ट्रैफिक नियम तोड़ने पर सस्पेंड होगा ड्राइविंग लाइसेंस : दिल्ली में लागू हुए नए और सख्त नियम
एजेंसी, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी की सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम कसने के लिए नए नियमों को लागू कर दिया है। दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी है कि अब नियमों की अनदेखी करना चालकों को भारी पड़ सकता है। नए प्रावधानों के तहत न केवल भारी जुर्माना लगेगा, बल्कि ड्राइविंग लाइसेंस रद्द होने तक की नौबत आ सकती है। सरकार का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यातायात प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
मुख्यमंत्री श्रीमती @gupta_rekha के नेतृत्व में दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक अनुशासित और जवाबदेह बनाया जा रहा है। अब चालान मामलों के त्वरित निपटान पर जोर दिया गया है। तय समयसीमा का पालन न करने पर DL/RC सेवाओं पर रोक लग सकती है, जबकि लगातार नियम तोड़ने वालों पर सख्त… pic.twitter.com/OXlaTAy21w
— DIP – Delhi Government (@dip_delhi) May 7, 2026
45 दिनों के भीतर चालान का भुगतान करना होगा अनिवार्य
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में किए गए इन सुधारों के अनुसार, अब वाहन मालिकों को चालान कटने के 45 दिनों के भीतर उसका निपटारा करना जरूरी होगा। यदि कोई व्यक्ति इस तय समय सीमा के अंदर चालान नहीं भरता है, तो उसके ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) से संबंधित तमाम सरकारी सेवाएं अस्थाई रूप से रोक दी जाएंगी। इसका मतलब है कि समय पर जुर्माना न भरने पर आप अपनी गाड़ी या लाइसेंस से जुड़ा कोई भी जरूरी काम नहीं करा पाएंगे।
एक साल में 5 बार गलती करने पर छिन जाएगा लाइसेंस
नए नियमों में बार-बार गलती करने वालों के लिए बेहद कड़े प्रावधान हैं। अगर कोई चालक एक साल के भीतर 5 बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड कर दिया जाएगा। इसके अलावा, सरकार ने चालान को चुनौती देने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। यदि निर्धारित समय में चालान को चुनौती नहीं दी जाती है, तो उसे स्वतः ही स्वीकार मान लिया जाएगा।
ऑनलाइन और कोर्ट में चुनौती देने की सुविधा
जो लोग अपने चालान को गलत मानते हैं, उनके लिए दिल्ली सरकार ने ऑनलाइन चुनौती देने की सुविधा भी शुरू की है। चालक सबसे पहले डिजिटल माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यदि ऑनलाइन माध्यम से मामले का समाधान नहीं होता है, तो चालक के पास कोर्ट में जाकर चालान को चुनौती देने का विकल्प भी मौजूद रहेगा। इन बदलावों के माध्यम से दिल्ली सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति को और मजबूत कर रही है।
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