मध्य प्रदेश

‘उपचुनाव के बाद कसेगा प्रशासनिक शिकंजा : सीएम डॉ. मोहन यादव लेंगे कलेक्टर्स-एसपी की समीक्षा बैठक, परफॉर्मेंस रिपोर्ट के आधार पर होगा कड़ा हिसाब’

प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, भोपाल। MP Collector SP Review Meeting : मध्य प्रदेश में दतिया उपचुनाव के नतीजे घोषित होने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) की एक बड़ी और महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) बैठक लेने जा रहे हैं। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से इस कड़े प्रशासनिक समीक्षा सत्र के लिए आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस एक्शन-ओरिएंटेड कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री प्रशासनिक अधिकारियों को पूर्व में सौंपे गए कार्यों की जमीनी हकीकत, विभिन्न विकास परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति और पूरे प्रदेश की कानून-व्यवस्था का गहराई से जायजा लेंगे। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर इस बैठक के दौरान कड़ा रुख अपनाया जा सकता है।

कलेक्टर्स की बनेगी रिपोर्ट कार्ड, मुख्य सचिव कार्यालय ने मांगा जिला स्तर का पूरा ब्योरा

बैठक को लेकर मुख्य सचिव कार्यालय पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर्स और जिला स्तर के सभी विभागों से उनके हालिया कामकाज का विस्तृत खाका और हिसाब-किताब तलब किया गया है। मंत्रालय स्तर पर सभी जिला कलेक्टर्स की एक-एक ‘परफॉर्मेंस रिपोर्ट’ तैयार की जा रही है, जिससे उनके कार्यों का सटीक मूल्यांकन हो सके। मुख्य सचिव के निर्देशों के मुताबिक, मुख्य बैठक से पहले प्रशासनिक स्तर पर प्रारंभिक समीक्षा की जाएगी ताकि कमियों को पहले ही चिह्नित किया जा सके। इसके अलावा बैठक में प्रत्येक संभाग का एक विशेष ‘डिवीजनल प्रेजेंटेशन’ भी मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

मंत्रियों के साथ वन-टू-वन बैठक के बाद अब मंत्रिपरिषद संग बनेगा अगले चरण का विकास रोडमैप

पिछले एक माह के भीतर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लगभग सभी प्रमुख विभागों की समीक्षा की है और संबंधित मंत्रियों के साथ पृथक वन-टू-वन बैठकें आयोजित की हैं। अब इन सभी प्राथमिक समीक्षाओं के निष्कर्षों को एक साझा मंच पर लाकर सरकार अपनी नई सामूहिक रणनीति तय करेगी। कलेक्टर्स-एसपी कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद मुख्यमंत्री अपनी मंत्रिपरिषद के सदस्यों के साथ एक विशेष मंथन बैठक भी करेंगे, जिसमें विभागीय प्राथमिकताओं, प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे ले जाने के लक्ष्यों, औद्योगिक कॉरिडोर, आईटी निवेश, कृषि और जल जीवन मिशन जैसे रणनीतिक प्रोजेक्ट्स के रोडमैप को अंतिम रूप दिया जाएगा।

जमीनी स्तर पर असर दिखाने का सख्त संदेश, जनकल्याणकारी योजनाओं और महिला सुरक्षा पर रहेगा फोकस

सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार प्रशासनिक तंत्र को यह स्पष्ट और कड़ा संदेश देना चाहती है कि केवल नई योजनाओं की घोषणा से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनके धरातल पर ठोस परिणाम दिखाने होंगे। इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी पहुंच, भू-माफियाओं पर कार्रवाई, साइबर अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली की गहन पड़ताल की जाएगी। सरकार का मुख्य ध्येय प्रशासनिक बाधाओं को दूर कर तय समय सीमा के भीतर सभी विकास लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करना है।

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