एजेंसी, नई दिल्ली।बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर बुधवार को एक बार फिर संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी इंडी गठबंधन के घटक दलों के सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर बुधवार को संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल कई सांसदों ने काली कमीज पहन रखी थी, तो कई ने बांह पर काली पट्टी बांध रखी थी।
सदन की कार्यवाही स्थगित
एसआईआर और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसदों ने बुधवार को लोकसभा में हंगामा किया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही आरंभ होने के करीब 10 मिनट बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा का हाल भी ऐसा ही रहा वहां की बैठक भी दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित की गई।
राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा
विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण बुधवार को राज्यसभा की बैठक शुरु होने के कुछ ही देर बाद दोपहर बारह बजे तक स्थगित कर दी गई। हंगामे की वजह से सदन में शून्यकाल नहीं हो पाया। उच्च सदन की बैठक शुरु होने पर उपसभापति हरिवंश ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद उन्होंने सूचित किया कि नियत कामकाज स्थगित कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उन्हें नियम 267 के तहत 25 नोटिस मिले हैं। हरिवंश ने बताया कि कांग्रेस के अखिलेश प्रताप सिंह, रजनी अशोक राव पाटिल, नीरज डांगी, डॉ सैयद नासिर हुसैन, रेणुका चौधरी, तृणमूल कांग्रेस के साकेत गोखले, महुआ मांझी, सुष्मिता देव, द्रमुक के तिरुचि शिवा और राष्ट्रीय जनता दल के मनोज कुमार झा सहित कुछ सदस्यों ने बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कवायद पर चर्चा करने के लिए नोटिस दिए हैं।
विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन
विपक्षी इंडी गठबंधन के घटक दलों के सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर बुधवार को संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल कई सांसदों ने काली कमीज पहन रखी थी, तो कई ने बांह पर काली पट्टी बांध रखी थी। संसद के ‘मकर द्वार’ के निकट आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई अन्य सांसद शामिल हुए। उन्होंने ‘मोदी सरकार हाय-हाय’ और ‘मोदी सरकार डाउन-डाउन’ के नारे लगाए। विपक्षी सांसदों ने यह भी कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर के विषय पर सदन में कब चर्चा होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जवाब देना चाहिए।
विशेष गहन पुनरीक्षण पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा
बीते दिनों भी लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों में प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके। एसआईआर सहित अन्य मुद्दों को लेकर सदन की कार्यवाही बाधित रही और आज भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। राज्यसभा सांसद रेणुका चौधरी ने भी स्थगन नोटिस दिया है।
कांग्रेस ने सरकार पर लगाए आरोप
कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि सरकार बिहार में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर चर्चा के लिए तैयार नहीं हुई जिसके कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बाधित हुई। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह भी कहा कि सरकार ने अब तक स्पष्ट जवाब नहीं दिया है कि पहलगाम एवं ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा तथा राज्यसभा में चर्चा कब शुरू होगी और क्या पीएम मोदी जवाब देंगे। जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”आज संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, क्योंकि मोदी सरकार ने बिहार और अन्य राज्यों में चुनाव आयोग द्वारा की जा रही वोटबंदी पर चर्चा से इनकार कर दिया। इसके अलावा, मोदी सरकार ने अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि पहलगाम-सिंदूर पर लोकसभा तथा राज्यसभा में चर्चा कब शुरू होगी और क्या प्रधानमंत्री जवाब देंगे।”
‘सरकार नहीं चाहती कि संसद चले’
संसद की कार्यवाही के बाधित होने के लिए सरकार को दोषी ठहराते हुए तृणमूल कांग्रेस डेरेक ओ’ब्रायन ने मंगलवार को कहा कि सत्तारूढ़ पक्ष वास्तविक मुद्दों पर जवाब देने से भागने की कोशिश कर रहा है। डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति जो सदन में कामकाज के बारे में फैसला करती है, की बैठक सोमवार से ‘पांच बार’ पुनर्निर्धारित की गई है। ब्रायन ने कहा, ”यह सरकार संसद से भाग रही है। वह नहीं चाहती है कि संसद चले। यही कारण है कि वे पूरे सत्र को बाधित कर रहे हैं… पिछले दो दिनों में, राज्यसभा की बीएसी की बैठक को पांच बार पुनर्निधारित किया गया है। क्या चल रहा है? यह सरकार संसद से क्यों भाग रही है?”


