विभिन्न मुद्दों को लेकर जहां विपक्ष ने मध्य प्रदेश शासन को घेरने की रणनीति की बनाई है, वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी प्रत्येक परिस्थिति का सामना करने के लिए कमर कस ली है। यही कारण है कि उन्होंने अपने कार्यकाल की पहली फिजिकल कॉन्फ्रेंस में कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों से कहा है कि प्रदेश में अधिकारी जनता के बीच संवाद और काम करने की छवि बनाएं। जनता का विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और हम सभी को यह विश्वास बनाकर रखना है। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान करें, उनके सुझावों को सुनें और जरूरत के अनुसार उस पर कार्रवाई करें। सभी अधिकारियों से कहा गया है कि कम से कम 2 दिन क्षेत्र में जरूर जाएं और रात्रि विश्राम करें। यहां एक बात समझने योग्य है। आजकल प्रत्येक मीडिया माध्यम में जहरीली दवा से बच्चों के मरने का मुद्दा छाया हुआ है। इस पर कांग्रेस सरकार को घेरने की कोशिश में लगी हुई है। इसी धार को कमजोर करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में शुरू हुई कलेक्टर, कमिश्नर, एसपी, आईजी कॉन्फ्रेंस में प्रदेश भर के आईएएस, आईपीएस अधिकारी शामिल हुए।जैसा कि देखने में आ रहा है विपक्ष की ओर से कानून व्यवस्था को लेकर भी हमने हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उसका भी तोड़ निकाला और कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि जिलों में तैनात अधिकारी अपने काम और नवाचार से अपनी पहचान स्थापित करें। किसी भी ज्वलंत मुद्दे पर अपनी पूरी क्षमता और तथ्यों के साथ अपनी बात रखें। स्थानीय जनता, जन प्रतिनिधि से शासन प्रशासन आत्मीय संवाद बनाकर रखे। यदि ईश्वर ने हमें समाज के लिए काम करने की जिम्मेदारी सौंपी है तो एक स्टूडेंट्स की तरह इस काम को बेहतर तरीके से निभाएं। हर दिन नई बातें सीखें और अपनी क्षमता और अनुभव से उसका बेहतर क्रियान्वयन करें, ताकि समाज को इसका ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके। उनका यह संबोधन एक ओर अधिकारियों को जागरूकता प्रदान करता है, तो वहीं यह संदेश भी देता है कि पुलिस प्रशासन को किसी भी दल के जन प्रतिनिधि के साथ तालमेल बनाकर काम करना है। मध्य प्रदेश शासन की छवि भोपाल से लेकर दिल्ली तक शानदार बने, इस लिहाज से मुख्यमंत्री मोहन यादवने अधिकारियों से कहा कि कलेक्टर्स ऐसा काम करें कि आने वाले समय में जिले की जनता भी उसे याद रखे। अपने कार्यकाल के दौरान एक-एक मिनट लोगों की जिंदगी और बेहतर बनाने में लगाएं। जिले में ऐसे नवाचार करें, जिसका असर लंबे समय तक दिखाई देता रहे। जिस विभाग से भी जुड़ा नवाचार हो, उसकी पूरी कार्ययोजना विभाग से भी अनुमोदित कराई जाए ताकि उसे स्थायी बनाया जा सके। कुछ शिकायतें जिला स्तर से ऐसी भी मिल रही हैं कि वरिष्ठ अधिकारी जनता से नहीं मिलते और मिलते हैं तो व्यवहार ठीक नहीं करते। उक्त समस्या का समाधान भी भविष्य में अच्छे वातावरण का निर्माण करेगा, ऐसी उम्मीद है। क्योंकि सीएम मोहन यादव ने यह भी कहा कि आम जनता से मिलने की व्यवस्था और जन सुनवाई को और बेहतर बनाएं ताकि लोगों की समस्याएं बेहतर तरीके से हल हो सकें। शासन ने जो लक्ष्य निर्धारित किए हैं, यह फील्ड अधिकारियों की मेहनत से ही प्राप्त किए जा सकते हैं। सभी अधिकारी प्रोफेशनल एप्रोच के साथ प्रोगेसिव, एनर्जेटिक और एफीशिएंट बनें। ऐसा भी नहीं है कि मुख्यमंत्री ने अकेले ही कॉन्फ्रेंस में उपस्थिति दर्ज कराई। शासन की मंशा को स्पष्ट करने के लिए अधिकारी वर्ग से मुख्य सचिव अनुराग जैन भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि हर माह 2 बार वर्चुअल कॉन्फ्रेंस होगी। जिलों का बेहतर परिणाम तभी आएगा, जब सभी स्तर के अधिकारी कर्मचारी मिलकर काम करेंगे। संवाद अच्छा होगा तो इसके परिणाम भी निकलकर आएगा। किसी भी तरह की समस्या होने पर अपने नीचे के अधिकारियों से भी चर्चा करना चाहिए। सभी अधिकारी 2 दिन क्षेत्रीय भ्रमण सेक्टोरल टूरिंग करें। रात्रि विश्राम करें और रिचार्ज होकर क्षेत्र में योजनाओं को लागू करें। उपरोक्त वातावरण को लेकर सरकारी गलियारों से सूचना मिल रही है कि अधिकारी रिचार्ज होकर अपने जिलों को लौटे हैं। इसका निकट भविष्य में अच्छा परिणाम देखने को मिल सकता है।


