हरदीप सिंह पुरी

देश में ईंधन का भंडार पर्याप्त : पेट्रोलियम मंत्री ने कहा- एलपीजी उत्पादन में भारी बढ़ोत्तरी, रोजाना भरे जा रहे 38 लाख सिलेंडर

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। LPG Production : देश के वर्तमान हालात और ऊर्जा की जरूरतों को देखते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को जनता को बड़ा भरोसा दिलाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन की रत्ती भर भी कमी नहीं है और इसकी आपूर्ति पूरी तरह से व्यवस्थित ढंग से जारी है। सरकार ने भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए पहले ही पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं ताकि आम नागरिक को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

एलपीजी के उत्पादन में ऐतिहासिक उछाल और रिकॉर्ड आपूर्ति

मंत्री ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण स्थितियों के बावजूद भारत सरकार ने एलपीजी के घरेलू उत्पादन में जबरदस्त वृद्धि की है। पूर्व में जहां देश में प्रतिदिन 35,000 से 36,000 टन एलपीजी का उत्पादन होता था, वहीं अब यह बढ़कर 54,000 टन प्रतिदिन के आंकड़े तक पहुंच गया है। उत्पादन की यह मात्रा इतनी अधिक है कि इससे रोजाना करीब 38 लाख घरेलू सिलेंडर (14.2 किलो वाले) आसानी से भरे जा सकते हैं। इस बढ़ोत्तरी से साफ है कि रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर देशवासियों को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

ईंधन का सुरक्षित स्टॉक और भविष्य की तैयारी

सीआईआई के वार्षिक व्यापार सम्मेलन को संबोधित करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर महत्वपूर्ण आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि भारत के पास वर्तमान में 69 दिनों के लिए कच्चे तेल और एलएनजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है। इसके अलावा, एलपीजी का भी 45 दिनों का स्टॉक सुरक्षित रखा गया है। यह स्टॉक किसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट या आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा।

प्रधानमंत्री की मितव्ययिता की अपील: आम जनता से सहयोग की अपेक्षा

पश्चिम एशिया के संकट से पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करने के लिए मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई मितव्ययिता की अपील को दोहराया। उन्होंने कहा कि देश के राजकोषीय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए सभी नागरिकों को सतर्क और जागरूक रहना होगा। प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अनुरोध किया है कि वे ईंधन का उपयोग बहुत सोच-समझकर करें। इसके लिए उन्होंने मेट्रो रेल के सफर, कारपूलिंग (एक ही वाहन में साझा यात्रा), और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल पर जोर दिया है।

सरकारी प्रयास और नागरिकों की जिम्मेदारी

सरकार का मुख्य लक्ष्य यह है कि वैश्विक संकट का बुरा असर आम आदमी की जेब पर न पड़े। इसी कड़ी में अनावश्यक विदेशी यात्राओं और सोने की खरीदारी को फिलहाल एक साल के लिए टालने का सुझाव दिया गया है। साथ ही, जहां संभव हो वहां ‘घर से काम’ (वर्क फ्रॉम होम) को प्राथमिकता देने की बात कही गई है ताकि सड़कों पर ईंधन की खपत कम की जा सके। पेट्रोलियम मंत्री के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि सरकार आपूर्ति को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है, लेकिन लंबी अवधि की स्थिरता के लिए नागरिकों का सहयोग भी उतना ही अनिवार्य है।

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