मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले : किसानों की आय बढ़ाने से लेकर नई रेल लाइन प्रोजेक्ट को मंजूरी

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नई दिल्ली| केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग में कई बड़े फैसले लिए गए। जिसमें इंदौर- मनमाड रेल प्रोजेक्ट सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है, जिसकी कुल लागत 18,036 करोड़ रुपए है। प्रोजेक्ट पूरा होने पर इंदौर और मनमाड के बीच प्रस्तावित नई लाइन सीधी कनेक्टिविटी की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा दूसरा फैसला किसानों के जीवन को बेहतर बनाने और उनकी आय बढ़ाने से जुड़ा है। इसके तहत केंद्र कृषि तंत्र और किसानों को मजबूती देने के लिए डिजिटल कृषि मिशन को बढ़ावा देगा।

इंदौर- मनमाड रेल लाइन को मंजूरी

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने रेल मंत्रालय के तहत कुल लागत के साथ नई रेलवे लाइन परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट की लागत लगभग 18,036 करोड़ रुपए है। इंदौर और मनमाड के बीच प्रस्तावित नई लाइन सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

किसानों के लिए बड़े फैसले

कैबिनेट बैठक में किसानों के जीवन को बेहतर बनाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए 7 बड़े फैसले लिए गए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए कहा, “केंद्र के पहले फैसले डिजिटल कृषि मिशन है, जिसे सार्वजनिक इंफ्रस्टक्चर की तर्ज पर विकासित करने का लक्ष्य है। इसके लिए कुछ अच्छे पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत 2,817 करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ डिजिटल कृषि मिशन शुरू किया जाएगा।” केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा, “दूसरा फैसला खाद्य और पोषण सुरक्षा से जुड़ा है। हम अपने किसानों, अपने कृषि समुदाय को जलवायु-लचीले फसल विज्ञान और 2047 के लिए खाद्य सुरक्षा और पोषण सुरक्षा के लिए कैसे तैयार करें। इसे ध्यान में रखते हुए इस कार्यक्रम के लिए 6 स्तंभ स्थापित किए गए हैं जो 3,979 करोड़ रुपये की लागत से किए जाएंगे।”

नई रेलवे लाइन को लेकर खास बातें-

– इंदौर मनमाड रेलवे लाइन मुंबई और इंदौर के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूती देने साथ यात्रा का समय भी बचाएगी, जिसकी लंबाई 309 किलोमीटर होगी।
-परियोजना सबसे छोटे रेल मार्ग के माध्यम से वाणिज्यिक केंद्रों मुंबई और इंदौर को जोड़ने के अलावा, महाराष्ट्र के 2 जिलों और मध्य प्रदेश के 4 जिलों से गुजरते हुए महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के असंबद्ध क्षेत्रों को भी जोड़ेगी।
-परियोजना की कुल लागत ₹ 18,036 करोड़ है और 2028-29 तक पूरी हो जाएगी।
-परियोजना निर्माण के दौरान लगभग 102 लाख मानव दिवसों का प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करेगी।

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