Lawrence Bishnoi shooter

दिल्ली और हरियाणा पुलिस के ज्वॉइंट ऑपरेशन में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के 2 इनामी शूटर एनकाउंटर में ढेर, 4 पुलिसकर्मियों पर भी चलीं गोलियां

देश/प्रदेश राष्ट्रीय हरियाणा

एजेंसी, बहादुरगढ़। Lawrence Bishnoi shooter encounter : हरियाणा के बहादुरगढ़ इलाके में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा पुलिस की संयुक्त टीम को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले खूंखार लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस और खतरनाक बदमाशों के बीच हुई इस भीषण मुठभेड़ में बिश्नोई गैंग के 2 मुख्य शूटरों को मार गिराया गया है। यह पूरी कार्रवाई पूरी तरह से गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी, जिसमें पुलिस बल ने बेहद सूझबूझ और बहादुरी का परिचय दिया। इस मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है और भारी पुलिस बल तैनात है।

दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस का ज्वॉइंट ऑपरेशन

इस पूरी घटना को अंजाम देने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा पुलिस के आला अधिकारियों ने मिलकर एक विशेष रणनीति तैयार की थी। स्पेशल टास्क फोर्स के पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस विभाग को अपने खुफिया तंत्र से एक बेहद पक्की जानकारी मिली थी। सूचना यह थी कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कुछ खतरनाक शूटर किसी बड़ी और सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के मकसद से बहादुरगढ़ के आस-पास के इलाके में घूम रहे हैं। इस इनपुट के मिलते ही पुलिस की टीमों ने बिना वक्त गंवाए एक ज्वॉइंट ऑपरेशन शुरू किया और बदमाशों को पकड़ने के लिए इलाके में चारों तरफ से जाल बिछा दिया।

जिम संचालक की हत्या के मुख्य आरोपी

पुलिस मुठभेड़ में मारे गए दोनों बदमाशों की पहचान प्रवेश और हिमांशु के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हरियाणा के हिसार जिले के रहने वाले थे। इनमें से प्रवेश का घर हिसार के टिब्बा दानाशेर इलाके में था, जबकि हिमांशु जखोड़ा खेड़ा का निवासी बताया गया है। इन दोनों शूटरों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और पिछले महीने ही हरियाणा के हांसी शहर में एक जिम संचालक की सरेआम बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में प्रवेश और हिमांशु ही मुख्य आरोपी थे और वारदात के बाद से ही लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस लंबे समय से इनकी तलाश कर रही थी और इनकी गिरफ्तारी पर 1-1 लाख रुपये का भारी-भरकम नकद इनाम भी घोषित किया गया था।

दोनों तरफ से हुई अंधाधुंध फायरिंग

जब पुलिस की संयुक्त टीमों ने खुफिया इनपुट के आधार पर दोनों शूटरों को बहादुरगढ़ के पास एक सुनसान जगह पर चारों तरफ से घेर लिया, तो पुलिस ने उन्हें तुरंत आत्मसमर्पण करने के लिए कहा। खुद को पुलिस के जाल में पूरी तरह फंसता देख दोनों शूटरों ने हार मानने के बजाय अपने अवैध हथियारों से पुलिस टीम पर सीधे अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों को हमलावर होते देख पुलिस कर्मियों ने भी आत्मरक्षा में तुरंत जवाबी कार्रवाई की और अपनी पोजीशन संभालते हुए गोलियां चलाईं। इस भयंकर मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से करीब 12 से 13 राउंड गोलियां चलीं, जिससे पूरा इलाका दहल उठा। इस क्रॉस फायरिंग में दोनों शूटर बुरी तरह से घायल हो गए और जमीन पर गिर पड़े।

बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई पुलिसकर्मियों की जान

इस बेहद खतरनाक और नजदीकी मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए 4 पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर सीधे उनकी छाती पर गोलियां दागी थीं। गनीमत यह रही कि ऑपरेशन पर निकले सभी पुलिसकर्मी पूरी तरह से सतर्क थे और उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी। बदमाशों की गोलियां सीधे बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगीं, जिसके कारण इन 4 पुलिसकर्मियों की जान बाल-बाल बच गई और एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया। हालांकि, इस पूरे ऑपरेशन के दौरान पुलिस का 1 बहादुर सिपाही गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जिसे तुरंत इलाज के लिए पास के अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने शूटरों को मृत घोषित किया

मुठभेड़ खत्म होने के तुरंत बाद पुलिस ने दोनों घायल शूटरों प्रवेश और हिमांशु को लहूलुहान हालत में नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों की एक विशेष टीम ने दोनों का तुरंत इलाज शुरू किया, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण उपचार के दौरान ही दोनों आरोपियों की मौत हो गई। वहीं दूसरी तरफ मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हुए पुलिस के सिपाही की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर यानी बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया है, जहां डॉक्टरों की टीम उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है।

वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण

इस बड़े एनकाउंटर की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी तुरंत दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारियों ने उस पूरी जगह का बेहद बारीकी से मुआयना किया जहां यह मुठभेड़ हुई थी। पुलिस ने मौके से बदमाशों के हथियार, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और खोखे बरामद किए हैं। पुलिस महानिदेशक और अन्य बड़े अफसरों ने इस बेहद जोखिम भरे ज्वॉइंट ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली दिल्ली और हरियाणा पुलिस की टीमों की बहादुरी की जमकर सराहना की है और कहा है कि अपराधियों के खिलाफ इस तरह का सख्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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