यह बात किसी से छुपी नहीं है कि अनेक राज्यों और देशों की अर्थ व्यवस्था केवल और केवल पर्यटन से चल रही है। यही भी स्थापित सत्य ही है कि ऐसे देशों ने पर्यटन को व्यापक स्तर पर उद्योग का ही रूप दे दिया है। जिसके चलते देशी विदेशी पर्यटकों को वहां के घूमने फिरने योग्य स्थानों की ओर आकृष्ट किया जाता है। इसके लिए प्रचार और प्रसार हेतु बकायदा करोड़ों रूपयों के विज्ञापन भी प्रकाशित कराए जाते हैं। पर्यटक स्थलों के बारे में अधिक से अधिक लोगों का पता चल सके, इसके लिए प्रचार के अन्य विकल्प भी अपनाए जाते हैं।लेकिन वो देश और प्रदेश बड़े सौभाग्यशाली होते हैं, जिनके यहां पर पर्यटन के साथ साथ उद्योगों की स्थापना की व्यापक संभावनाएं मौजूद हों। भारत का हृदय प्रदेश कहा जाने वाला हमारा मध्य प्रदेश भी अनेक संभावनाओं वाला सूबा है। इस बात को प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बेहतर तरीके से समझा है। उन्होंने एक ओर अपने राज्य में पर्यटकों को और अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, वहीं उत्तराखंड की तरह मध्य प्रदेश में भी मौजमस्ती करने आने वालों को हैलीकॉप्टर सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी के तहत उन्होंने बताया है कि जैसे उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हवाई यात्रा की सुविधाएं उपलब्ध हैं, उन संभावनाओं को मध्य प्रदेश में भी तलाश जा रहा है। उन पर्यटन स्थलों की सूची बनाई जा रही है, जहां पर यात्रियों को हवाई यात्रा के माध्यम से उनकी यात्रा को और सुगम तथा रोमांचक बनाया जा सके। इस योजना के लागू होने की संभावनाएं इसलिए भी प्रबल हैं, क्यों कि श्री यादव न खुलासा किया है कि इस सेवा के लिए सरकार और स्थानीय प्रशासकों द्वारा टेंडर भी मंगाए गए हैं। यहां स्पष्ट कर दें कि ये सभी घोषणाएं उन्होंने राजधानी में आयोजित राज्य स्तरीय ग्रामीण रंग पर्यटन संग कार्यक्रम के दौरान कही। यहां एक बात बता दें कि डॉक्टर मोहन यादव की व्यक्तिगत दिलचस्पी के चलते पर्यटन स्थलों के आसपास के गांवों में अब यात्रियों को ठहरने के लिए स्थानीय लोगों के घरों में ही एकदम घरेलू व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इससे एक तो बाहर से आने वाले यात्रियों को घर के बाहर एकदम घर जैसा सुरक्षित माहौल मिलेगा और दूसरी ओर ग्रामीण लोगों को रोजगार के नए रास्ते प्राप्त होंगे। यानि यात्रियों को भरोसेमंद और सुविधाजनक ठहरने का ठिकाना मिलेगा और स्थानीय लोगों की आर्थिक हालात भी सुधरेगी। ज्ञातव्य हो कि हमारे देश में अतिथियों की आवभगत को देवताओं की सेवा के समान माना गया है। हमारी सरकार ने भी स्थानीय लोगों से इसी भाव के साथ यात्रियों की सेवा करने का आवहान किया है। ताकि आने वालों को भारतीय संस्कृति के अपनेपन का अहसास हो और वे अपने घरों को लौटकर यहां की मेहमाननवाजी का जिक्र सकारात्मक रूप से करें। इससे राज्य के पर्यटन मे नितदिन वृद्धि होगी और हमारी साख में भी इजाफा होगा। ये तो हो गई पर्यटन की बात, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार केवल यहीं तक संभावनाओं को सीमित रखना नहीं चाहती। उसने उद्योग क्षेत्र को भी और ज्यादा व्यापक तथा मजबूत बनाने का खाका तैयार कर रखा है। मुख्यमंत्री की इसी मंशा के चलते राजधानी भोपाल में वृहद स्तर पर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की गई थी। उसके बाद अब लगभग राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में भी इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की जा रही हैं। इसी श्रंखला में अब अंतर्राराष्ट्रीय सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग दिवस पर रतलाम में रीजनल इंडस्ट्री स्किल एंड एम्पलॉयमेंट कॉन्क्लेब एम पी राईज 2025 का आयोजन किया जा रा है। खास बात ये है कि इस आयोजन में क्षेत्रीय निवेशकों के साथ साथ बाहर के लोगों को भी आमंत्रित किया गया है। उन्हें ये आश्वस्त किया जाना है कि वे मध्य प्रदेश में निवेश करें, सरकार हर कदम पर उनका सहयोग करेगी और जिन उद्योंगों पर अनुदान दिया जाना संभव है या दिया जा सकता है उन्हें आर्थिक स्तर पर भी सहयोग किया जाएगा। यदि सूत्रों द्वारा प्राप्त सूचनाओं पर भरोसा करें तो इस समिट में अनेक एमओयू भी हस्ताक्षरित होने जा रहे हैं। फलस्वरूप जल्दी ही अनेक औद्यौगिक इकाइयों को जमीनी आकार लेते देखा जा सकेगा। इससे एक ओर प्रदेश सरकार को भारी राजस्व प्राप्त होगा, जिससे जनहित के विकास कार्य और तेजी से अंजाम दिए जा सकेंगे। वहीं दूसरी ओर नए कारखाने स्थापित होने से युवाओं को वृहद स्तर पर रोजगार भी मिलने जा रहा है।सुखद समाचार ये है कि केवल रतलाम के लोगों को ही ये सुनहरा अवसर नहीं मिल रहा, बल्कि अन्य जिलों संभागों के तहत भी कुछ ऐसे ही आयोजन कराए जा रहे हैं। इनमें छिन्दवाड़ा, सतना और मुरेना के ना शामिल हैं, जहां पर इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की जाने वाली हैं।


