एजेंसी, बेंगलुरु। पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के हालातों के बीच अबू धाबी में फंसे हुए भारतीय यात्री सोमवार की रात बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित पहुंच गए। स्वदेश लौटते ही इन यात्रियों के चेहरों पर सुकून साफ दिखाई दे रहा था। यात्रियों ने बताया कि खाड़ी के देशों में मिसाइल हमलों के डर से वहां का वातावरण काफी डरावना और तनावपूर्ण हो गया था। भारत सुरक्षित पहुंचने पर उन्होंने एतिहाद एयरवेज, अबू धाबी प्रशासन और भारत सरकार को धन्यवाद दिया, जिन्होंने मुश्किल समय में उनके रहने और आने-जाने का पूरा प्रबंध किया।
मंगलुरु के रहने वाले सौरभ शेट्टी अबू धाबी की एक तेल कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने वहां के मंजर को बेहद खौफनाक बताया। सौरभ के अनुसार जब वे अट्ठाइस फरवरी को अपनी उड़ान के लिए हवाई अड्डे पहुंचे, तब वहां सब ठीक था, लेकिन अचानक खतरे का सायरन बजने लगा। सुरक्षा कर्मियों ने सभी को खिड़कियों से दूर हटने को कहा। वहां चर्चा होने लगी कि मिसाइल से हमला होने वाला है। उन्होंने बताया कि आसमान में मिसाइलें दिखाई दे रही थीं और उन्हें एक-दूसरे से टकराते हुए देखना जीवन का सबसे डरावना अनुभव था। सौरभ ने कहा कि हमें अपनी सेना पर गर्व है जो रोज ऐसी चुनौतियों का सामना करती है।
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बोस्टन से आए महेश ने बताया कि विमान कंपनी ने उनकी सुख-सुविधाओं का अच्छा ध्यान रखा। उन्हें बढ़िया होटल में ठहराया गया और खाने-पीने की कोई कमी नहीं होने दी गई। बेंगलुरु की रम्या ने बताया कि शुरुआत में उनकी उड़ान रद्द हो गई थी, लेकिन बाद में दो मार्च को उनके लिए दूसरे विमान की व्यवस्था की गई। कोयंबटूर के निरुबन और सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रसाद ने भी बताया कि हालांकि धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही थीं और माहौल में बेचैनी थी, पर वहां के अधिकारियों ने भारतीयों के रहने का मुफ्त इंतजाम किया। बागलकोट के गिरीमल्लप्पा केरूर, जो व्यापार के सिलसिले में पेरिस जा रहे थे, उन्होंने अपनी यात्रा बीच में ही छोड़ दी और वापस घर लौट आए।
दूसरी ओर, संयुक्त अरब अमीरात में फंसे महाराष्ट्र के एक सौ चौंसठ नागरिकों की मदद के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आगे आए हैं। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण कई हवाई मार्ग बंद कर दिए गए थे, जिससे महाराष्ट्र के लोग वहां फंस गए थे। शिंदे ने अधिकारियों से बात करके उनके लिए विशेष विमानों का इंतजाम किया। स्टार एयर के दो विशेष विमान मंगलवार को फुजैराह हवाई अड्डे से रवाना होंगे, जिनके शाम तक मुंबई पहुंचने की उम्मीद है। इन यात्रियों में पुणे के एक बिजनेस स्कूल के चौरासी छात्र और ठाणे व अहिल्यानगर के लोग शामिल हैं। दो दिन पहले ही उपमुख्यमंत्री ने इन लोगों से बात कर उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया था। वहीं, उमरगा के रहने वाले चार बुजुर्ग अब भी वहां फंसे हुए हैं, जिन्हें वापस लाने के लिए विधायक प्रवीण स्वामी और जिला प्रशासन केंद्र सरकार के संपर्क में हैं। धाराशिव के जिला अधिकारी ने विदेश में फंसे लोगों की सहायता के लिए विशेष मदद नंबर भी जारी किए हैं।


