5 राज्यों के जनजातीय समाज को साधेगी भारतीय जनता पार्टी, मुखिया व राज्यपाल समेत कई वरिष्ठ नेता होंगे शामिल

देश/प्रदेश प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, मध्यप्रदेश। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस पर गोंडवाना साम्राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती के गढ़ जबलपुर से भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और महाराष्ट्र—इन पांच जनजातीय बहुल प्रदेशों के समुदाय को जोड़ने की नई राजनीतिक पहल कर रही है। गैरीसन मैदान में शनिवार दोपहर 12 बजे आरंभ होने वाला प्रांतीय आयोजन रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के नर्मदा ज़िले से कार्यक्रम में आभासी रूप में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ। मोहन यादव कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।

मुख्यमंत्री सहित कई विभागीय मंत्री भी रहेंगे उपस्थित
पिछले वर्ष रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं जबलपुर आए थे, वहीं गृह मंत्री अमित शाह राजा शंकर शाह–कुंवर रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर उपस्थित रहे थे। अब जनजातीय दिवस के अवसर पर प्रदेश के अनेक मंत्री भी इस समारोह में भाग लेंगे।

जनजातीय सांस्कृतिक शक्ति का बड़ा प्रदर्शन
यह आयोजन सांस्कृतिक रूप से अत्यधिक महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ पांच राज्यों के जनजातीय समाज तक संदेश पहुँचाने का प्रमुख राजनीतिक मंच माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी इसे आदिवासी अस्मिता और ऐतिहासिक गौरव को मजबूत करने की दीर्घकालिक रणनीति के रूप में देख रही है।

पड़ोसी राज्यों में राजनीतिक प्रभाव
छत्तीसगढ़—लगभग 32 प्रतिशत जनजातीय आबादी, 29 विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्यक्ष प्रभाव।
झारखंड—26 प्रतिशत से अधिक जनजातीय जनसंख्या, सत्ता परिवर्तन में निर्णायक भूमिका।
ओडिशा—करीब 23 प्रतिशत आदिवासी आबादी, कई जनपदों में बहुलता।
महाराष्ट्र—10 प्रतिशत से अधिक जनजातीय समाज, नासिक, नंदुरबार, गढ़चिरौली क्षेत्रों में सशक्त पकड़।

गोंडवाना इतिहास व जनजातीय आंदोलन का केंद्र रहा जबलपुर
जबलपुर प्राचीन समय से गोंडवाना शासन, शंकर शाह–रघुनाथ शाह तथा रानी दुर्गावती के पराक्रम का केंद्र रहा है। मंडला व डिंडौरी जिले जनजातीय बहुल हैं, जबकि सिवनी और छिंदवाड़ा में भी जनजातीय आबादी उल्लेखनीय है। यही ऐतिहासिक पृष्ठभूमि इसे राष्ट्रीय जनजातीय संदेश के लिए उपयुक्त आधार प्रदान करती है।

प्रदेश में 21 प्रतिशत जनजातीय जनसंख्या
मध्यप्रदेश में लगभग 21 प्रतिशत आदिवासी जनसंख्या निवास करती है, जो 47 विधानसभा सीटों पर निर्णायक भूमिका रखती है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र में भी इनकी महत्वपूर्ण उपस्थिति है। भाजपा इस कार्यक्रम के माध्यम से इन प्रदेशों के जनजातीय समाज तक व्यापक पहुँच बनाने का प्रयास कर रही है। पार्टी का ध्यान जनजातीय पहचान व सांस्कृतिक पुनरुत्थान के माध्यम से बड़े स्तर पर संवाद स्थापित करने पर केंद्रित है।

गैरीसन मैदान के आसपास आज यातायात व्यवस्था परिवर्तित
सदर स्थित गैरीसन मैदान में शनिवार को आयोजित समारोह के कारण पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था दिनभर परिवर्तित रहेगी। पुलिस प्रशासन ने पेंटी नाका चौक से सृजन चौक, नर्मदा क्लब और सृजन चौक से यादगार चौक तक के मार्ग को वाहन-निषेध क्षेत्र घोषित किया है। कार्यक्रम के आरंभ से अंत तक यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी।

मुख्य बदलाव और मार्ग–विचलन
डुमना से समन्वय चौक तक सभी रास्ते पूर्णतः परिवर्तित रहेंगे। मंडला दिशा से आने वाले वाहन पेंटी नाका से सदर बाज़ार होकर शहर में प्रवेश करेंगे। इलाहाबाद बैंक चौक से आने वाले वाहन डिलाइट, एम्पायर तिराहा, डिपो, मंडला क्रॉसिंग और ऑफिसर चौराहा होकर शहर की ओर जा सकेंगे। एकता मार्केट बाईपास से आने वाले भारी वाहन, यात्री बसें व मालवाहक वाहन मंगेली–तिलवारा मार्ग से शहर में प्रवेश करेंगे।

बिरसा मुंडा तिराहे पर कार्यक्रम आज
जबलपुर के अधारताल तिराहे पर अखिल भारतीय आदिवासी शबरी महासंघ के तत्वावधान में शनिवार को बिरसा मुंडा जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सुबह नौ बजे उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा और उनके जीवन–चरित्र पर प्रकाश डाला जाएगा।

Leave a Reply