न्यूयॉर्क : अमेरिका के न्यूयॉर्क में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क की मुलाकात हुई। मुलाकात के बाद एलन मस्क ने बताया कि वो अगले साल भारत आने की योजना बना रहे हैं और उनकी कंपनी टेस्ला भी भारत में निवेश करेगी। इस घोषणा का असर शेयर मार्केट पर भी पड़ा और एलन मस्क की कंपनी टेस्ला इंक के शेयर मंगलवार को कारोबार खत्म होने पर 5.34 फीसदी चढ़कर बंद हुए। शेयरों में आए उछाल की वजह से बीते 24 घंटे में एलन मस्क की नेटवर्थ 9.95 अरब डॉलर बढ़ गई। लेकिन अगर ये कंपनी भारत आती है, तो देश को भी इसका फायदा मिल सकता है।
एलन मस्क के नेटवर्थ में उछाल
दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला के भारत में निवेश की संभावनाओं से ही बाजार में हलचल मच गई और टेस्ला से शेयर बिकने बंद हो गये। इस वजह से उसके शेयरों की कीमत में 5 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ। ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक, संपत्ति में हुए इस इजाफे के चलते एलन मस्क की नेट वर्थ अब बढ़कर 243 अरब डॉलर हो गई है। नेटवर्थ में आए इस उछाल के बाद अब मस्क दुनिया के दूसरे सबसे अमीर इंसान फ्रांस के अरबपति बर्नार्ड अर्नाल्ट से बहुत आगे निकल गए हैं। दोनों अरबपतियों की नेटवर्थ में 46 अरब डॉलर का फासला हो गया है।
ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद ये साफ हो गया है कि टेस्ला कंपनी और भारत सरकार के बीच किसी समझौते पर पहुंचने की अच्छी गुंजाइश बन रही है। एलन मस्क ने कहा कि इंडिया में सस्टेनेबल एनर्जी के लिए बहुत ज्यादा संभावनाएं हैं। इनमें सोलर पावर, स्टेशनरी बैटरी पैक और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह इंडिया में स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सर्विसेज की भी शुरुआत करेंगे। भारत सरकार लंबे समय से देश में ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों से जुड़ी तकनीक लाने के प्रयास कर रही है। ऐसे में टेस्ला के भारत में निवेश से ऐसे स्रोतों में वृद्धि होगी और बैटरी के लिए चीन पर हमारी निर्भरता कम होगी।
स्टारलिंक से फायदा
एलन मस्क स्टारलिंक को भी भारत में लाने की योजना बना रहे हैं। आपको बता दें कि स्टारलिंक, एक सेटेलाइट इंटरनेट ग्रुप है, जिसे वैश्विक ब्रॉडबैंड कवरेज प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस नेटवर्क में हजारों छोटे सेटेलाइट शामिल हैं जो अपेक्षाकृत कम ऊंचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए एक साथ काम कर रहे हैं। इसकी वजह से दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में तेज़ और विश्वसनीय इंटरनेट सेवाएं प्रदान की जा सकती है। मस्क की कंपनी फिलहाल 56 से ज्यादा देशों में सेटेलाइट इंटरनेट एक्सेस कवरेज प्रदान करती है। भारत के कम बुनियादी ढांचेवाले दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ये विकास का वाहक बन सकता है।


