हरदा में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोटों के बाद लगी भीषण आग, कई मकान भी ध्वस्त, 10 की मौत, 100 से ज्यादा घायल

प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश हरदा

हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले में संचालित एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए कई विस्फोटों के बाद लगी भीषण आग में 10 लोगों की मौत हुई है और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायल और झुलसे लोगों का इलाज जारी है। मध्य प्रदेश के हरदा जिले की बैरागढ़ बस्ती हर दिन गुलजार हुआ करती थी। मगर, मंगलवार की सुबह पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट और अग्नि कांड ने यहां की तस्वीर ही बदल दी है। फैक्ट्री सहित कई मकान मलबे में तब्दील हो चुके हैं, वाहन कबाड़ में बदल गए हैं, वहीं धुएं के गुबार उठते नजर आ रहे हैं। सफाई के लिए जेसीबी लगी हुई है। राहत और बचाव कार्य में जीवित निकले लोगों को ले जाने वाली एंबुलेंस के सायरन सुनाई पड़ रहे हैं। दरअसल, हरदा के बैरागढ़ बस्ती में वर्षों से अवैध पटाखा फैक्ट्री चल रही थी। इस फैक्ट्री में मंगलवार की सुबह एक के बाद एक कई धमाके हुए। धमाकों के बाद आग ने अपना जोर दिखाना शुरू कर दिया। आसपास के कई मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों की मानें तो धमाके इतने तेज थे कि उन्हें लगा जैसे भूकंप आया हो और जब उन्होंने बाहर आकर देखा तो उन्हें काफी दूर से आग की लपटों के बीच पटाखे फूटने का नजारा और धुएं का गुबार नजर आया।

यह सिलसिला काफी देर तक चलता रहा। हादसे के लगभग छह घंटे बाद जो तस्वीर सामने आ रही है, वह इस हादसे की भयावहता की कहानी कह रही है। हर तरफ मलबे का ढेर है, दोपहिया वाहन से लेकर चार पहिया वाहन तक कबाड़ हो गए हैं, खाने के डिब्बे से लेकर समोसा तक पड़ा है और कई स्थानों पर तो बिखरे नोट तक मिले हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है। जिस स्थान पर यह हादसा हुआ है, वहां सफाई के लिए लगभग एक दर्जन जेसीबी को लगाया गया है। यह मशीन मलबा हटाने में लगी है। मगर, जगह-जगह धुआं उठता दिखाई पड़ रहा है। पटाखा फैक्ट्री के अलावा आसपास के कई मकान पूरी तरह जमींदोज़ हो चुके हैं। यह कोई नहीं बता पा रहा है कि इन स्थानों पर कितने लोग मौजूद थे। राहत और बचाव कार्य के दौरान जो लोग बचे हैं, उन्हें एंबुलेंस की मदद से इंदौर, भोपाल, खंडवा भेजा जा रहा है। हर तरफ डरावना मंज़र है, मलबे का ढेर है, धुएं का गुबार उठ रहा है, एंबुलेंस के सायरन की आवाज सुनाई दे रही है। जेसीबी मलबे हटाने में लगी है और लोग मलबे के ढेर में अपनों को खोज रहे हैं।

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