PM Kisan 23rd Installment

पश्चिम बंगाल को प्रधानमंत्री मोदी ने दी बड़ी सौगात : देश के करोड़ों अन्नदाताओं के खातों में हस्तांतरित की किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त

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एजेंसी, कोलकाता। PM Kisan 23rd Installment : देश के प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल के ऐतिहासिक और धार्मिक क्षेत्र तारकेश्वर पहुंचे, जहां उन्होंने देश के करोड़ों अन्नदाताओं के जीवन को सुगम और समृद्ध बनाने के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया। प्रधानमंत्री ने एक भव्य समारोह के दौरान ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ की बहुप्रतीक्षित 23वीं किस्त का डिजिटल माध्यम से विमोचन किया। इस कल्याणकारी कदम के अंतर्गत देश के कोने-कोने में बसे करोड़ों किसान परिवारों के बैंक खातों में सीधे दो-दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि भेजी गई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिलेगी।

वित्तीय समावेशन की दिशा में ऐतिहासिक कदम, नौ करोड़ से अधिक किसानों को मिला सीधा लाभ

तारकेश्वर में आयोजित इस विशाल जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री ने एक बटन दबाकर देश भर के लगभग नौ करोड़ चौवालिस लाख से अधिक पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में कुल अट्ठारह हजार आठ सौ अस्सी करोड़ रुपये से अधिक की विशाल धनराशि को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रणाली के माध्यम से सीधे स्थानांतरित किया। इस ताजा किस्त के जारी होने के साथ ही केंद्र सरकार द्वारा अब तक इस योजना के अंतर्गत वितरित की गई कुल संचयी राशि चार लाख अट्ठाईस हजार करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुकी है। यह योजना वर्तमान में संपूर्ण विश्व की सबसे बड़ी और पारदर्शी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रणालियों में से एक बनकर उभरी है, जिसका मुख्य उद्देश्य बिचौलियों को समाप्त कर सीधे किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है।

प्रतिवर्ष दी जाने वाली छह हजार रुपये की सहायता का पूरा गणित

केंद्र सरकार द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत देश के सभी छोटे और सीमांत पात्र किसानों को कृषि कार्यों और अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की सुनिश्चित वित्तीय सहायता दी जाती है। इस पूरी वार्षिक सहायता राशि को दो-दो हजार रुपये की तीन समान और किस्तों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक चार महीने के निश्चित अंतराल पर यह राशि बिना किसी कटौती के सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचती है। प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि उनकी सरकार आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देकर किसानों की कृषि लागत को कम करने और उनकी आय को दोगुना करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

लाभार्थी ऐसे कर सकते हैं अपने बैंक खाते की स्थिति की जांच

इस नई किस्त के जारी होने के बाद देश के किसान बेहद सरल तरीकों से अपने भुगतान की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए लाभार्थी किसान इस योजना के आधिकारिक इंटरनेट पोर्टल पर जाकर वहां उपलब्ध ‘अपनी स्थिति जानें’ वाले विकल्प पर क्लिक कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, किसान भाई अपने नजदीकी बैंक की शाखा में जाकर अपनी पासबुक में प्रविष्टि करवाकर या अपने पंजीकृत मोबाइल फोन पर आने वाले संदेश के माध्यम से भी यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि दो हजार रुपये की यह सम्मान राशि उनके खाते में सुरक्षित जमा हुई है या नहीं।

बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए रेलवे और कृषि क्षेत्र से जुड़ी नई योजनाओं का अनावरण

प्रधानमंत्री ने इस यात्रा के दौरान केवल वित्तीय सहायता ही नहीं दी, बल्कि पश्चिम बंगाल के समग्र विकास के लिए कई सौ करोड़ रुपये की अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की भी घोषणा की। इन विकास योजनाओं में भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे का विस्तार, सड़क परिवहन का सुदृढ़ीकरण, मत्स्य पालन का आधुनिकीकरण और पशुपालन से जुड़े क्षेत्र शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने क्षेत्र के लिए एक नए रेलवे मंडल की स्थापना, एक अत्याधुनिक रेलवे चिकित्सालय, हावड़ा तथा राधामोहनपुर को जोड़ने वाले एक विशाल पुल और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण के तहत ग्रामीण इलाकों में सड़कों के जाल बिछाने की घोषणा की। साथ ही, तटीय क्षेत्र फ्रेजरगंज में नए फिशिंग हार्बर और बीरभूम में आधुनिक मछली बाजार के निर्माण की भी शुरुआत की गई।

डिजिटल और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए तीन नए राष्ट्रीय मिशनों की शुरुआत

कृषि उत्पादन को बढ़ाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए प्रधानमंत्री ने इस मंच से तीन अत्यंत दूरगामी और आधुनिक पहलों का शुभारंभ किया। इनमें ‘डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन’, ‘राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन’ और ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ शामिल हैं। इन नवीन योजनाओं के माध्यम से खेती-किसानी में उन्नत उपग्रह तकनीक, ड्रोन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे किसानों को मौसम और फसलों की बीमारियों की सटीक जानकारी मिल सकेगी। साथ ही, रसायनों से मुक्त प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे और किसानों की उत्पादकता में वृद्धि हो।

पश्चिमबंग दिवस पर बोले प्रधानमंत्री: बंगाल के कण-कण से आ रही है नई खुशबू

समारोह के दौरान भावुक होते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिमबंग दिवस के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने जनता का अभिवादन करते हुए कहा कि बाबा तारकनाथ की इस पवित्र और ऐतिहासिक भूमि पर, चुनाव संपन्न होने और नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद पहली बार आना उनके लिए परम सौभाग्य की बात है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज बंगाल की आबोहवा में एक नई ताजगी और सकारात्मक ऊर्जा का संचार महसूस किया जा सकता है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि विकास की राह में आ रही सभी बेड़ियां अब पूरी तरह टूट चुकी हैं और बंगाल के पुराने गौरवशाली दिनों की वापसी का समय आ गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आज शुरू हुई ये सभी विकास योजनाएं राज्य के एक उज्ज्वल और स्वर्णिम भविष्य के निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगी।

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