एजेंसी, भोपाल। Tech Growth Conclave 3.0 MP : मध्यप्रदेश की प्रशासनिक राजधानी भोपाल में आज से बहुप्रतीक्षित तकनीकी महाकुंभ ‘एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0’ का बेहद भव्य आगाज हो गया है। सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्वलित कर इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया। मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी तकनीकी और औद्योगिक प्रदेश के रूप में स्थापित करने के साझा संकल्प के साथ शुरू हुए इस महाधिवेशन में देश के कोने-कोने सहित विदेशों से भी नामचीन उद्योगपति, बड़े वित्तीय निवेशक और तकनीकी नीति विशेषज्ञ बहुत बड़ी संख्या में शामिल होने पहुंचे हैं। यह आयोजन आने वाले दिनों में राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को पूरी तरह से बदलने की क्षमता रखता है।
आज भोपाल में “Madhya Pradesh Tech Growth Conclave 3.0” का शुभारंभ कर निवेशकों से संवाद एवं 22 नई औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण व 4 नई परियोजनाओं का भूमिपूजन किया।
कार्यक्रम में उद्योग समूहों के साथ विभिन्न MoU का आदान-प्रदान भी हुआ।
पिछले दो टेक कॉन्क्लेव के माध्यम से राज्य को… pic.twitter.com/tlCR3DtaM5
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 13, 2026
कृषि प्रधान राज्य से रक्षा और उन्नत तकनीक के गढ़ तक का सफर
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गर्व के साथ देश की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विगत 12 वर्षों के समय अंतराल में संपूर्ण भारत ने वैश्विक पटल पर सबसे तीव्र गति से आर्थिक उन्नति करने वाले महाशक्तिशाली राष्ट्र के रूप में अपनीधाक जमाई है। उन्होंने अतीत को याद करते हुए साझा किया कि एक समय था जब मध्यप्रदेश की छवि केवल एक पिछड़े या पारंपरिक कृषि प्रधान राज्य तक ही सीमित थी। परंतु आज समय और नीतियां बदल चुकी हैं और अब मध्यप्रदेश की धरती पर कृषि उपकरणों के साथ-साथ अत्याधुनिक ड्रोन से लेकर देश की सुरक्षा में काम आने वाली मिसाइलों तक का स्वदेशी निर्माण बेहद सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
निवेश के नए कीर्तिमान और महाद्वीपों से जुड़ा आर्थिक तालमेल
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आगे जानकारी दी कि इस 3 दिवसीय बड़े सम्मेलन के दौरान कुल 51 प्रकार की अलग-अलग ज्ञानवर्धक और व्यापारिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन सभी प्रयासों और बैठकों के माध्यम से प्रदेश के भीतर लगभग 40000 करोड़ रुपए का विशाल विदेशी और घरेलू निवेश आने की पूरी संभावना है, जिसके फलस्वरूप प्रदेश के करीब 35000 कुशल युवाओं को रोजगार के बेहतरीन और आधुनिक अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह आयोजन मध्यप्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), सेमीकंडक्टर निर्माण और विशाल डेटा सेंटर के वैश्विक केंद्र के रूप में बदलने में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह इस श्रृंखला का तीसरा संस्करण है। पिछले वर्ष की अपनी बार्सिलोना यात्रा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि स्पेन, अमेरिका और कनाडा की दिग्गज कंपनियों ने राज्य की नीतियों से प्रभावित होकर पहले ही 228 करोड़ रुपए का वास्तविक निवेश जमीनी स्तर पर उतार दिया है। इसके साथ ही वर्ष 2025 में स्पेन के बार्सिलोना में ही 1 गीगावाट क्षमता वाले विशाल एआई डेटा सेंटर की स्थापना हेतु जो ऐतिहासिक एमओयू हस्ताक्षरित हुआ था, उस विदेशी कंपनी के मुख्य प्रतिनिधि और तकनीकी विशेषज्ञ भी आज धरातल पर काम शुरू करने के लिए भोपाल पहुंच चुके हैं।
तीन बड़े शहरों और क्षेत्रों में अत्याधुनिक आईटी पार्कों का होगा कायाकल्प
मध्यप्रदेश सरकार राज्य को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए ढांचागत विकास पर सबसे अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसके तहत 3 बड़े क्षेत्रों में आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी पार्कों का निर्माण और विस्तार करने की घोषणा की गई है:
इंदौर के सुपर कॉरिडोर पर बनेगा विश्वस्तरीय आईटी पार्क
प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के सुप्रसिद्ध सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में लगभग 3000 वर्गफुट के विस्तृत भूभाग पर एक सर्वसुविधायुक्त आईटी पार्क का तेजी से विकास किया जाएगा। इस परिसर की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यहाँ आने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियों को प्लग एंड प्ले की विश्वस्तरीय अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इसका सीधा लाभ यह होगा कि कोई भी बड़ी डिजिटल कंपनी बिना किसी अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में अपना समय गंवाए, पहले ही दिन से अपने कंप्यूटिंग और व्यावसायिक संचालन को तुरंत गति दे सकेगी।
भोपाल के मुख्य आईटी पार्क का किया जाएगा चार गुना विस्तार
राजधानी भोपाल में पहले से मौजूद सूचना प्रौद्योगिकी पार्क को और अधिक व्यापक स्वरूप देने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार इसके तहत करीब 4 लाख वर्गफुट के विशाल क्षेत्र में एक नए और सर्वआधुनिक आईटी पार्क का निर्माण करने जा रही है। इस केंद्र के भीतर भी दुनिया की नामी डिजिटल सेवा प्रदाता कंपनियों और सॉफ्टवेयर निर्माताओं को प्लग एंड प्ले की बेहतरीन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे राजधानी में कोर कॉर्पोरेट संस्कृति को और अधिक बढ़ावा मिल सके।
कोलार रोड पर 5 एकड़ में खड़ी होगी बहुमंजिला डिजिटल इमारत
भोपाल के तेजी से विकसित होते कोलार रोड क्षेत्र में भी तकनीकी विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। यहाँ सरकार ने 5 एकड़ की प्राइम लैंड को चिन्हित किया है, जिस पर एक गगनचुंबी और आधुनिक बहुमंजिला भवन का निर्माण किया जाएगा। यह पूरी इमारत केवल आईटी और डिजिटल सेक्टर से जुड़ी नई उभरती कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए आरक्षित होगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए बड़े महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
स्थानीय प्रतिभाओं को गृह राज्य में ही मिलेंगे उच्च वेतनमान वाले अवसर
इस पूरे आयोजन का मुख्य और दूरगामी उद्देश्य मध्यप्रदेश को भविष्य के भाई-टेक उद्योगों के सबसे बड़े हब के रूप में विकसित करना है। कॉन्क्लेव के माध्यम से सेमीकंडक्टर (इलेक्ट्रॉनिक चिप निर्माण), डेटा स्टोरेज और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) जैसे जटिल तकनीकी क्षेत्रों में भारी वित्तीय निवेश को आकर्षित किया जा रही है। इन विशाल उद्योगों के राज्य की धरती पर स्थापित होने से इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईटी), कोर इंजीनियरिंग और एडवांस्ड रिसर्च के क्षेत्र में पढ़ाई करने वाले स्थानीय होनहार युवाओं को अपने ही गृह राज्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुख-सुविधाएं और बहुत ही उच्च वेतन वाली नौकरियां आसानी से मिल सकेंगी।
वैश्विक तकनीकी विजन और रणनीतिक समझौतों पर टिकी दुनिया की निगाहें
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस ऐतिहासिक कॉन्क्लेव के दौरान राज्य सरकार अपने आगामी 10 वर्षों के तकनीकी रोडमैप और विजन को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत कर रही है। कार्यक्रम के दौरान कई वैश्विक कंपनियों के साथ अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारियों और बड़े समझौतों (एमओयू) का लाइव आदान-प्रदान भी संपन्न हो रहा है, जो सीधे तौर पर राज्य के संपूर्ण डिजिटल ढांचे को एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई विशाल तकनीकी प्रदर्शनी का अत्यंत बारीकी से अवलोकन किया और वहां रखे गए आधुनिक आविष्कारों की सराहना की।
दुनिया की नामी कंपनियों और शीर्ष शिक्षण संस्थानों का महासंगम
इस बार के कॉन्क्लेव की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें सीटीआरएलएस डेटासेंटर्स, केन्स टेक्नोलॉजीस, फुजियामा पॉवर और न्योबोल्ट लिमिटेड जैसी तकनीकी क्षेत्र की दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित और अरबों डॉलर की नेटवर्थ वाली दिग्गज कंपनियां मुख्य भागीदार के रूप में शामिल हो रही हैं। इन कंपनियों के शीर्ष कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक मंच से निवेश की नई संभावनाओं पर अपने विचार साझा कर रहे हैं। तकनीकी विकास के साथ-साथ शिक्षा और कौशल को जोड़ने के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान इंदौर (आईआईएम इंदौर) और भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) जैसे देश के सर्वोच्च और गौरवशाली शैक्षणिक संस्थान भी इस कॉन्क्लेव में सक्रिय रूप से सहभागिता कर रहे हैं, जो युवाओं के कौशल उन्नयन और अकादमिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे।
पिछले दो आयोजनों की अपार सफलता के रिकॉर्ड पर एक नजर
अगर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आयोजित किए गए पिछले तकनीकी सम्मेलनों के इतिहास पर नजर डालें, तो पता चलता है कि इन आयोजनों ने प्रदेश में औद्योगिक क्रांति की रफ्तार को चार चांद लगा दिए हैं। इसके सबसे पहले संस्करण (कॉन्क्लेव 1.0) में राज्य सरकार को देश-विदेश से 20000 करोड़ रुपए से भी अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिसने राज्य में रिकॉर्ड 75000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों को जन्म दिया था। इसी प्रकार, इसके दूसरे संस्करण (कॉन्क्लेव 2.0) में भी वैश्विक मंदी के बावजूद 12000 करोड़ रुपए से अधिक का भारी-भरकम निवेश सूबे में आया, जिससे करीब 48000 से अधिक कुशल युवाओं को उनके मनमुताबिक रोजगार प्राप्त हुए। आज से शुरू हुआ यह तीसरा संस्करण अपनी पुरानी सभी सफलताओं के कीर्तिमानों को ध्वस्त करते हुए विकास की एक नई और स्वर्णिम गाथा लिखने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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