एजेंसी, यरूशलम। PM Netanyahu India Support : इजराइल के शीर्ष नेता और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के साथ अपने देश के मजबूत और गहरे रिश्तों को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दुनिया के बदलते राजनीतिक हालातों के बीच भारत को विश्व की एक बेहद विशाल और प्रभावशाली महाशक्ति के रूप में स्वीकार किया है। इजराइली प्रधानमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि आज के समय में जब दुनिया के तमाम देशों और कोनों में उनके यहूदी राष्ट्र की पहचान, अस्तित्व और वैधता को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े किए जा रहे हैं और लगातार घेरेबंदी करने की कोशिशें की जा रही हैं, ऐसी विपरीत परिस्थितियों में भी भारत के भीतर इजराइल के प्रति एक अटूट और बेहद गहरा स्नेह देखने को मिलता है। उन्होंने भारतीय नागरिकों और वहां की सरकार की तरफ से मिलने वाले इस अपार समर्थन की दिल से सराहना की है और इसे अपने देश के लिए एक बहुत बड़ी ताकत बताया है।
Netanyahu said “we face delegitimization in much of the world — but not in India. In India, there is an absolutely crazy love for Israel, truly crazy. I think I have more followers from India than from anywhere else.”
🇮🇳🤝🇮🇱#IndiaIsrael pic.twitter.com/16AX9rLuYx— Digital Bharat (@MDigitalBharat) May 29, 2026
मजबूत अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक साझेदारियों का नया अध्याय
यह महत्वपूर्ण बयान बेंजामिन नेतन्याहू ने जॉर्डन घाटी में आयोजित एक विशेष और बड़े कार्यक्रम के दौरान दिया। इस कार्यक्रम में वह मुख्य रूप से इजराइल की मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, विदेशी संबंधों और दुनिया भर में अपनी नई साझेदारियों को मजबूत करने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों के बारे में बात कर रहे थे। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने विशेष रूप से भारत का नाम लिया और इसे इजराइल के बढ़ते हुए अंतरराष्ट्रीय दायरों का सबसे बेहतरीन और अटूट उदाहरण बताया। उन्होंने यह बात ऐसे बेहद नाजुक समय में कही है जब पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में जमीन पर हालात बहुत ज्यादा तनावपूर्ण और संवेदनशील बने हुए हैं। इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत जैसी बड़ी शक्ति का खुलकर साथ खड़े रहना इजराइल के लिए वैश्विक पटल पर एक बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत की तरह देखा जा रहा है।
पश्चिम एशिया के संकट के बीच नए और भरोसेमंद मित्रों की तलाश
वर्तमान समय में पश्चिम एशिया के भीतर इजराइल को चारों तरफ से कई बड़ी सुरक्षा चुनौतियों और सैन्य संकटों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मुश्किल दौर में इजराइल अपने पुराने और पारंपरिक मित्र देशों पर निर्भर रहने के साथ-साथ अब दुनिया के अन्य हिस्सों में नए, शक्तिशाली और भरोसेमंद साझेदारों के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करने की रणनीतियों पर बहुत तेजी से काम कर रहा है। इजराइल के सरकारी मीडिया विभाग द्वारा जारी किए गए एक आधिकारिक वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने खुद इस बात को स्वीकार किया है कि वे लोग लगातार अपने अंतरराष्ट्रीय गठबंधनों का दायरा बढ़ा रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब हम इस कूटनीतिक दायरे को एक बहुत बड़े स्तर पर ले जाने की बात करते हैं, तो उस बड़े दायरे का सीधा संबंध भारत जैसी एक बेहद विशाल और पराक्रमी महाशक्ति के साथ हमारे अनोखे और विशिष्ट रिश्तों से जुड़ जाता है।
वैश्विक स्तर पर उठते विरोध के सुर और भारतीय समाज से मिलता अपार प्रेम
विश्व स्तर पर इजराइल सरकार की नीतियों को लेकर हो रही कड़ी आलोचनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने पूरी बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह सच है कि आज दुनिया के कई देशों में हमारे देश की नीतियों और हमारी वैधता पर लगातार उंगलियां उठाई जा रही हैं और हमें कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन भारत की धरती पर ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। भारत के आम लोगों और वहां की व्यवस्था में इजराइल के लिए एक बहुत ही जबरदस्त और सच्चा प्रेम मौजूद है। यह स्नेह वाकई में अद्भुत और अतुलनीय है। अपनी बात को और आगे बढ़ाते हुए उन्होंने एक बेहद दिलचस्प और जमीनी हकीकत को साझा किया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि अगर वे अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स को देखें, तो उन्हें लगता है कि दुनिया भर में उनके चाहने वालों और उन्हें डिजिटल माध्यमों पर फॉलो करने वाले लोगों की सबसे बड़ी संख्या भारत से ही आती है, जो यह साबित करने के लिए काफी है कि भारतीय लोग उनसे कितना लगाव रखते हैं।
दोनों शीर्ष नेताओं के बीच व्यक्तिगत मित्रता और बढ़ते व्यापारिक व रणनीतिक संबंध
यह कोई पहली बार नहीं है जब बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के प्रति अपनी इस गहरी भावना को सार्वजनिक रूप से व्यक्त किया है। इससे पहले भी वह कई अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी गहरी व्यक्तिगत दोस्ती, आपसी तालमेल और दोनों देशों के बीच के ऐतिहासिक संबंधों की मजबूती को बार-बार दुनिया के सामने रेखांकित करते आए हैं। अपने पुराने बयानों में भी उन्होंने भारत को एक बेहद सामर्थ्यवान और शक्तिशाली राष्ट्र बताया था। वर्तमान में दोनों देशों के बीच न केवल कूटनीतिक बल्कि रक्षा, तकनीक, कृषि, व्यापार और सुरक्षा जैसे कई बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में आपसी सहयोग लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। विपरीत वैश्विक परिस्थितियों के बाद भी दोनों देशों का एक-दूसरे के साथ इस तरह मजबूती से खड़े रहना यह दिखाता है कि यह रिश्ता वक्त की हर कसौटी पर पूरी तरह खरा उतरा है।
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