एजेंसी, नई दिल्ली। Nightingale Award : देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ माने जाने वाले नर्सिंग कर्मियों के समर्पण को सम्मानित करने के लिए मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में एक विशेष गरिमामय समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नर्सिंग पेशे से जुड़े 15 उत्कृष्ट पेशेवरों को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित ‘नेशनल फ्लोरेंस नाइटिंगेल’ पुरस्कार प्रदान किए। इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में नर्सिंग कर्मियों को वर्ष 2026 के लिए ‘राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार’ प्रदान किए।
इस अवसर पर अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि नर्सिंग कर्मी सेवा के उच्चतम मानकों का… pic.twitter.com/3KXfr7hcPP— President of India (@rashtrapatibhvn) May 12, 2026
मानवता की सेवा और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा
पुरस्कार वितरण के दौरान राष्ट्रपति ने नर्सिंग कर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ये पेशेवर सेवा के उच्चतम मानकों का जीवंत उदाहरण हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सबसे चुनौतीपूर्ण और कठिन परिस्थितियों में भी नर्सें मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। राष्ट्रपति ने सभी विजेताओं को कर्तव्य के प्रति उनकी प्रेरणादायक निष्ठा और रोगियों की देखभाल के अथक प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह सम्मान उन स्वास्थ्य सेवा नायकों के लिए है जो करुणा और समर्पण के साथ राष्ट्र की सेवा में दिन-रात जुटे रहते हैं।
पुरस्कार का स्वरूप और सम्मान की श्रेणी
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्थापित यह पुरस्कार केंद्र और राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और स्वयंसेवी संस्थाओं में कार्यरत पंजीकृत नर्सों, दाइयों, सहायक नर्स दाइयों (एएनएम) और महिला स्वास्थ्य परिचारिकाओं के योगदान को मान्यता देता है। इस राष्ट्रीय सम्मान के तहत प्रत्येक विजेता को निम्नलिखित वस्तुएं प्रदान की गईं:
एक योग्यता प्रमाण पत्र।
एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार।
एक विशिष्ट पदक।
देशभर के विभिन्न क्षेत्रों से आए विजेता
वर्ष 2026 के इन पुरस्कारों में क्षेत्रीय विविधता और समावेशिता का विशेष ध्यान रखा गया है। कुल 15 पुरस्कार विजेताओं में 6 एएनएम और 9 नर्सें शामिल थीं। ये विजेता देश के सुदूर क्षेत्रों जैसे लद्दाख और लक्षद्वीप से लेकर महाराष्ट्र, मिजोरम, सिक्किम, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों से आए थे। इन सभी ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने और समुदाय के कल्याण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता साबित की है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य को मजबूत करने का संकल्प
समारोह में इस बात पर जोर दिया गया कि नर्सिंग पेशेवर न केवल मरीजों का इलाज करते हैं, बल्कि वे समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का भी काम करते हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि सरकार नर्सिंग शिक्षा और उनके कार्यस्थल की स्थितियों को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह पुरस्कार उन लाखों नर्सिंग कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने का काम करेगा जो गुमनाम रहकर देश की सेवा कर रहे हैं।
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