प्रधानमंत्री मोदी

राष्ट्रीय समुद्री दिवस के विशेष अवसर समुद्री शक्ति के नायक बने प्रधानमंत्री मोदी : पुराने कानूनों को हटाकर बंदरगाहों को बनाया डिजिटल और दमदार

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। राष्ट्रीय समुद्री दिवस के विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के समुद्री विकास की एक नई और आधुनिक तस्वीर पेश की। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि किस तरह भारत अपनी प्राचीन समुद्री विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर विश्व पटल पर उभर रहा है। प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए कहा कि उनकी मेहनत ही देश के व्यापार और अर्थव्यवस्था को असली मजबूती दे रही है।

औपनिवेशिक कानूनों का खात्मा और मोदी का नया विजन

प्रधानमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि भारत ने अब गुलामी के दौर के पुराने शिपिंग कानूनों को पूरी तरह से अलविदा कह दिया है। उनके स्थान पर अब 21वीं सदी के आधुनिक और भविष्य को ध्यान में रखकर बनाए गए नए कानून लागू किए गए हैं। इन बदलावों के पीछे प्रधानमंत्री का मुख्य उद्देश्य समुद्री बोर्डों को अधिक अधिकार देना और पूरे सिस्टम को सुरक्षित बनाना है। अब बंदरगाहों का प्रबंधन पूरी तरह से डिजिटल हो चुका है, जिससे काम में तेजी और पारदर्शिता आई है।

बंदरगाहों की क्षमता में ऐतिहासिक सुधार

मैरीटाइम इंडिया विजन की उपलब्धियां गिनाते हुए प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि सरकार द्वारा शुरू की गई 150 से अधिक योजनाओं के कारण बड़े बंदरगाहों की काम करने की शक्ति अब दोगुनी हो गई है। जहाजों को अब बंदरगाहों पर ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ता और माल की लोडिंग-अनलोडिंग का समय काफी कम हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी के इन प्रयासों से न केवल व्यापार को बढ़ावा मिला है बल्कि क्रूज पर्यटन के क्षेत्र में भी देश ने लंबी छलांग लगाई है।

केंद्रीय मंत्रियों ने भी सराहा प्रधानमंत्री का नेतृत्व

इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह और नितिन गडकरी जैसे दिग्गज मंत्रियों ने भी प्रधानमंत्री के विजन का समर्थन किया। अमित शाह ने नाविकों के साहस को सलाम करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी इनका समर्पण सराहनीय है। वहीं नितिन गडकरी ने समुद्री मार्गों को देश की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार की रीढ़ बताया। मंत्रियों ने एक सुर में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत एक टिकाऊ और मजबूत समुद्री भविष्य की ओर मजबूती से बढ़ रहा है।

भविष्य का लक्ष्य और ऐतिहासिक गौरव

यह खास दिन 1919 में भारत के पहले स्वदेशी जहाज ‘एसएस लॉयल्टी’ की मुंबई से लंदन की यात्रा की याद में मनाया जाता है। आज प्रधानमंत्री मोदी के विजन 2047 के तहत इस क्षेत्र को देश की जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की योजना है कि समुद्री व्यापार के जरिए 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के सपने को सच किया जाए और आने वाले समय में लगभग 1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएं।

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