एजेंसी, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में भीषण अग्निकांड : देश की राजधानी दिल्ली के शाहदरा जनपद के अंतर्गत आने वाले विवेक विहार क्षेत्र से रविवार की भोर में एक अत्यंत दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां स्थित एक बहुमंजिला आवासीय परिसर में अचानक अत्यंत भीषण आग लग गई, जिसने कुछ ही पलों में विकराल रूप धारण कर लिया और संपूर्ण क्षेत्र में तबाही मचा दी। आग की लपटें इतनी तीव्र थीं कि उन्होंने देखते ही देखते इमारत की कई मंजिलों को अपनी चपेट में ले लिया। इस अत्यंत दर्दनाक और हृदयविदारक हादसे में अब तक एक ही परिवार के 9 नागरिकों की अकाल मृत्यु हो चुकी है, जिससे पूरे अंचल में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रशासनिक सूत्रों से प्राप्त आरंभिक विवरण के अनुसार, यह विनाशकारी घटना विवेक विहार चरण-1 में स्थित एक विशाल रिहायशी मकान में घटित हुई। आपदा नियंत्रण कक्ष को इस भीषण अग्निकांड की प्राथमिक सूचना भोर में लगभग 3:48 बजे प्राप्त हुई थी, जिसके तुरंत बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन और अग्निशमन विभाग के राहत दलों को अत्यंत तीव्र गति से घटना स्थल के लिए रवाना किया गया। बचाव दल जब मौके पर पहुंचा, तो पूरी इमारत धू-धू कर जल रही थी और भवन की दूसरी, तीसरी तथा चौथी मंजिल पूरी तरह से आग के गोले में परिवर्तित हो चुकी थी।
दिल्ली के शाहदरा में विवेक विहार इलाक़े में ज़ोरदार धमाके से इमारत में लगी भीषण आग. 9 लोगों की ज़िंदा जलकर मौत और कई लोग घायल. #delhi #fire #shahadra #vivekvihar pic.twitter.com/39U3uVQRew
— HWB News (@HWBNewsIndia) May 3, 2026
राहत और बचाव कार्य के लिए झोंका गया भारी प्रशासनिक अमला
भवन के भीतर फंसे नागरिकों के जीवन पर मंडराते संकट और स्थिति की अत्यंत संवेदनशीलता को देखते हुए अग्निशमन विभाग द्वारा तुरंत ही करीब 12 से 14 अत्याधुनिक दमकल वाहनों को कार्य में लगाया गया। इसके साथ ही, स्थानीय पुलिस बल, अपराध अन्वेषण दल, यातायात पुलिस और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की संयुक्त टीमों ने आपसी समन्वय के साथ युद्ध स्तर पर व्यापक राहत और बचाव अभियान प्रारंभ किया। अग्निशमन कर्मियों द्वारा की गई अत्यंत साहसिक और करीब 2 घंटे की निरंतर कड़ी मशक्कत के पश्चात सुबह लगभग 6:25 बजे आग की विनाशकारी लपटों पर पूरी तरह से नियंत्रण प्राप्त किया जा सका। हालांकि, अग्नि शांत होने के उपरांत भी बचाव दलों द्वारा भवन के भीतर, विशेष रूप से ऊपरी मंजिलों पर सघन खोज अभियान निरंतर जारी रखा गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मलबे के भीतर कोई अन्य असहाय नागरिक फंसा हुआ न रह जाए।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का आधिकारिक बयान और घायलों का उपचार
शाहदरा जनपद के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा ने इस संपूर्ण संवेदनशील घटनाक्रम पर प्रकाश डालते हुए बताया कि स्थानीय नियंत्रण कक्ष को सुबह लगभग 4 बजे इस भीषण अग्निकांड की आपातकालीन सूचना प्राप्त हुई थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सुरक्षा बलों की टुकड़ियों ने मोर्चा संभाल लिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि आग की विभीषिका इतनी तीव्र थी कि उसे पूरी तरह शांत करने में लगभग 2 घंटे से अधिक का समय लग गया, जिसके तत्काल बाद मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए खोजबीन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। इस अत्यंत कठिन और जोखिम भरे बचाव कार्य के दौरान राहत दलों ने अपनी जान पर खेलकर करीब 10 से 15 नागरिकों को जलती हुई इमारत से सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की। बचाए गए लोगों में से 2 नागरिकों को आंशिक चोटें आई थीं, जिन्हें तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से प्राथमिक उपचार हेतु गुरु तेग बहादुर चिकित्सालय भेजा गया, जबकि कुछ अन्य गंभीर रूप से झुलसे हुए व्यक्तियों को भी नगर के विभिन्न विशिष्ट चिकित्सालयों में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों का आंखों देखा हाल और आपदा के कारणों की विधिक जांच
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई प्रारंभिक छानबीन में इस बात की पुष्टि हुई है कि इस भयानक त्रासदी में अब तक कुल 9 नागरिकों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, हताहतों की यह संख्या भविष्य में और अधिक बढ़ सकती है क्योंकि मलबे को हटाने और आंतरिक कमरों की तलाशी का कार्य अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। घटना स्थल पर उपस्थित स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भोर के समय लगी यह आग इतनी अप्रत्याशित और भयानक थी कि सो रहे नागरिकों को संभलने अथवा सुरक्षित स्थान पर जाने का लेशमात्र भी अवसर नहीं मिल सका। संकट की उस घड़ी में अनेक नागरिकों ने अपनी जीवन रक्षा के लिए खिड़कियों से बाहर की ओर छलांग लगाने का प्रयास किया, जबकि कुछ अभागे लोग धुएं और लपटों के कारण कमरों के भीतर ही बंधक बनकर रह गए और उनका दम घुट गया। वर्तमान समय में इस विनाशकारी आग के लगने के वास्तविक और तकनीकी कारणों का पूरी तरह से पता नहीं चल पाया है, परंतु स्थानीय पुलिस प्रशासन और फोरेंसिक जांच एजेंसियां विद्युत शॉर्ट सर्किट सहित सभी संभावित विधिक पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की अत्यंत सूक्ष्मता से जांच कर रही हैं।
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