्तर: कांग्रेस के राहुल गांधी, राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
प्रश्न 2: यह मामला किस शहर के पुलिस थाने में दर्ज कराया गया है?
उत्तर: यह मामला धार्मिक नगरी वाराणसी के कोतवाली पुलिस थाने में दर्ज कराया गया है।
प्रश्न 3: इन राजनेताओं के खिलाफ किन लोगों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है?
उत्तर: पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर के नेतृत्व में साधु-संतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने यह शिकायत दर्ज कराई है।
प्रश्न 4: साधु-संतों की मुख्य आपत्ति किस बात को लेकर थी?
उत्तर: उनकी आपत्ति थी कि नेताओं ने प्रदर्शन में भगवा वस्त्र पहनकर संत परंपरा का अनुचित प्रयोग किया और राम मंदिर के दान का मजाक उड़ाया।
प्रश्न 5: साधु-संतों की मांग के समर्थन में वाराणसी में किन अन्य लोगों ने प्रदर्शन किया?
उत्तर: वाराणसी कचहरी परिसर के वकीलों ने भी इस घटना के विरोध में एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया।
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