एजेंसी, तेल अवीव/तेहरान। पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात और भी गंभीर हो गए हैं। रविवार सुबह इजराइल पर ईरान ने 4 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। टाइम्स ऑफ इजराइल के हवाले से आई जानकारी के मुताबिक, इस ताजा हमले में बच्चों समेत 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इससे पहले शनिवार रात को भी ईरान ने इजराइल के डिमोना और अराद शहरों को निशाना बनाया था, जहां इजराइल का महत्वपूर्ण परमाणु ऊर्जा केंद्र स्थित है। ईरान के इन बढ़ते हमलों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए बेहद सख्त रुख अपनाया है। ट्रंप ने ईरान को साफ शब्दों में 48 घंटे का समय दिया है और कहा है कि अगर इस अवधि के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य (होर्मुज स्ट्रेट) को पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि हमले की शुरुआत ईरान के सबसे बड़े बिजली संयंत्र से की जाएगी।
दूसरी तरफ, डोनाल्ड ट्रंप की टीम के सदस्य जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ ईरान के साथ युद्ध विराम की संभावनाओं पर भी काम कर रहे हैं। एक्सियोस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन शांति वार्ता के पक्ष में है, लेकिन ईरान ने इसके लिए अपनी शर्तें रखी हैं। ईरान की मांग है कि सबसे पहले जंग रोकी जाए और उसे अब तक हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, ईरान यह गारंटी भी चाहता है कि भविष्य में उस पर दोबारा हमले नहीं होंगे। हालांकि, ट्रंप फिलहाल ईरान की इन शर्तों को मानने के मूड में नहीं हैं, विशेषकर मुआवजे की मांग पर। अमेरिका और ईरान के बीच अभी कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है, लेकिन मिस्र, कतर और ब्रिटेन जैसे देश दोनों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिका की मुख्य मांग यह है कि ईरान अपने मिसाइल कार्यक्रम और यूरेनियम संवर्धन को रोक दे, अपने परमाणु ठिकानों को बंद करे और हिजबुल्लाह व हमास जैसे संगठनों को वित्तीय मदद देना बंद करे।
The Iranian regime built close, short, and medium-range ballistic missiles at the Kuh-E Barjamali Ballistic Missile Assembly Facility. The first photo shows what the location looked like on March 1, 2026. The photo dated March 7, 2026 is what the buildings look like now. Out of… pic.twitter.com/uS5IKMNbWq
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 22, 2026
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने शनिवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर विस्तृत चर्चा की। पजशकियान का मानना है कि ब्रिक्स देशों को ईरान पर हो रहे हमलों को रोकने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रिक्स को बिना किसी बाहरी दबाव के स्वतंत्र रूप से काम करना चाहिए। ईरानी राष्ट्रपति ने यह सुझाव भी दिया कि मध्य पूर्व के देशों को मिलकर अपना एक नया सुरक्षा तंत्र विकसित करना चाहिए, जिससे इलाके में शांति बनी रहे और बाहरी देशों का हस्तक्षेप कम हो सके।
ये भी पढ़े : आईपीएल 2026 : एसआरएच के तूफानी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने दी आरसीबी को वॉर्निंग
युद्ध की आहट के बीच ब्रिटेन की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी ‘एचएमएस एंसन’ भी अरब सागर के उत्तरी हिस्से में पहुंच चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पनडुब्बी लंबी दूरी की टॉमहॉक मिसाइलों और बेहद शक्तिशाली टॉरपीडो से लैस है। यदि ब्रिटिश प्रधानमंत्री की ओर से हरी झंडी मिलती है, तो यह पनडुब्बी सतह पर आकर मिसाइल दागने में सक्षम है। ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति भी दी है ताकि होर्मुज स्ट्रेट में बाधा डालने वाली मिसाइल साइट्स को निशाना बनाया जा सके। हालांकि, ब्रिटेन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इस युद्ध में पूरी तरह शामिल नहीं होना चाहता। इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ब्रिटेन को आगाह किया है कि अमेरिका और इजराइल का साथ देने पर परिणाम और भी गंभीर हो सकते हैं।
शांति बहाली की कोशिशों के तहत तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने भी कई देशों के नेताओं से बातचीत की है। उन्होंने ईरान, मिस्र और यूरोपीय संघ की अधिकारी काजा कलास से चर्चा कर युद्ध को रोकने के रास्ते तलाशने की कोशिश की, हालांकि इस बातचीत के नतीजों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच अमेरिका ने एक और बड़ा दावा किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इसी महीने की शुरुआत में तेहरान के दक्षिण-पूर्व में स्थित ‘कुह-ए बरजमाली मिसाइल असेंबली फैसिलिटी’ को नष्ट कर दिया गया है। अमेरिका ने इस मिसाइल फैक्ट्री के हमले से पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरें भी जारी की हैं। इसके जवाब में ईरान ने फिर चेतावनी दी है कि अगर उसके ऊर्जा ढांचे को छुआ गया, तो वह पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजराइल से जुड़े सभी ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाएगा।


