Salim Kumar Death

 सिनेमा जगत में शोक की लहर : मशहूर राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता सलीम कुमार का निधन 

केरल देश/प्रदेश राष्ट्रीय

एजेंसी, कोच्चि। Salim Kumar Death : दक्षिण भारतीय सिनेमा और विशेष रूप से मलयालम फिल्म जगत से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित और अपनी बेहतरीन अदाकारी के लिए जाने जाने वाले दिग्गज अभिनेता सलीम कुमार अब हमारे बीच नहीं रहे। कोच्चि के एक निजी अस्पताल में निमोनिया का इलाज कराने के दौरान उनका निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक वह छप्पन वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। शनिवार रात को करीब पौने ग्यारह बजे उन्होंने अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली। इस दुखद खबर के सामने आने के बाद से ही पूरे मनोरंजन जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है।

तबीयत बिगड़ने के बाद वेंटिलेटर पर थे अभिनेता

पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि अभिनेता सलीम कुमार ने कुछ साल पहले लिवर प्रतिरोपण यानी यकृत का ऑपरेशन करवाया था, जिसके बाद से उनका स्वास्थ्य काफी संवेदनशील बना हुआ था। शनिवार की सुबह अचानक उनकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम यानी वेंटिलेटर पर रख दिया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं हुआ और देर रात उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

नकल कलाकार से शुरू किया था अपना सफर

सलीम कुमार का शुरुआती जीवन काफी संघर्षों से भरा रहा था। उन्होंने मनोरंजन की दुनिया में कदम एक मिमिक्री कलाकार यानी दूसरों की आवाज की नकल करने वाले कलाकार के रूप में रखा था। अपनी गजब की कॉमिक टाइमिंग और हास्य अभिनय के दम पर उन्होंने केरल के कला मंचों पर अपनी एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने केरल के मशहूर कलाभवन समूह के साथ जुड़कर देश और विदेशों में कई स्टेज शो किए। इसके बाद उन्होंने खुद का एक मिमिक्री ग्रुप भी तैयार किया। वह रंगमंच यानी थिएटर में भी काफी सक्रिय रहे और दूरदर्शन के विभिन्न चैनलों पर कॉमेडी शोज की मेजबानी करते हुए घर-घर में लोकप्रिय हो गए।

पहली फिल्म और करियर का बड़ा मोड़

साल 1997 में उन्होंने निर्देशक सिद्दीक-शमीर की फिल्म ‘इष्टमनु नूरु वट्टम’ से बड़े पर्दे पर कदम रखा था। हालांकि उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में असली और बड़ी सफलता ‘सत्यमेव जयते’ नाम की फिल्म से मिली। इस फिल्म ने उन्हें मलयालम सिनेमा के शीर्ष हास्य कलाकारों की कतार में ला खड़ा किया। करीब तीन दशकों के अपने शानदार फिल्मी सफर में उन्होंने तीन सौ से अधिक फिल्मों में काम किया। साल 2025 में रिलीज हुई फिल्म ‘भा भा बा’ उनकी आखिरी फिल्म साबित हुई, जिसमें उन्होंने एक मेहमान भूमिका निभाई थी। अभिनय के साथ-साथ उन्होंने फिल्मों के लेखन और निर्देशन में भी हाथ आजमाया था।

गंभीर किरदारों से जीता राष्ट्रीय पुरस्कार

शुरुआत में केवल हास्य भूमिकाएं करने वाले सलीम कुमार ने बाद में बेहद गंभीर और संजीदा किरदार निभाकर सबको हैरान कर दिया। साल 2004 में आई निर्देशक कमल की फिल्म ‘पेरुमाझक्कलम’ उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। इसके बाद ‘अचनुरंगथा वीडू’ में बेहतरीन अभिनय के लिए उन्हें केरल राज्य फिल्म पुरस्कार में दूसरा सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना गया। उनके करियर का सबसे सुनहरा पल तब आया जब साल 2010 में आई फिल्म ‘अदामिंते मकान अबू’ में उनके जीवंत अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और केरल राज्य फिल्म पुरस्कार दोनों प्रदान किए गए।

राजनीति से भी रहा गहरा जुड़ाव

सिनेमा की दुनिया में अपार लोकप्रियता हासिल करने के बाद भी सलीम कुमार ने कभी अपने राजनीतिक विचारों को नहीं छुपाया। वह खुलकर कांग्रेस पार्टी का समर्थन करते थे। कॉलेज के दिनों में वह छात्र संगठन केरल छात्र संघ के एक सक्रिय कार्यकर्ता थे और कला क्लब के सचिव भी रहे। वह अक्सर बताया करते थे कि उनके पिता कांग्रेस के प्रति बेहद समर्पित थे और इसी वजह से वह बचपन से ही पार्टी के कार्यक्रमों में जाते रहे। हालिया विधानसभा चुनावों के दौरान भी उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन का खुलकर प्रचार किया था और विपक्षी दलों की नीतियों की तीखी आलोचना की थी।

प्रधानमंत्री मोदी सहित बड़े नेताओं ने जताया दुख

सलीम कुमार के निधन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दिग्गज अभिनेता सलीम कुमार जी के जाने से मुझे गहरा दुख हुआ है। उन्होंने अपने करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं और अपनी बहुमुखी प्रतिभा से एक अलग पहचान बनाई। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और फैंस के साथ हैं। इसके साथ ही कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जाना सिनेमा और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

लाफिंग विला में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

अभिनेता के निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को आम जनता और प्रशंसकों के अंतिम दर्शन के लिए नॉर्थ परवूर के टाउन हॉल में रखा गया, जहां हजारों की संख्या में लोग अपने चहेते कलाकार को विदाई देने पहुंचे। इसके बाद आज शाम को उनके पैतृक निवास ‘लाफिंग विला’ में पूरे पुलिस सम्मान और राजकीय मर्यादा के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके परिवार में उनकी पत्नी सुनीता और दो बेटे चंदू और आरोमल हैं। उनके बेटे चंदू भी सिनेमा जगत से जुड़े हुए हैं और उन्होंने हाल ही में आई सुपरहिट फिल्म ‘मंजुम्मेल बॉयज’ में अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा था। सलीम कुमार भले ही इस दुनिया से चले गए हों, लेकिन उनकी फिल्में हमेशा दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेंगी।

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