एजेंसी, शिमला/रिकांगपिओ। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के कल्पा इलाके में चल रही किन्नर कैलाश यात्रा लगातार हो रही तेज बारिश और तीर्थयात्रा मार्ग को हुए भारी नुकसान के कारण अस्थायी तौर पर स्थगित कर दी गई है। कल्पा के उप-मंडल मजिस्ट्रेट अमित कलथैक के अनुसार यात्रा मार्ग के प्रमुख हिस्सों को असुरक्षित घोषित किया गया है। तेज बहाव के कारण तंगलिपी और कंगरांग की नदियों पर बने पैदल पुल बह गए हैं। बारिश के कारण रास्ते फिसलन भरे हो गए हैं और भूस्खलन की कई घटनाएँ सामने आई हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए अगली सूचना तक यात्रा रोक दी गई है। कलथैक ने कहा, “तीर्थयात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। रास्ते में मौजूद सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है और उन्हें आवश्यक सहायता दी जा रही है।” उन्होंने श्रद्धालुओं और यात्रियों से अपील करते हुए कहा कि जब तक हालात में सुधार नहीं होता और यात्रा दोबारा शुरू नहीं होती, तब तक किन्नौर कैलाश आने की योजना न बनाएँ। ज़िला प्रशासन ने क्षेत्र में पहले से मौजूद लोगों की पूरी सुरक्षा व्यवस्था का आश्वासन दिया है। अधिकारी मौसम एवं मार्ग पर कड़ी नजर रख रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्य में किन्नर कैलाश यात्रा एक महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा है। प्रशासन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मौजूदा स्थिति से निपटने और सभी संबंधित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जनता का सहयोग आवश्यक है।
आईटीबीपी ने किन्नर कैलाश यात्रा मार्ग पर 413 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला
किन्नौर। हिमाचल प्रदेश के तांगलिंग क्षेत्र में किन्नर कैलाश यात्रा मार्ग पर बादल फटने के कारण ट्रैक का बड़ा हिस्सा बह जाने से सैकड़ों यात्री फंस गए थे, लेकिन भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने समय रहते बचाव अभियान चलाकर 413 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बचा लिया। बल के प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि आईटीबीपी की 17वीं वाहिनी की टीम ने सूचना मिलते ही रस्सी आधारित ट्रैवर्स क्रॉसिंग तकनीक का प्रयोग करते हुए 413 श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया है। उन्होंंने कहा कि इस बचाव अभियान में एक अधिकारी, चार सब-ऑर्डिनेट अधिकारी और 29 अन्य रैंकों की आईटीबीपी टीम के साथ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के सदस्य भी शामिल हैं। प्रवक्ता ने बताया कि सुबह जिला प्रशासन किन्नौर को मार्ग पर यात्रियों के फंसे होने की सूचना मिली जिसके बाद आईटीबीपी और एनडीआरएफ की संयुक्त बचाव टीमें घटनास्थल पर रवाना हुईं और बचाव अभियान शुरू कर दिया। आईटीबीपी लगातार जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियों के समन्वय से राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है।


