एजेंसी, जम्मू कश्मीर। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने दिल्ली विस्फोट को लेकर कहा कि कश्मीर की जो हमारी परेशानी थी, वह लाल किले के सामने प्रकट हो गई। क्या दिल्ली के लोगों को इसकी समझ है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि या वे यह मानते हैं कि जितना धमाका होगा, जितना हिन्दू-मुस्लिम तनाव बढ़ेगा, जितना खून-खराबा फैलेगा, उतना ध्रुवीकरण बढ़ेगा और उन्हें वोट अधिक मिलेंगे। महबूबा ने कहा कि मुझे लगता है, उन्हें इस पर दोबारा विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह देश बहुत बड़ा है। हिंदुस्तान जैसा देश, जिसे दुनिया अलग नजर से देखती है। पीडीपी प्रमुख ने कहा कि हिंदुस्तान में हिन्दू-मुस्लिम, सिख-ईसाई सभी भाईचारे से रहते आए थे, लेकिन आज जहर भरा माहौल बन गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात का असर यह है कि कश्मीर के युवा सही राह से हटकर खतरनाक दिशा में जा रहे हैं। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जो युवा गलत राह अपना रहे हैं, उनसे कहना चाहूंगी कि यह कदम उचित नहीं है। यह आपके लिए, आपके परिवार के लिए, जम्मू कश्मीर के लिए और मुल्क के लिए नुकसानदेह है। पीडीपी प्रमुख ने कहा कि यह हर दृष्टि से गलत है। महबूबा ने कहा कि आप इतने पढ़े-लिखे क्या इसलिए बने कि अपनी जान खतरे में डालो और निर्दोष लोगों की जानें लो। यह बात मुझे बहुत दुख दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2019 के बाद कश्मीर में भारी अव्यवस्था पैदा की। हर बात पर पीएसए, हर मामले में यूएनपीए लागू… सरकारी कदमों ने यहां डर का माहौल खड़ा कर दिया है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सरकार ने दुनिया से दावा किया कि कश्मीर में सब सामान्य हो गया, लेकिन कश्मीर की असली परेशानी लाल किले के सामने उजागर हो गई। गौर करने योग्य है कि दिल्ली विस्फोट का आरोपी डॉक्टर उमर कश्मीर का निवासी है। इस मामले में जांच एजेंसियों ने कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों से कई लोगों को हिरासत में लिया है।


