दुनिया की भीषण रेल त्रासदी, मृतक संख्या 261 हुई, 1000 से अधिक यात्री घायल

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बालासोर (ओडिशा)| ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार शाम कोरोमंडल एक्सप्रेस और बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरने और मालगाड़ी से टकराने से जुड़े रेल हादसे में मृतक संख्या शनिवार को बढ़कर 261 हो गई और दुर्घटनास्थल पर बचाव अभियान पूरा हो गया है
ओडिशा ट्रेन एक्सीडेंट: मृतक संख्या 261 हुई, 1000 से अधिक घायल
ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार शाम कोरोमंडल एक्सप्रेस और बेंगलुरुहावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरने और एक मालगाड़ी से टकराने से जुड़े रेल हादसे में मृतक संख्या शनिवार को बढ़कर 261 हो गई और इस हादसे में 1000 से अधिक यात्री घायल हुए हैं.

दुनिया के भीषण रेल हादसे में से एक
बालासोर जिले के बाहानगा बाजार स्टेशन के पास शुक्रवार शाम करीब सात बजे यह हादसा हुआ. यह दुर्घटना भारतीय रेल इतिहास की सबसे भीषण दुर्घटनाओं में शामिल है.

भारतीय-रेल के इतिहास का अब तक का चौथा सबसे भीषण हादसा
ओडिशा के बालासोर जिले में शुक्रवार शाम कोरोमंडल एक्सप्रेस और बेंगलुरुहावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरने और एक मालगाड़ी से टकराने से जुड़े रेल हादसा भारतीय रेल इतिहास का अब तक का चौथा सबसे भीषण हादसा है.

मृतक-संख्या बढ़ने की आशंका
कोरोमंडल एक्सप्रेस और बेंगलुरुहावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के पटरी से उतरने और एक मालगाड़ी से टकराने से जुड़े रेल हादसे में मृतक संख्या शनिवार को बढ़कर 261 हो गई और इस हादसे में 1000 से अधिक यात्री घायल हैं, लेकिन अन्य ट्रेन के डिब्बे के उसके ऊपर गिरने के कारण धंस गया है और उसे निकाले जाने के बाद मृतक संख्या बढ़ने की आशंका है.

ऐसे-हुआ भीषण तीन ट्रेनों का हादसा
रेलवे के मुताबिक, हावड़ा जा रही 12864 बेंगलुरुहावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस के कई डिब्बे बाहानगा बाजार में पटरी से उतर गए और दूसरी पटरी पर जा गिरे. पटरी से उतरे ये डिब्बे 12841 शालीमारचेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस से टकरा गए और इसके डिब्बे भी पलट गए. चेन्नई जा रही कोरोमंडल एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतरने के बाद एक मालगाड़ी से टकरा गए, जिससे मालगाड़ी भी दुर्घटना की चपेट में आ गई. पहले कोरोमंडल एक्सप्रेस पटरी से उतरी और इसके 1012 डिब्बे बेंगलुरुहावड़ा एक्सप्रेस की पटरी पर जा गिरे.

बड़ा-बचाव कार्य, हजारों कर्मचारी जुटे
1,200 रेल कर्मियों के अलावा 200 एंबुलेंस, 50 बस और 45 सचल स्वास्थ्य इकाइयां दुर्घटनास्थल पर काम कर रही हैं. वायुसेना ने गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बाहर निकालने के लिए मेडिकल टीमों के साथ दो हेलीकॉप्टर भेजे.

ओडिशा-ट्रेन एक्सीडेंट के वीभत्स दृश्य
दुर्घटना के दृश्य इतने वीभत्स हैं कि उन्हें शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता.इस दुर्घटना के बाद रेल पटरियां लगभग पूरी तर ह से ध्वस्त हो गई हैं और रेलगाड़ियों के कुछ डिब्बे एकदूसरे पर चढ़े हुए हैं, जबकि कुछ डिब्बे टकराने के कारण पलट गए हैं.

बालासोर-जिला अस्पताल एक युद्ध क्षेत्र जैसा दिख रहा
बालासोर जिला अस्पताल एक युद्ध क्षेत्र की तरह लग रहा है, जहां घायल लोग गलियारे में स्ट्रेचर पर लेटे हुए हैं, क्योंकि कमरों में जगह नहीं है. चिकित्सा कर्मचारियों को घायल यात्रियों की मदद करने की कोशिश करते देखा गया, जिनमें से कई ओडिशा के अलावा अन्य राज्यों से हैं और बात करने की स्थिति में नहीं हैं. करीब 526 घायलों को बालासोर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

कई-मृतकों के रिश्तेदार अभी तक नहीं पहुंच पाए
हादसे का शिकार हुए कई लोगों के रिश्तेदार अभी तक शहर नहीं पहुंच पाए हैं, क्योंकि प्रमुख रेल मार्ग पर दुर्घटना के कारण कई ट्रेन को रद्द कर दिया गया है, कई के मार्ग में परिवर्तन किया गया है और कई ट्रेन देरी से चल रही हैं.

मृतकों-के परिजनों के लिए 10-10 लाख की सहायता
रेल मंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए 1010 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों के लिए दोदो लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों के लिए 5050 हजार रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है.

प्रधानमंत्री-राष्ट्रीय राहत कोष से भी मदद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष पीएमएनआरएफ से मृतकों के परिजनों के लिए दोदो लाख रुपये और घायलों के लिए 5050 हजार रुपये की अतिरिक्त अनुग्रह राशि की घोषणा की.

एम्स-भुवनेश्वर के डॉक्टर बालासोर और कटक पहुंचे
राहत अभियान में मदद के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स भुवनेश्वर के डॉक्टरों को बालासोर और कटक पहुंचे हैं. मांडविया ने ट्वीट किया, एम्स भुवनेश्वर के डॉक्टरों के दो दल राहत अभियान में मदद के लिए बालासोर में ट्रेन दुर्घटनास्थल और कटक के उस अस्पताल के लिए रवाना किए गए हैं, जहां घायलों का इलाज किया जा रहा है.

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