रामकिशन गुर्जर

हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में बड़ी टूट : कार्यकारी अध्यक्ष रामकिशन गुर्जर का इस्तीफा, क्रॉस वोटिंग के आरोपों से गरमाई राजनीति

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एजेंसी, चण्डीगढ़। हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस पार्टी के भीतर मचे घमासान ने एक नया मोड़ ले लिया है। पार्टी में जारी अंदरूनी कलह और क्रॉस वोटिंग के आरोपों के बीच हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष रामकिशन गुर्जर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। सदन में नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उनके इस्तीफे की पुष्टि की है।

हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च 2026 को मतदान हुआ था। इसमें भारतीय जनता पार्टी के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर बौद्ध ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के लिए यह जीत एक बड़ी राहत लेकर आई थी, लेकिन पार्टी के ही पांच विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग करने के आरोपों ने खुशियों में खलल डाल दिया। आरोप है कि इन विधायकों ने अपनी पार्टी के उम्मीदवार के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी को वोट दिया, जिससे पार्टी के भीतर गहरा असंतोष फैल गया।

रामकिशन गुर्जर के इस्तीफे के पीछे उनकी पत्नी और नारायणगढ़ से कांग्रेस विधायक शैली चौधरी का नाम क्रॉस वोटिंग विवाद में घसीटा जाना बताया जा रहा है। गुर्जर ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और विभिन्न खबरों में उनकी पत्नी की छवि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिससे आहत होकर उन्होंने यह कदम उठाया है। चर्चा यह भी है कि शैली चौधरी जल्द ही पार्टी से अलग हो सकती हैं, हालांकि वह अभी आलाकमान के अगले कदम की प्रतीक्षा कर रही हैं। यदि पार्टी उन्हें निष्कासित करती है तो उनकी सदस्यता सुरक्षित रह सकती है, लेकिन स्वयं इस्तीफा देने पर अयोग्यता की तलवार लटक सकती है।

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इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के नागरिकों और विधायकों ने मिलकर लोकतंत्र की रक्षा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने साम-दाम-दंड-भेद और खरीद-फरोख्त के जरिए प्रजातंत्र का गला घोंटने की कोशिश की, जिसे कांग्रेस विधायकों ने नाकाम कर दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि मतगणना के दौरान कांग्रेस के चार वैध वोटों को अवैध करार दिया गया।

दूसरी ओर, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने क्रॉस वोटिंग करने वाले पांचों विधायकों के नाम उजागर होने का दावा करते हुए उनसे नैतिकता के आधार पर इस्तीफा मांगा है। उन्होंने कहा कि पार्टी इन विधायकों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करने जा रही है और उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। इस घटना ने हरियाणा कांग्रेस के भीतर की गहरी दरार को सार्वजनिक कर दिया है, जो आने वाले समय में पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

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