Nashamukt Abhiyan

मध्य प्रदेश में ‘नशामुक्त युवा’ अभियान का शंखनाद : भोपाल के मैनिट में सीएम मोहन यादव ने दिलाई युवाओं को शपथ

प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, भोपाल। MP Nashamukt Abhiyan : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी आह्वान ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के तहत मध्य प्रदेश में भी नशे के विरुद्ध एक बड़े जनआंदोलन की शुरुआत हो चुकी है। रविवार को प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) के परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हजारों युवाओं और नागरिकों को नशामुक्त समाज के निर्माण की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को एक विकसित और समृद्ध राष्ट्र बनाने का सपना तभी पूरा हो सकता है, जब देश की युवा पीढ़ी शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ, सजग और हर प्रकार के व्यसन से मुक्त रहे।

युवा शक्ति राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी पूंजी: मुख्यमंत्री

भोपाल के मैनिट में उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा और ऊर्जावान युवा लोकतांत्रिक देश है। हमारी यह युवा शक्ति ही राष्ट्र के विकास की सबसे बड़ी पहचान और पूंजी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आज भारत हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के महान विचारों का स्मरण करते हुए कहा कि जब युवाओं की शक्ति और ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक दिशा में होगा, तभी भारत विश्व गुरु के पद पर आसीन हो सकेगा। इसलिए युवाओं को नशे जैसी गंभीर सामाजिक बुराइयों से खुद को दूर रखकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना होगा।

भारतीय संस्कृति और महापुरुषों के विचारों का दिया संदेश

मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी महान भूमि ने हमेशा संयमित और अनुशासित जीवन शैली का मार्ग दिखाया है। भगवान श्रीराम, श्री कृष्ण और भगवान बुद्ध के विचारों वाली इस पावन धरा पर मानव जीवन को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। युवाओं को अपने शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक क्षमता और अनमोल जीवन का सम्मान करना चाहिए। किसी भी प्रकार का नशा व्यक्ति के सोचने-समझने की शक्ति को खत्म कर देता है, इसलिए युवाओं को हर तरह की लत से दूर रहने का संकल्प लेना चाहिए।

नशे के सामाजिक दुष्प्रभावों और पारिवारिक त्रासदियों पर जताई चिंता

नशे के कारण समाज और परिवारों पर पड़ने वाले विनाशकारी प्रभावों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने हाल की एक दुखद घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार नशे की लत के कारण दो सगे भाइयों के बीच हुए आपसी विवाद में एक भाई की असमय जान चली गई। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं पूरे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं। नशा केवल एक व्यक्ति को ही बर्बाद नहीं करता, बल्कि उसके पूरे हंसते-खेलते परिवार को तबाही के मोड़ पर लाकर खड़ा कर देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस सामाजिक बुराई का खात्मा केवल प्रशासनिक प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए पूरे समाज का एकजुट होना बेहद जरूरी है।

अवैध नशे के कारोबार पर कड़े प्रहार का ऐलान और सामूहिक संकल्प

प्रदेश से अपराधों के खात्मे की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस तरह मध्य प्रदेश की धरती से नक्सलवाद और डकैत गिरोहों का पूरी तरह सफाया किया गया है, ठीक उसी रणनीति के साथ अब नशे के अवैध नेटवर्क और तस्करों के खिलाफ भी व्यापक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध कारोबारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने मैनिट में उपस्थित सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और नागरिकों को स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को इसके खतरों के प्रति जागरूक करने की सामूहिक शपथ दिलाई।

इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :

प्रश्न 1: मध्य प्रदेश में ‘नशामुक्त युवा’ अभियान का राज्य स्तरीय कार्यक्रम कहाँ आयोजित हुआ?

उत्तर 1: इसका आयोजन भोपाल स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) के परिसर में हुआ।

प्रश्न 2: कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने क्या मुख्य कार्य संपन्न कराया?

उत्तर 2: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उपस्थित युवाओं और नागरिकों को नशामुक्त भारत के निर्माण की शपथ दिलाई।

प्रश्न 3: मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के किन विचारों को याद किया?

उत्तर 3: उन्होंने कहा कि जब युवाओं की ऊर्जा को सही और सकारात्मक दिशा दी जाएगी, तभी भारत विश्व गुरु के रूप में स्थापित हो सकेगा।

प्रश्न 4: प्रदेश से नशे के कारोबार को मिटाने के लिए किस प्रशासनिक कार्रवाई का उदाहरण दिया गया?

उत्तर 4: मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह राज्य से डकैतों और नक्सलवाद का सफाया किया गया है, उसी तरह अवैध नशे के नेटवर्क को भी खत्म किया जाएगा।

प्रश्न 5: इस अभियान का मुख्य ध्येय क्या है?

उत्तर 5: इसका ध्येय युवाओं को शारीरिक व मानसिक रूप से स्वस्थ बनाना और नशे की लत से दूर रखकर विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।

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