मई 2026 में ‘रोग पंचक’ का साया : इन 3 राशियों पर मंडरा रहा है बड़ा आर्थिक और सेहत का खतरा
एजेंसी, नई दिल्ली। हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में पंचक काल को शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है। मई 2026 में पंचक की शुरुआत 10 मई, रविवार से हो रही है। रविवार से शुरू होने के कारण इसे ‘रोग पंचक’ कहा जाता है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से काफी कष्टकारी माना गया है। यह समय विशेष रूप से 3 राशियों के लिए भारी पड़ सकता है, जिन्हें धन, कीमती वस्तुओं और स्वास्थ्य के मामले में अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रत्येक माह 5 दिनों का पंचक रहता है। 10 मई 2026, रविवार से ‘पंचक’ प्रारंभ हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र में पंचक के समय को कुछ विशेष कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है। चलिए जानते हैं कि इस पंचम का नाम क्या है और इस पंचम में कौनसे कार्य करना है वर्जित । यहाँ 10 मई से शुरू होने वाले… pic.twitter.com/iF6MP1IRqk
— Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) May 9, 2026
इन 3 राशियों के लिए समय है चुनौतीपूर्ण
वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातकों को इस दौरान अपने कीमती सामान को लेकर बहुत सावधान रहना होगा। घर में या यात्रा के दौरान कोई मूल्यवान वस्तु खोने या चोरी होने का डर है। साथ ही, सेहत में गिरावट आने के कारण बेवजह के मेडिकल खर्चों का सामना करना पड़ सकता है।
कन्या राशि: कन्या राशि वालों के लिए यह पंचक अशुभ प्रभाव लेकर आ सकता है। मोबाइल, लैपटॉप या गहनों जैसी चीजों पर खास नजर रखें, क्योंकि आपके किसी करीबी द्वारा ही चोरी की आशंका है। अचानक बिगड़ने वाली सेहत अस्पताल के चक्कर लगवा सकती है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ेगा।
मकर राशि: मकर राशि के जातकों की कोई ऐसी प्रिय वस्तु खो सकती है, जिसकी कीमत पैसों से कहीं अधिक है। लापरवाही या नशे की हालत में सामान गँवाने के योग बन रहे हैं। यात्रा करते समय अपने बैग और सामान की सुरक्षा स्वयं करें।
रोग पंचक के बुरे प्रभाव से बचने के उपाय
हनुमान चालीसा और गायत्री मंत्र का पाठ
पंचक के अशुभ असर को कम करने के लिए प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। मानसिक शांति और नकारात्मकता को दूर करने के लिए गायत्री मंत्र का जाप करना भी बेहद लाभकारी साबित होगा।
महामृत्युंजय मंत्र का जाप और कीमती सामान की सुरक्षा
शारीरिक कष्टों और बीमारियों से बचने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का सहारा लें। अपने गहने और नकदी सुरक्षित लॉकर में रखें और यात्रा के दौरान किसी भी तरह का जोखिम लेने से बचें।
दक्षिण दिशा की यात्रा से परहेज
पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो घर से निकलने से पहले हनुमान जी के मंदिर में आटे का पंचमुखी दीपक जलाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से संभावित दुर्घटनाओं और संकटों का योग टल जाता है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। stpv.live एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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