चंद्रिकाप्रसाद संतोखी

सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी के निधन से वैश्विक भारतीय समुदाय में शोक की लहर, प्रधानमंत्री मोदी ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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एजेंसी, दिल्ली/पारामरिबो। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी के देहावसान पर गहरा दुख प्रकट किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि संतोखी का जाना न केवल उनके राष्ट्र के लिए बल्कि पूरी दुनिया में फैले भारतीय मूल के लोगों के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से स्मरण किया कि संतोखी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से गहरा लगाव था। उन्होंने संस्कृत भाषा में पद की शपथ लेकर करोड़ों लोगों के हृदय में अपनी विशेष जगह बनाई थी।

प्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि उनके मित्र और सूरीनाम के पूर्व राष्ट्रपति चंद्रिकाप्रसाद संतोखी के आकस्मिक निधन की सूचना से वे अत्यंत व्यथित और दुखी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह दुखद समाचार केवल सूरीनाम के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण वैश्विक प्रवासी भारतीय समाज के लिए एक बड़ा आघात है।

अपने पुराने संस्मरणों को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने संतोखी के साथ हुई विभिन्न भेंट वार्ताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सूरीनाम के इस महान नेता की अपने देश के प्रति अटूट निष्ठा और भारत तथा सूरीनाम के बीच आपसी संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के निरंतर प्रयास उनकी हर बातचीत में स्पष्ट रूप से दिखाई देते थे।

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प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इस अत्यंत कठिन समय में वे दिवंगत नेता के परिजनों और सूरीनाम की जनता के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। उन्होंने शांति की कामना करते हुए ओम शांति लिखा। गौरतलब है कि सरसठ वर्ष की आयु में अंतिम सांस लेने वाले संतोखी वर्ष 2020 से 2025 तक सूरीनाम के राष्ट्रपति के पद पर आसीन रहे। वे सूरीनाम की प्रोग्रेसिव रिफॉर्म पार्टी के प्रमुख होने के साथ-साथ वर्ष 2005 से 2010 तक देश के न्याय मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे।

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