
डॉ मोहन यादव को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभाले हुए अभी केवल सात आठ महीने ही हुए हैं। इस बीच उनकी कार्य प्रणाली और सक्रियता से यह स्पष्ट हो चला है कि उनके नेतृत्व में मध्य प्रदेश अब विकास की ओर तेजी से बढ़ चला है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में वर्ष 2003 से लेकर अभी तक केवल 18 महीने छोड़ दें तो भाजपा की ही सरकार बनी हुई है। इसमें कोई शक नहीं की भाजपा ने जब सरकार संभाली तब प्रदेश में विकास को लेकर स्थिति बिल्कुल ठीक नहीं थी। सड़के बद से बढ़कर हो चुकी थीं और विद्युत आपूर्ति के मामले में तो मध्य प्रदेश अंधकार के हवाले हो चुका था। ऐसे में यहां भाजपा ने हालातो को चुनौती के रूप में लिया और फिर एक के बाद एक सुधारात्मक कदम उठाए। फल स्वरुप अब इस प्रदेश को विकासशील कहा जाने लगा है। ऐसे में जब सरकार की कमान डॉक्टर मोहन यादव के हाथ आ गई है तब यह उम्मीद की जाने लगी है कि यदि यही गति काम करने की बनी रही तो हमारे प्रदेश को विकसित होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। यहां डॉक्टर मोहन यादव की कुशल रणनीति और कार्य प्रणाली पर गौर करें तो हम पाएंगे कि उन्होंने सत्ता और संगठन के स्तर पर दोनों ही मोर्चे बखूबी संभाल रखे हैं। यही वजह है कि देशभर में भले ही सत्ता पक्ष के सामने अनेक चुनौतियां खड़ी हो रही हों, लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसा नहीं है। यहां चुनाव हों या फिर प्रशासनिक कार्य प्रणाली, दोनों ही मोर्चे परप्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार सफलता के झंडे गाड़ती चली आ रही है।
उदाहरण के लिए हम एक भाजपा नेता होने के नाते उनकी राजनीतिक यात्रा पर गौर कर सकते हैं। हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव को देख सकते हैं। यह बात अपनी जगह सही है कि भाजपा की पूर्ववर्ती सरकारों ने भी चुनाव के मद्दे नजर यहां हर बार बेहतर प्रदर्शन किया है। लेकिन यह भी सत्य किसी से छुपा नहीं है कि छिंदवाड़ा लोकसभा अभी तक कमलनाथ के लिए अजेयगढ़ ही बनी रही। लेकिन अब जब प्रदेश सरकार की कमान डॉक्टर मोहन यादव के हाथ लगी तो उन्होंने न केवल छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र को भाजपा के पाले में कर दिखाया बल्कि दिग्विजय सिंह जैसे धुरंधर कांग्रेसी को हार का मजा चखा कर उन्हें अपनी कार्य प्रणाली का अवलोकन करने के लिए मजबूर कर दिया है। अभी हाल ही में जब अमरवाड़ा का उपचुनाव हुआ तब वहां भी उन्होंने अपनी राजनीति के हुनर दिखाए और इस विधानसभा सीट को भी अपनी पार्टी के पक्ष में जिताकर दिखा दिया। यही नहीं बिना रुके और बिना थके अब उन्होंने विजयपुर का रुख किया है। सभी जानते हैं कि इस विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस नेता रामनिवास रावत कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए हैं। तब उन्हें उक्त विधानसभा क्षेत्र से इस्तीफा देना पड़ गया है। जाहिर है अब यहां पर उपचुनाव होने वाले हैं। अमरवाड़ा से फ्री होकर अब डॉक्टर मोहन यादव और उनकी टीम ने विजयपुर विधानसभा क्षेत्र पर फोकस करना शुरू कर दिया है।
उम्मीद की जा रही है कि जिस प्रकार उन्होंने छिंदवाड़ा और अमरवाड़ा पर जीत हासिल की है, उसी प्रकार विजयपुर में भी वे इसी प्रकार का चमत्कार करने जा रहे हैं। अब बारी आई है शासकीय स्तर पर सरकार के उत्कृष्ट प्रदर्शन की तो इस मोर्चे पर भी डॉक्टर मोहन यादव एक के बाद एक विकास के पक्ष में कदम उठाते दिखाई दे रहे हैं। उदाहरण के लिए उद्योगपतियों के साथ उनके द्वारा वार्ता किया जाना और उन्हें मध्य प्रदेश में भारी भरकम निवेश के लिए राजी करना उनकी बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। उनकी इस कार्य प्रणाली से न केवल प्रदेश में उद्योग धंधे बढ़ेंगे बल्कि उनसे हमारे प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को भी लाभ मिलेगा। नए उद्योग खुलने से जहां रोजगार बढ़ेंगे वहीं प्राइवेट सेक्टर में नौकरियां की पैदावार भी देखने को मिलेगी। उद्योग व्यापार बढ़ने से सरकारी राजस्व भी नई ऊंचाइयों को छूने जा रहा है।
इसी के साथ डॉक्टर मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को फिल्मों की दृष्टि से और अधिक उन्नत बनाने का निर्णय ले लिया है। यही वजह है कि उनके नेतृत्व में सिनेमा हॉलों को लेकर अनेक निर्णय लिए जाने की तैयारी कर ली गई है। पता चला है कि अब सरकार पुराने बंद पड़े सिनेमा हालों को चालू करने के लिए और नए सिनेमा हॉल बनाने के लिए, इसी के साथ मल्टीप्लेक्स स्क्रीन निर्माण हेतु भी अनुदान राशि देने की योजना बनाने पर काम कर रही है।
इससे जहां बंद पड़े सिनेमाघर दोबारा शुरू होंगे, जो चालू है उनका और अधिक उन्नयन होगा तथा नए मल्टीप्लेक्स भी सिनेमा प्रदर्शन को लेकर दर्शकों को नई सुविधा देंगे। इसी के साथ मध्य प्रदेश को फिल्मों की शूटिंग के लिए और अधिक अनुकूल बनाए जाने पर विचार विमर्श तेज होने वाला है। इससे फिल्म निर्माताओं को अनेक सुविधाएं मध्य प्रदेश में और मिलने जा रही हैं। फल स्वरुप यहां जब फिल्मों का निर्माण बढ़ेगा तो इससे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश की बेहद आक्रामक ब्रांडिंग होने के अवसर पैदा होने जा रहे हैं। इससे मध्य प्रदेश में पर्यटन उद्योग के और अधिक फायदेमंद होने के संभावनाएं स्पष्ट दिखाई देने लगी है। जिस प्रकार फिल्म निर्माण के चलते मुंबई सपनों की दुनिया के रूप में स्थापित हो पाई। अब यही भविष्य मध्य प्रदेश में गढ़ने की तैयारी है। सबसे बड़ी बात यह है कि मध्य प्रदेश में फिल्म निर्माण बढ़ने से यहां के स्थानीय कलाकारों को रोजगार का बड़ा क्षेत्र उपलब्ध होने जा रहा है। जहां तक शिक्षा की बात है तो इस ओर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पीएम श्री स्कूल तथा पीएम कॉलेज आफ एक्सीलेंस पर विशेष फोकस बनाए हुए हैं। इससे केवल प्राथमिक और माध्यमिक ही नहीं उच्च स्तरीय शिक्षा को भी उत्कृष्ट बनाया जा सकेगा।
इस बारे में बीते रोज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी के माध्यम से सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया। जैसा कि सभी जानते हैं आजकल बारिश का मौसम है और इस दौरान पौधारोपण बहुत प्रमुख कार्य हो जाता है। इसे लेकर भी मुख्यमंत्री ने एक पेड़ मां के नाम योजना को बहुत प्रमुखता से लिया है, जो कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पर्यावरण हित में प्रस्तुत की गई है। इससे एक और केंद्रीय योजना के मूर्त होने में सकारात्मक परिस्थितियों बनेंगी, वहीं मध्य प्रदेश का पर्यावरण और अधिक अनुकूलता प्राप्त कर सकेगा।
उल्लेखनीय है कि इस कार्य को स्वयं मुख्यमंत्री मॉनिटरिंग कर रहे हैं तो यह उम्मीद की जा रही है कि आइंदा रोपे गए पौधों की और अधिक चिंता होगी तथा उनमें से अधिकांश पौधे जीवित बचाए जा सकेंगे। जनसाधारण उन्हें विकसित वृक्षों के रूप में देख पाएगा। लिखने का आशय यह कि जिन डॉक्टर मोहन यादव को विपक्ष नौसिखिया मुख्यमंत्री के रूप में देख रहा था और यह आशंकाएं व्यक्त कर रहा था कि वे ज्यादा दिन तक नहीं चल पाएंगे। लेकिन मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने अपनी कार्य प्रणाली के माध्यम से विरोधियों के मुख पर भी ताले जड़ दिए हैं।
यह भी इसलिए संभव हो पाया क्योंकि शासकीय पद पर मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव का यह कोई नया अनुभव नहीं है। इसके पहले भी वे मध्य प्रदेश शासन की कैबिनेट में महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री पद संभालते रहे हैं। जैसा कि सभी जानते हैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसी संस्था में जो व्यक्ति कार्य कर पाता है वह हमेशा हमेशा के लिए देश की सेवा हेतु दृढ़ संकल्प हो ही जाता है। इसी के साथ-साथ संघ अथवा संघ के बाहर स्वयंसेवक को कोई अन्य जवाब देही सौंपी जाती है तो ऐसा करने से पहले उसे उक्त कार्य के लिए पूरी तरह से प्रशिक्षित कर योग्य भी बनाया जाता है। डॉक्टर मोहन यादव इन सभी कसौटियों पर खरे साबित होते हुए मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे हैं। तो फिर यह स्पष्ट हो जाता है कि जिस प्रकार देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से दीक्षित और प्रशिक्षित होकर अपनी योग्यता वैश्विक स्तर पर साबित कर दिखाई है, उसी प्रकार डॉक्टर मोहन यादव भी मध्य प्रदेश में अपने समर्पण युक्त विकास कार्यों के माध्यम से एक नई यश कीर्ति के भागी बनने जा रहे हैं।


