एजेंसी, नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देश में सत्य और असत्य के बीच लड़ाई जारी है और उनकी पार्टी सत्य के साथ खड़े होकर ‘आरएसएस सरकार’ को हिंदुस्तान से हटाएगी। राहुल ने यहां रामलीला मैदान में ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ मिलकर काम कर रहा है। राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के एक बयान का हवाला देते हुए कहा, ‘‘भागवत ने कहा कि विश्व सत्य को नहीं शक्ति को देखता है, जिसके पास शक्ति है उसे माना जाता है। यह विचारधारा आरएसएस की है। हमारी विचारधारा, हिंदुस्तान की विचारधारा, हिंदू धर्म की विचारधारा और दुनिया के सभी धर्मों की विचारधारा कहती है कि सत्य सबसे जरूरी हैं।
भागवत कहते हैं कि सत्य का कोई मतलब नहीं है, सत्ता जरूरी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ सत्य और असत्य के बीच लड़ाई है। हम सत्य के साथ खड़े होकर हिंदुस्तान से नरेन्द्र मोदी, अमित शाह तथा आरएसएस सरकार को हिंदुस्तान से हटाएंगे।’’ भागवत ने शनिवार को अंडमान में विराट हिंदू सम्मेलन समिति द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि वर्तमान समय में वैश्विक मान्यता को आकार देने में केवल सत्य से कहीं अधिक शक्ति का योगदान है। उन्होंने कहा था, “विश्व सत्य को नहीं, शक्ति को देखता है, जिसके पास शक्ति है, उसको मानता है…भले मन से नहीं, पर मानता जरूर है।” राहुल गांधी ने 2023 के निर्वाचन आयोग का हवाला देते हुए चेतावनी भरे लहजे में कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी आपसे (निर्वाचन आयुक्त) कहा ही है, आप हिंदुस्तान के निर्वाचन आयुक्त हो, नरेन्द्र मोदी के निर्वाचन आयुक्त नहीं हो। हम कानून बदलेंगे और आपके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।’’ उन्होंने दावा किया कि संसद में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान अमित शाह के हाथ कांप रहे थे। राहुल गांधी ने कहा, ‘‘हो सकता है इस सब में समय लगे, लेकिन हिंदुस्तान में सत्य की जीत होगी।’’ उनका कहना था, ‘‘हम सत्य और अहिंसा के साथ नरेन्द्र मोदी और अमित शाह को हराकर दिखाएंगे।’’

‘वोट चोरी’ के खिलाफ कांग्रेस की रैली को भाजपा ने बताया ‘‘घुसपैठियों’’ को बचाने की कोशिश
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ‘‘वोट चोरी’’ के मुद्दे पर कांग्रेस की रैली से पहले रविवार को आरोप लगाया कि मुख्य विपक्षी दल यह कार्यक्रम इसलिए आयोजित कर रहा है ताकि ‘‘घुसपैठियों’’ को मतदाता सूची से हटाए जाने से ‘‘बचाया जा सके।’’ सत्तारूढ़ भाजपा ने दावा किया कि कांग्रेस लोगों को गुमराह करने और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने एवं बदनाम करने की अपनी कोशिश में सफल नहीं होगी, क्योंकि पूरी दुनिया जानती है कि भारत का लोकतंत्र ‘‘बहुत मजबूत’’ है। चुनावों में ‘‘भाजपा द्वारा’’ कथित ‘‘वोट चोरी’’ के खिलाफ अपने अभियान को तेज करते हुए कांग्रेस ने रविवार को यहां रामलीला मैदान में एक रैली का आयोजन किया है। इस रैली में पार्टी के शीर्ष नेता शामिल होंगे, जिनमें महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, के. सी. वेणुगोपाल, जयराम रमेश और सचिन पायलट शामिल हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी जनसभा को संबोधित कर सकते हैं। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी भी कार्यक्रम में शामिल हो सकती हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कार्यक्रम से पहले कहा कि कांग्रेस यह रैली ऐसे समय में कर रही है, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान चुनाव सुधारों पर हुई बहस में विपक्ष के कथित “गढ़े हुए” आरोपों का बिंदुवार खंडन करके उन्हें बेनकाब कर दिया है। पात्रा ने यहां संवाददाताओं से कहा, “यह दिखाता है कि सच आपके साथ नहीं है, फिर भी आप भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस की यह रैली ‘घुसपैठियों’ को बचाने की कवायद है। कांग्रेस यही कर रही है।” उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी लोगों को गुमराह करने के साथ-साथ हमारे संवैधानिक संस्थानों का अपमान करने और उन्हें बदनाम करने की चाहे जितनी कोशिश कर ले, लेकिन पूरी दुनिया जानती है कि भारत का लोकतंत्र बहुत मजबूत है और इसे हिलाया नहीं जा सकता।” भाजपा नेता ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और राहुल गांधी को चुनौती दी कि यदि उन्हें कोई अनियमितता लगती है तो वह बिहार विधानसभा चुनाव को चुनौती दें। पात्रा ने कहा, “राहुल जी, आपके पास अभी शायद 10 दिन का समय बचा है। अगर आपको बिहार विधानसभा चुनावों की किसी भी सीट पर चुनाव प्रक्रिया में कोई अनियमितता लगती है, तो आप अब भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।”
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