सीएम मोहन यादव ने की महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा, योजनाओं को लाभार्थियों तक पहुँचाने के दिए निर्देश

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एजेंसी, भोपाल। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्रालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि विभाग की सभी योजनाएं और कार्यक्रम बच्चों एवं महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य, सुरक्षित भविष्य और सशक्तिकरण पर केंद्रित रहें और अधिक से अधिक पात्र लोगों तक समयबद्ध व पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम क्रियान्वयन और अनुवीक्षण में आईटी के उपयोग को अधिकतम किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बच्चों और महिलाओं से संबंधित योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकी शिक्षा, उद्योग तथा पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग के साथ मजबूत समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने लाड़ली लक्ष्मी योजना को बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी चरण पर बालिकाओं का ड्रॉपआउट न हो। ड्रॉपआउट होने की स्थिति में कारण तुरंत दूर कर उन्हें योजना में पुनः जोड़ा जाए।

बैठक में प्रस्तुत प्रमुख उपलब्धियां
– आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूरी तरह ऑनलाइन व पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने में मध्यप्रदेश देश में पहला राज्य।
– टेक होम राशन की एफआरएस प्रक्रिया में देश में प्रथम स्थान।
– स्पॉन्सरशिप योजना के तहत 20,243 बच्चों को लाभ — राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान।
– भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग मॉड्यूल विकसित।
– 20 मीटर जियो-फेंसिंग आधारित उपस्थिति प्रणाली पारदर्शिता का मॉडल बनी।
– प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 9.70 लाख महिलाओं को 512 करोड़ से अधिक राशि।
– लाड़ली बहना योजना के तहत जनवरी 2024 से नवंबर 2025 तक 36,778 करोड़ रुपये का अंतरण।
– 1,72,000 महिलाओं को महिला हेल्पलाइन से सहायता।
– वन स्टॉप सेंटरों द्वारा 52,095 महिलाओं को सुरक्षा उपलब्ध।
– 6,520 बालिकाओं को ड्राइविंग लाइसेंस और 8,637 को प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रशिक्षण।
– 12,670 केंद्र सक्षम आंगनवाड़ी घोषित।

जिलों में नवाचार
– डिंडौरी : रेवा प्रोजेक्ट के तहत बच्चों को स्वास्थ्य जांच, पोषण व स्वच्छता किट वितरण।
– अशोकनगर : हृदय अभियान के तहत पोषण सामग्री व लगातार फॉलोअप।
– देवास : किलकारी अभियान में निजी संस्थाओं की भागीदारी।
– नीमच : हमारी आंगनवाड़ी अभियान में पोषण मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका।
– दतिया : मेरा बच्चा अभियान में कुपोषित बच्चों को सक्षम व्यक्तियों द्वारा गोद लेकर फॉलोअप।

अगले 3 वर्षों की कार्ययोजना
– 2026 से शहरी आंगनवाड़ियों में सेंट्रल किचन से गर्म भोजन की व्यवस्था।
– 2047 विज़न के अनुरूप शाला पूर्व शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए वर्कबुक व विकास कार्ड।
– लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत 34 लाख से अधिक बालिकाओं को छात्रवृत्ति/प्रोत्साहन राशि भुगतान।
– 9,000 नए आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण।
– हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमन के तहत जेंडर, सुरक्षा और कानूनी सहायता पर बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम।
– बेटो बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत शाला त्यागी बालिकाओं की शिक्षा, आत्मरक्षा प्रशिक्षण व ड्राइविंग लाइसेंस की सुविधा।
– बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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