Bhopal IG Conference

भोपाल आईजी सम्मेलन : सीएम मोहन यादव ने पुलिस के पराक्रम और आतंकवाद-न नक्सलवाद के खात्मे को बताया ऐतिहासिक सफलता

प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, भोपाल। Bhopal IG Conference : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित पुलिस मुख्यालय में शनिवार को एक बेहद ही महत्वपूर्ण महानिरीक्षक (आईजी) सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक के प्रारंभिक सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश पुलिस बल की कार्यप्रणाली, उनकी मुस्तैदी और उत्कृष्ट देशसेवा की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले ढाई वर्षों के कार्यकाल के दौरान राज्य पुलिस ने कानून व्यवस्था को बनाए रखने और सुरक्षा के मोर्चे पर कई ऐतिहासिक और अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन पर न केवल सरकार को बल्कि पूरे प्रदेश की जनता को बहुत गर्व है। उन्होंने विशेष रूप से रेखांकित किया कि देश विरोधी ताकतों, आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने और दशकों पुरानी नक्सलवाद की समस्या को जड़ से उखाड़ फेंकने में मध्य प्रदेश पुलिस ने देश के सामने सुशासन की एक नई और अनुकरणीय मिसाल पेश की है।

भविष्य की बड़ी आतंकी साजिश का समय रहते हुआ पर्दाफाश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में राजधानी भोपाल में आतंकवाद विरोधी दस्ते (एटीएस) द्वारा की गई एक बहुत बड़ी और गोपनीय कार्रवाई का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने अत्यंत गंभीर लहजे में देश को सचेत करते हुए बताया कि हमारी सतर्क सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते एक ऐसे बेहद खतरनाक संदिग्ध व्यक्ति को अपनी हिरासत में लिया है, जो आने वाले समय में सीमा पार बैठे आकाओं और पाकिस्तान के इशारे पर भारत की संप्रभुता तथा आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बहुत बड़ा नासूर बन सकता था। सुरक्षा बलों ने न केवल उस संदिग्ध देशद्रोही को दबोचा, बल्कि उसके पूरे नेटवर्क और खतरनाक मंसूबों को भी पूरी तरह से छिन्न-भिन्न कर दिया। इस बड़ी छापेमारी के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को आरोपी के ठिकाने से भारी मात्रा में जिहादी और उग्रवादी मानसिकता से ओतप्रोत भड़काऊ साहित्य भी बरामद हुआ है, जिससे स्पष्ट होता है कि वह देश में किसी बड़ी अशांति को फैलाने की तैयारी में था।

राष्ट्रविरोधी तत्वों को कड़ा संदेश, बिल से खोजकर निकालेंगे

इस बड़ी कामयाबी पर सुरक्षाबलों की पीठ थपथपाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल एक अपराधी की धरपकड़ नहीं है, बल्कि देश के दुश्मनों के खिलाफ हमारी सुरक्षा एजेंसियों की अद्वितीय दक्षता और चौबीसों घंटे मुस्तैदी का एक जीवंत प्रमाण है। उन्होंने बेहद कड़े और आक्रामक शब्दों में राष्ट्रविरोधी ताकतों को चेतावनी देते हुए कहा कि जिस प्रकार आस्तीन के सांपों और बिल में छिपे जहरीले सपोलों को ढूंढकर बाहर निकालना समाज की सुरक्षा के लिए अनिवार्य होता है, ठीक उसी प्रकार यदि राज्य के किसी भी कोने में ऐसे देशद्रोही तत्व किसी भी गुप्त नेटवर्क का हिस्सा बनकर छिपे हुए हैं, तो मध्य प्रदेश पुलिस उन्हें पाताल से भी खोज निकालने और कानून के शिकंजे में कसने के लिए पूरी तरह से सक्षम और तैयार है। उन्होंने साफ कर दिया कि मध्य प्रदेश की धरती पर किसी भी प्रकार की राष्ट्रविरोधी या देश को तोड़ने वाली गतिविधियों को रत्ती भर भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मध्य प्रदेश बना देश का पहला नक्सलवाद मुक्त राज्य

आईजी सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में दशकों से पैर पसारे नक्सलवाद के खात्मे को सरकार की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी बताया। उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि मंडला, बालाघाट और डिंडोरी जैसे सुदूर वनांचल क्षेत्र वर्षों से नक्सली हिंसा और आतंक के साये में जीने को मजबूर थे, जिसके कारण इन क्षेत्रों का विकास पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ था। अतीत की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौर में नक्सली हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने सरकार के एक कैबिनेट मंत्री तक की बेरहमी से हत्या कर दी थी और सैकड़ों मासूम नागरिकों व जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। लेकिन वर्तमान में देश के प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के कुशल मार्गदर्शन तथा मध्य प्रदेश पुलिस के अदम्य साहस के बल पर आज इन सभी क्षेत्रों से नक्सलवाद का पूरी तरह से सफाया हो चुका है। मुख्यमंत्री ने यह बड़ा दावा भी किया कि मध्य प्रदेश पूरे देश का ऐसा पहला राज्य बनकर उभरा है जिसने अपने भौगोलिक क्षेत्रों से नक्सलवाद के दंश को पूरी तरह से समाप्त कर शांति स्थापित की है।

नई चुनौतियों से निपटने के लिए संसाधनों और भर्तियों में भारी बढ़ोतरी

आधुनिक युग में तकनीक के दुरुपयोग और साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज के समय में पुलिस के सामने कई नए किस्म के खतरे मंडरा रहे हैं, लेकिन हमारी पुलिस इन सभी आधुनिक चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए खुद को लगातार तकनीकी रूप से अपग्रेड कर रही है। देश में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ-साथ पुलिस बल को उन्नत हथियारों और आधुनिक संसाधनों से लैस किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस महकमे को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि राज्य में लंबे समय के बाद उपनिरीक्षकों (सब-इंस्पेक्टर) की सीधी भर्ती शुरू की गई है और वर्तमान में लगभग बाईस हजार से अधिक पदों पर पुलिस आरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का यह मुख्य लक्ष्य है कि पुलिस विभाग में स्वीकृत कोई भी पद खाली न रहे और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए हर साल नियमित रूप से नई नियुक्तियां की जाती रहें।

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