एजेंसी, नई दिल्ली। Digital India 11 Years : देश में डिजिटल बदलाव की दिशा में शुरू की गई केंद्र सरकार की प्रमुख पहल ‘डिजिटल इंडिया’ ने 11 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि बीते वर्षों में इस अभियान ने शासन व्यवस्था, सेवा वितरण और तकनीकी पहुंच को पूरी तरह बदलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि नवाचार और डिजिटल समाधान विकसित करने वाला प्रमुख वैश्विक केंद्र बनकर उभर रहा है।
डिजिटल इंडिया के 11 वर्षों की सफलता से भारतवर्ष को दुनियाभर में एक नई पहचान मिली है। इससे इनोवेशन और टेक्नोलॉजी को अपनाकर देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की देशवासियों की संकल्पशक्ति का पता चलता है।
विज्ञानसारथिर्यस्तु मनःप्रग्रहवान्नरः।
सोऽध्वनः पारमाप्नोति तद्विष्णोः परमं… pic.twitter.com/VhIRgvl4Jo
— Narendra Modi (@narendramodi) July 1, 2026
तकनीक को बनाया विकास और सशक्तिकरण का माध्यम
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि डिजिटल इंडिया का उद्देश्य केवल सरकारी प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाना नहीं था, बल्कि नागरिकों को तकनीक के माध्यम से अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना भी था। उनके अनुसार आज तकनीकी व्यवस्था आम नागरिकों के जीवन का हिस्सा बन चुकी है और इससे सेवाओं तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक तेज, सरल और पारदर्शी हुई है। उन्होंने कहा कि डिजिटल परिवर्तन ने प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम करने में भी बड़ी भूमिका निभाई है।
डिजिटल भुगतान और पारदर्शी व्यवस्था को मिली मजबूती
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने देश की आर्थिक गतिविधियों को नई गति दी है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था और मजबूत डिजिटल सार्वजनिक ढांचे के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाना अधिक आसान हुआ है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और प्रक्रियाओं में दक्षता आई है। डिजिटल सेवाओं के विस्तार ने सरकारी कामकाज को अधिक उत्तरदायी और नागरिक केंद्रित बनाने में योगदान दिया है।
गांवों और छोटे शहरों तक पहुंचा डिजिटल विस्तार
प्रधानमंत्री के अनुसार डिजिटल इंडिया का प्रभाव अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। देश के गांवों, दूरस्थ क्षेत्रों और छोटे शहरों तक तकनीकी पहुंच बढ़ने से नई संभावनाओं का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि आज छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवा नवाचार, उद्यम और तकनीकी समाधान विकसित करने में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। इससे देश में अवसरों का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि में दिख रहा व्यापक बदलाव
प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था के विस्तार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और व्यापार जैसे क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय परिवर्तन लाया है। शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल माध्यमों से अध्ययन के नए विकल्प उपलब्ध हुए हैं, वहीं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है। कृषि क्षेत्र में भी तकनीकी साधनों के प्रयोग से किसानों को जानकारी और सेवाएं पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित तरीके से मिलने लगी हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक सेवाओं के डिजिटलीकरण ने आम लोगों का समय और संसाधन दोनों बचाने में मदद की है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नई तकनीकों पर बढ़ रहा भारत का फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब भविष्य की तकनीकों पर तेजी से निवेश और काम कर रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अर्धचालक निर्माण और क्वांटम संगणना जैसे क्षेत्रों में देश की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में प्रगति आने वाले वर्षों में रोजगार, नवाचार और आर्थिक विकास के नए रास्ते खोलेगी। भारत वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
डिजिटल ढांचा बना विकसित भारत की नई आधारशिला
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में डिजिटल ढांचे की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। देशभर में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के विस्तार, डिजिटल सेवाओं की उपलब्धता और तकनीकी पहुंच ने भारत को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में डिजिटल परिवर्तन देश को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी तथा सक्षम बनाएगा।
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