एजेंसी, लातूर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा देश के पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का शुक्रवार को महाराष्ट्र के उनके गृह जिले लातूर में निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक पाटिल लंबे समय से बीमार थे और अपने निवास पर ही उन्होंने अंतिम सांस ली। वह 90 वर्ष के थे। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष सहित केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी निभाई। पाटिल लातूर से सात बार सांसद चुने गए थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने सामाजिक मंच एक्स पर लिखा कि पाटिल एक अनुभवी नेता थे जिनका सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले उनकी मुलाकात पाटिल से हुई थी। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों के लिए शक्ति की कामना की।
मुख्यमंत्री योगी ने भी व्यक्त किया शोक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पाटिल के निधन को अत्यंत दुखद बताते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने भी शोक संदेश साझा करते हुए पाटिल को एक संवेदनशील और अनुभवी नेता बताया।
शिवराज पाटिल का राजनीतिक सफर
लंबे राजनीतिक जीवन में पाटिल केंद्रीय गृहमंत्री और रक्षा मंत्री सहित कई मुख्य पदों पर रहे। उन्होंने 1991 से 1996 तक 10वीं लोकसभा के अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली। बारह अक्टूबर 1935 को जन्मे पाटिल महाराष्ट्र के लातूर से सात बार लोकसभा पहुंचे। संप्रग सरकार में उन्हें गृह और रक्षा मंत्रालय का महत्वपूर्ण कार्यभार दिया गया था।
पंजाब के राज्यपाल भी रहे
साल 2010 से 2015 तक पाटिल पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक रहे। वह 2008 के मुंबई हमलों के दौरान देश के गृहमंत्री थे। हमलों के बाद भारी आलोचना होने पर उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए पद छोड़ दिया था।
शिक्षा और निजी जीवन
पाटिल ने हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय से विज्ञान में स्नातक और बॉम्बे विश्वविद्यालय से विधि की पढ़ाई की। वह 1967 से 1969 तक लातूर नगर पालिका में कार्यरत रहे। पाटिल पंचमसाली लिंगायत समुदाय से थे। उन्होंने जून 1963 में विजया पाटिल से विवाह किया। उनके एक पुत्र और एक पुत्री हैं। वह सत्य साई बाबा के गहरे अनुयायी माने जाते थे।
संसद में दी गई श्रद्धांजलि
राज्यसभा में शुक्रवार को पूर्व गृह मंत्री और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष शिवराज पाटिल को श्रद्धांजलि दी गई। सभापति सी पी राधाकृष्णन ने उनके संसदीय योगदान को याद किया। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही अध्यक्ष ओम बिरला ने उनके निधन की जानकारी देते हुए सदन को दो मिनट का मौन रखने का निर्देश दिया। पाटिल सातवीं से 13वीं लोकसभा तक लगातार संसद सदस्य रहे और संसदीय व्यवस्था को मजबूत करने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने लातूर स्थित अपने निवास ‘देवघर’ में 90 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली।
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