एजेंसी, ओस्लो। PM Modi Norway Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्वे यात्रा के दौरान भारत और नॉर्वे के रिश्तों को नई मजबूती मिली है। दोनों देशों ने आपसी सहयोग को नई दिशा देते हुए अपने संबंधों को “ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप” के स्तर तक पहुंचाने का फैसला किया है। इस दौरान समुद्री सहयोग, हरित ऊर्जा, अंतरिक्ष अनुसंधान, डिजिटल विकास, स्वास्थ्य और वैज्ञानिक तकनीक समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कुल 9 समझौतों और 3 नई पहलों की घोषणा की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह साझेदारी आने वाले वर्षों में भारत और नॉर्वे के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाई दे सकती है।
Jeg hadde fruktbare samtaler med statsminister Jonas Gahr Støre i Oslo. Et av de viktigste høydepunktene var oppgraderingen av vårt bilaterale partnerskap til et grønt strategisk partnerskap, som vil styrke samarbeidet innen ren energi, bærekraftig vekst, den blå økonomien og… pic.twitter.com/MNslB1hMmi
— Narendra Modi (@narendramodi) May 19, 2026
प्रधानमंत्री मोदी और स्टोरे के बीच हुई अहम वार्ता
नॉर्वे की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहां के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे के साथ विस्तृत द्विपक्षीय बातचीत की। दोनों नेताओं ने बदलते वैश्विक हालात, हरित विकास और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के बाद दोनों देशों ने साझा बयान जारी करते हुए ग्रीन स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप को भविष्य की महत्वपूर्ण पहल बताया। भारत और नॉर्वे ने स्वच्छ ऊर्जा, तकनीकी विकास और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में मिलकर काम करने पर सहमति जताई। दोनों देशों ने यह भी कहा कि टिकाऊ विकास और पर्यावरण संरक्षण को लेकर साझा प्रयास आगे बढ़ाए जाएंगे।
अंतरिक्ष और डिजिटल क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
इस यात्रा के दौरान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और नॉर्वे की अंतरिक्ष एजेंसी के बीच बाह्य अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग और अनुसंधान को लेकर महत्वपूर्ण समझौता हुआ। इसके तहत दोनों देश अंतरिक्ष तकनीक और अनुसंधान में एक-दूसरे का सहयोग करेंगे। इसके अलावा भारत और नॉर्वे के विदेश मंत्रालयों के बीच डिजिटल विकास साझेदारी को लेकर भी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। माना जा रहा है कि इससे डिजिटल तकनीक, साइबर सुरक्षा और आधुनिक संचार व्यवस्था के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा।
स्वास्थ्य और वैज्ञानिक अनुसंधान पर भी जोर
दोनों देशों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सहयोग को मजबूत करने का फैसला किया है। भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और नॉर्वे के स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा अनुसंधान को लेकर समझौता हुआ। इसके अलावा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद और नॉर्वे की अनुसंधान संस्थाओं के बीच तकनीकी सहयोग और हरित प्रौद्योगिकी के विकास को लेकर कई अहम करार किए गए। इन समझौतों के तहत वर्ष 2026 से 2029 तक संयुक्त अनुसंधान और तकनीकी परियोजनाओं पर काम किया जाएगा।
समुद्री ऊर्जा और हरित तकनीक पर रहेगा फोकस
भारत और नॉर्वे ने समुद्री ऊर्जा और अपतटीय पवन ऊर्जा के क्षेत्र में भी साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने संयुक्त कार्य कार्यक्रम तैयार करने के लिए विशेष कार्यान्वयन समझौते पर हस्ताक्षर किए। विशेषज्ञों के अनुसार यह पहल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है। भारत की राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नॉर्वेजियन जियोटेक्निकल संस्थान के बीच सुरंग निर्माण, ढलान स्थिरता और तकनीकी प्रशिक्षण को लेकर भी समझौता हुआ। इससे भारत में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को नई तकनीकी सहायता मिलने की उम्मीद है।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ेगा रणनीतिक सहयोग
नॉर्वे ने भारत की हिंद-प्रशांत महासागर पहल में शामिल होने की घोषणा भी की है। इसे क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं भारत ने वर्ष 2027 में आयोजित होने वाले “नॉर शिपिंग” कार्यक्रम में भारतीय मंडप के साथ भाग लेने की घोषणा की। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत और नॉर्वे के रिश्तों में नया अध्याय जोड़ सकती है। हरित विकास, तकनीक, ऊर्जा और समुद्री सहयोग के क्षेत्र में बढ़ती साझेदारी दोनों देशों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान देने में मदद कर सकती है।


