‘विजय सिन्हा के दो वोटर कार्ड, उम्र भी अलग-अलग’ तेजस्वी यादव ने किया दावा तो डिप्टी सीएम ने दी सफाई

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एजेंसी, पटना। बिहार में वोटर लिस्ट का मसौदा जारी होने के बाद सियासत गर्म है। अब राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री और विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने रविवार को उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा पर दो इपिक नंबर रखने का आरोप लगाया। प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के खासमखास विजय कुमार सिन्हा का नाम दो विधानसभा बांकीपुर और लखीसराय मतदाता सूची में है। इनके पास दो ईपीआईसी है। तेजस्वी ने कहा कि ये मोदी जी के खास है। इन्होंने उम्र घोटाला भी किया है। EPIC का भी फर्जीवाड़ा भी किया है। ये हाल में हुए SIR के बाद की तस्वीर है। हालांकि तेजस्वी यादव के आरोपों पर विजय सिन्हा ने भी सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने एक जगह का वोटर आईडी निरस्त करने का आवेदन 5 अगस्त को ही दे दिया था, जैसी ही उन्हें दो ईपीआईसी के बारे में पता चला था।

दोनों कार्ड में विजय सिन्हा का उम्र भी अलग-अलग: तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने इसके सबूत दिखाते हुए कहा कि बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दो-दो विधानसभा क्षेत्र से अपना एसआईआर फॉर्म भरा। उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में भी बांकीपुर विधानसभा का जिक्र किया। लेकिन, चौंकाने वाली बात यह है कि बांकीपुर के अलावा उन्होंने लखीसराय से भी अपना फॉर्म भर दिया। इतना ही नहीं, दोनों फॉर्म में उनकी उम्र भी अलग-अलग है। एक लखीसराय का है, जिसमें उम्र 57 वर्ष और एक पटना का बांकीपुर का है, जिसमें इनकी उम्र 60 वर्ष है।

विजय सिन्हा वाले मामले की जांच करे चुनाव आयोग: तेजस्वी
उन्होंने कहा कि इन दोनों फॉर्म में उप मुख्यमंत्री ने खुद हस्ताक्षर किए होंगे। और अगर नहीं किया है तो फिर चुनाव आयोग एसआईआर में फर्जीवाड़ा कर रहा है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि कोई न कोई तो फर्जीवाड़ा किया है। चुनाव आयोग को इसकी जांच करनी चाहिए और डिप्टी सीएम को इसका जवाब देना चाहिए

तेजस्वी के आरोपों पर आया विजय सिन्हा का जवाब
तेजस्वी के आरोपों का डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने जवाब दिया है। उन्होंने बताया कि 5 अगस्त को पटना से नाम हटवाने के लिए उन्होंने बीएलओ को आवेदन किया था। विजय सिन्हा ने कहा कि, ‘हमारा बांकीपुर में पूरे परिवार का नाम था। 2024 में अपना नाम लखीसराय में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म भरा। उसी समय पटना से नाम हटाने के लिए फ़ॉर्म भरा, लेकिन नाम नहीं हटा।’ विजय सिन्हा ने कहा कि जब SIR के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के बाद मालूम पड़ा कि मेरा नाम दो जगह है, तो पटना से नाम हटवाने के लिए बीएलओ को 5 अगस्त के दिन आवेदन किया। बीएलओ को बुलाकर फ़ॉर्म भरकर रसीद भी ली गई थी।

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